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सोमवार, जून 14, 2021
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टाटा मोटर्स व कमिंस में माह के अंतिम में 2 दिन का हो सकता है ब्लॉक क्लोजर, ब्रेक्स इंडिया समेत कई कंपनियों में बंदी जैसे हालात

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जमशेदपुर : टाटा मोटर्स व टाटा कमिंस में इस माह के अंत में एक बार फिर से ब्लॉक क्लोजर हो सकता है. चर्चा है कि दोनों ही कंपनियों में 30 अगस्त, शुक्रवार से ब्लॉक क्लोजर घोषित किया जा सकता है. टाटा मोटर्स में जहां 30 अगस्त, शुक्रवार व 31 अगस्त, शनिवार को ब्लॉक क्लोजर लिया जा सकता है. वहीं रविवार सार्वजनिक अवकाश रहेगा. कंपनी 2 सितंबर, सोमवार को खुल सकती है, जबकि टाटा कमिंस में 2 अगस्त, शुक्रवार को ब्लॉक क्लोजर हो सकता है. वहीं शनिवार को फ्लेक्सी ऑफ रहेगा. यहां भी रविवार, सार्वजनिक अवकाश रहेगा. कंपनी 2 सितंबर, सोमवार को खुलेगी. हालांकि, प्रबंधन व यूनियन इस संबंध में कुछ भी कहने से बचते रहे.

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ब्रेक्स इंडिया समेत कई औद्योगिक इकाईयों में बंदी जैसे हालात
मंदी को लेकर ऑटोमोबाइल सेक्टर में त्राहिमाम जैसे हालात है. गाड़ियां बनाने वाली कंपनी टाटा मोटर्स समेत अन्य सारी कंपनियों में संकट है और लगातार ब्लॉक क्लोजर चल रहा है. लगातार उत्पादन में गिरावट हो रही है. खास तौर पर टाटा मोटर्स पर निर्भर करने वाली कंपनियों का हाल बुरा है. टाटा मोटर्स के वर्कऑर्डर के बलबूते कारोबार करने वाली आदित्यपुर इंडस्ट्रियल एरिया की कई कंपनियों में बंदी की स्थिति है. गोविंदपुर से जुलाई माह में गम्हरिया में शिफ्ट हुए ब्रेक्स इंडिया उनमें से एक है. पिछले 1 माह में यह कंपनी 12 दिन ब्लॉक क्लोजर ले चुकी है. बाकी दिनों में यहां 150 से करीब 300 तक प्रतिदिन टाटा मोटर्स के वाहनों के लिए ब्रेक्स बनाए जा रहे हैं. टाटा मोटर्स में जब पूरी रफ्तार में कार्य हो रहे थे, उस समय ब्रेक्स इंडिया में करीब 5000 से ज्यादा ब्रेक्स बनाए जा रहे थे. अब यह बात बीते दिनों की हो चुकी है. कंपनी के मैनेजर राजीव कुमार ने बताया कि इस मंदी में भी हम अपने कर्मचारियों की छंटनी नहीं करते हैं. हां ब्लॉक क्लोजर के दौरान बैठे कर्मचारियों को नियमानुसार आधे दिन का वेतन दिया जाता है. उन्होंने उम्मीद जाहिर की है कि अगले माह टाटा मोटर्स में पांच हजार से ज्यादा वाहन बनने की सूचना से वे लोग उत्साहित हैं. यह लक्ष्य पर ब्रेक्स इंडिया कंपनी में 15 दिन से ज्यादा लगातार कार्य मिल सकते हैं.

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कंपनी की प्रोडक्शन क्षमता हुई दोगुना
ब्रेक्स इंडिया के मैनेजर राजीव कुमार ने बताया कि गोविंदपुर-आसनबनी रोड में स्थित ब्रेक्स इंडिया का गम्हरिया में शिफ्ट होने का मुख्य कारण कंपनी के क्षमता का विस्तार करना है. जहां गोविंदपुर में 60,000 प्रतिमाह ब्रेक्स बनाए जाते थे. वही गम्हरिया में इसे विस्तार देते हुए 1,20, 000 प्रतिमाह हो गया है. उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में टाटा मोटर्स में बेहतर उत्पादन का लाभ ब्रेक्स इंडिया को मिलेगा.

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