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Adityapur : आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र की बदहाली दूर करने को लेकर एक्शन में आये उपायुक्त, सिवरेज एवं जलापूर्ति योजना की प्रगति की समीक्षा की, सात दिन से एक महीने के अंदर में गड्ढों व सड़कों को दुरुस्त करने का निर्देश

आदित्यपुर : बीते 16 जून को राज्य के मंत्री सह स्थानीय विधायक चंपई सोरेन के निर्देश के बाद नर्क में तब्दील हो चुके आदित्यपुर नगर निगम की दुर्दशा को दुरूस्त कराने की जिम्मेवारी अब जिला प्रशासन ने संभाल लिया है. शनिवार को जिले के उपायुक्त अरवा राजकमल ने आदित्यपुर सिवरेज एवं जलापूर्ति योजना के प्रगति की समीक्षा करते हुए एक सात दिन से एक महीने के भीतर सारे गड्ढों को दुरूस्त करने का सख्त निर्देष संवेदको को जारी कर दिया है. समीक्षा बैठक में सापुरजी पालनजी की ओर से बाला अंकैय्या द्वारा बताया गया कि अगले तीन महीने में सभी सड़कों को दुरुस्त कर लिया जाएगा, इसपर आपत्ति जताते हुए ‌उपायुक्त के द्वारा स्पष्ट आदेश दिया गया कि अगले एक महीने में अबतक शुरू किए गए और निर्माणाधीन सभी सीवर लाइन का कार्य पूर्ण करना सुनिश्चित करें. वहीं अगले सात दिनों में 4.5 किलोमीटर का रोड रेस्टोरेशन और एक माह में पूरी तरह पूरे आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में पैदल और वाहन चलने लायक करना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. वहीं जिंदल की ओर से प्रोजेक्ट हेड कृपाशंकर सिंह द्वारा योजना की प्रगति के विषय में जानकारी दी गई जिसे सिरे से खारीज करते हुए युद्ध स्तर पर कार्य करने एवं औद्योगिक क्षेत्र सहित रिहायशी इलाकों में सड़कों के किनारे जमा किए गए मिट्टी को तत्काल हटाकर रोड रेस्टोरेशन करने का निर्देश उपायुक्त ने दिया. (नीचे भी पढ़ें)

जिंदल की ओर से बताया गया कि वर्तमान में कुल 8.45 किलोमीटर रोड का रेस्टोरेशन बाकी है, अगले सात दिन में उन्हें 2.5 किलोमीटर और एक माह में 8.45 किलोमीटर सड़क को पूरी तरह दुरूस्त करने का निर्देश दिया गया. उपायुक्त के द्वारा इन योजनाओं की जांच और कार्रवाई के बिंदु पर स्पष्ट किया गया, कि जिला स्तर से मंत्री महोदय के निर्देश के आलोक में एक जांच कमिटी का गठन किया गया है जिसमें प्रशासनिक अधिकारी और अभियंता शामिल हैं. इस कमिटी में दंडाधिकारी की शक्ति प्राप्त पदाधिकारी को भी शामिल किया गया है ताकि एजेंसी द्वारा कोई ग़लत प्रतिवेदन या असुरक्षित तरीके से कार्य पूरा करने का प्रयास किया जाता है, तो विधि सम्मत कानूनी कार्रवाई की जा सके. वहीं उपायुक्त द्वार सभी एजेंसियों के पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया, कि ‌प्रत्येक दिन कार्य की प्रगति से संबंधित वार्ड और लोकेशन वार तथा समय और तिथि सहित कार्य स्थल के फोटो ग्रुप में भेजना सुनिश्चित करेंगे. गहन समीक्षा करने के उद्देश्य से आदित्यपुर सिवरेज एवं जलापूर्ति योजना से संबंधित ग्रुप को उपायुक्त ने तत्काल ज्वाइन कर लिया ताकि प्रति दिन की गतिविधियों और प्रगति से अवगत होते रहें. दोनों एजेंसियों को निर्देश दिया गया कि जिसे भी श्रमिकों की सेवा मिलने में कठिनाई हो अविलंब अपर नगर आयुक्त आदित्यपुर नगर निगम से सम्पर्क स्थापित कर मुख्यमंत्री श्रमिक योजना में निबंधित श्रमिकों की सेवा प्राप्त कर सकता है. (नीचे भी पढ़ें)

वहीं उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि हर हाल में नागरिकों की सुविधा के लिए आधारभूत संरचना को दुरुस्त करना सुनिश्चित करना होगा वहीं उपायुक्त ने साफ कर दिया है कि अगले शनिवार को फिर से इसकी समीक्षा होगी जहां अपेक्षित सुधार दिखना चाहिए और नागरिक सुविधा लगातार दुरूस्त दिखना चाहिए. वहीं शनिवार को चले इस समीक्षा बैठक में एजेंसियों द्वार बारी- बारी से उनके कार्य में आने वाली बाधाओं पर भी चर्चा की गई. आईएसपीएस- 5 सीवरेज परियोजना के लिए फॉरेस्ट क्लीयरेंस पर चर्चा के क्रम में बताया गया कि प्रस्ताव उच्च स्तर पर प्रक्रियाधीन है. इसी तरह जलापूर्ति योजना के लिए 60 एमएलडी डब्लूटीपी सापड़ा और 30 एमएलडी डब्लूटीपी सीतारामपुर के लिए फौरेस्ट क्लियरेंस के लिए संसोधित प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है जिसे शीघ्र ही सबमिट कर दिया जाएगा. इस समीक्षा बैठक में वन प्रमंडल पदाधिकारी सरायकेला- खरसावां, अपर नगर आयुक्त आदित्यपुर नगर निगम, अपर उपायुक्त सरायकेला- खरसावां, अंचल अधिकारी गम्हरिया, जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी, गोपनीय पदाधिकारी उपायुक्त कार्यालय सरायकेला- खरसावां के साथ एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित थे.

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