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adityapur-परिवार की सुरक्षा, अपराधियों की गिरफ्तारी, फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और उचित मुआवज़ा के लिखित आश्वासन के बाद सड़क जाम हटा

राशिफल


सरायकेला: सरायकेला- खरसावां जिला के आदित्यपुर थाना अंतर्गत एस टाईप चौक के समीप हुए बुधवार तड़के ईटा- गिट्टी- बालू सप्लायर कारोबारी सुजय नंदी हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर स्थानीय लोगों ने टाटा- कांड्रा मुख्य सड़क जाम कर दिया. उधर सड़क जाम का नेतृत्व कर रहे आदित्यपुर नगर निगम के डिप्टी मेयर अमित सिंह को आदित्यपुर थाना पुलिस ने आक्रोशित लोगों को समझाने के लिए हिरासत में लिया, बावजूद इसके लोग सड़क पर डटे रहे. लगभग दो घंटे तक टाटा- कांड्रा मुख्य मार्ग जाम रहा. हालांकि परिवार को सुरक्षा, 24 घण्टे के भीतर अपराधियों की गिरफ्तारी, फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर अपराधियों को सजा दिलाने और परिवार को उचित मुआवज़ा के लिखित आश्वासन के बाद सड़क जाम हटाया गया.

पुलिस की लापरवाही से अपराधी भागने में सफल रहे: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बुधवार सुबह लगभग 8:00 बजे एक मोटरसाइकिल पर सवार दो अपराध कर्मी एस टाइप चौक पहुंचे. जहां सुजय नंदी अपने घर के बाहर चाय पी रहा था. इसी दौरान अपराधियों ने उसके सर पर गोली मार दी. स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में सुजय नंदी को टीएमएच पहुंचाया. जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. बताया जाता है, कि घटना को अंजाम देने के बाद भागने के क्रम में अपराधियों को स्थानीय लोगों ने धर दबोचा. जिस जगह घटना हुई वहां 24 घंटे पुलिस की तैनाती रहती है. घटना की सूचना मिलते ही, पुलिस पेट्रोलिंग गाड़ी भी वहां पहुंच चुकी थी. लेकिन स्थानीय लोगों की गिरफ्त में आए अपराधी को पकड़ने में पुलिस नाकाम रही. मौका देखकर अपराधी भागने में सफल रहे. हैरान करने वाली बात ये है कि जिस जगह घटना हुई वहां से 100 मीटर की दूरी पर सीसीटीवी कैमरे भी लगे हुए हैं. लेकिन पुलिस अब तक यह दावा करने में विफल रही है कि अपराधी कौन हैं.

घाघीडीह जेल में बंद कृष्णा गोप पर शक की सुई: बताया जाता है कि 2017 में हुए दीपक मुंडा हत्याकांड मामले में सजा काट रहे अपराधकर्मी कृष्णा गोप जमशेदपुर के घाघीडीह जेल से ही सुजय की हत्या की साजिश रची है. इसके पीछे आशंका ये जतायी जा रही है कि सुजय दीपक मुंडा हत्याकांड मामले में मुख्य गवाह था और इसी के चलते कृष्णा गोप ने सुजय पर 2018 में जानलेवा हमला करवाया था. हालांकि उस वक्त सुजय को एयरलिफ्ट कर मेदांता दिल्ली में ईलाज कराकर बचाया जा सका था. उस मामले में अगले महीने सुजय की गवाही होनी थी. फिलहाल पुलिस मामले की तफ्तीश कर रही है. वैसे परिजनों ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए पुलिस की कार्यशैली पर से भरोसा उठ जाने की बात कही.

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