अक्षय नवमी पर आंवला पेड़ की की गई पूजा, पेड़ के नीचे खाना बनाकर खाया

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आंवला पेड़ की पूजा अर्चनाा करती महिलाएं.

जमशेदपुर : कार्तिक शुक्ल पक्ष नवमी तिथि को अक्षय नवमी मनाई जाती है. यह पर्व मंगलवार को जमशेदपुर के कई क्षेत्रों में मनाई गई. आंवला नवमी पर आंवले के वृक्ष के पूजन के साथ ही पुत्र रत्न की प्राप्ति के लिए पूजन का विशेष महत्व है. अक्षय नवमी पर गंगा स्नान और दान का विशेष महत्व है. टेल्को स्थित राम मंदिर परिसर में आंवला के कई पेड़ है, जहां हिंदू धर्मावलंबियों ने आंवला पेड़ के नीचे पूजा अर्चना की. सबसे पहले श्रद्धालुओं ने आंवले पेड़ के नीचे धात्री देवी एवं दामोदर की पूजा अर्चना की. पितरों के मोक्ष के लिए आंवले पेड़ की जड़ में दूध की धार डाली गई, फिर एक रक्षा सूत्र से पेड़ को बांधा गया. आखिर में प्रदक्षिणा की गयी. पूजा अर्चना के बाद दंपति परिवार आंवला पेड़ के नीचे भोजन बना कर खाना खाया. श्रद्धालुओं ने पेड़ के नीचे चावल, दाल, सब्जी बनाकर खाए. लोगों ने वहां मौजूद लोगों को भी खिलाया. मंदिर के पुजारी पंडित जीवछ झा ने बताया कि सभी पर्वों में अक्षय नवमी सबसे उत्तम माना जाता है. यह पर्व जमशेदपुर तथा ग्रामीण इलाकों में भी श्रद्धा पूर्वक उल्लास के साथ मनाई गई.

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