ayodhya-ram-mandir-issue-jamshedpur-allert-अयोध्या में राम मंदिर को लेकर जमशेदपुर में कोई भी जश्न या विरोध प्रदर्शन पर रोक, आयोजन करने वाले पर दर्ज होगा केस, प्रशासन ने उठाये सख्त कदम, भाजपा ने कहा-यह झारखंड सरकार का तुष्टिकरण की राजनीति

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जमशेदपुर : जमशेदपुर में राम मंदिर निर्माण के दौरान किसी तरह का आयोजन या विरोध पर रोक लगा दी गई है. जमशेदपुर एसडीओ चन्दन कुमार द्वारा आदेश जारी करते हुए कहा गया है कि प्रात सूचनानुसार दिनांक 5.08. 2020 को अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए भूमि पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया जाना है. उक्त अवसर पर जमशेदपुर में कई चौक चौराहे, सार्वजनिक स्थलों पर कुछ संस्थाओं/व्यक्तियों द्वारा दिये जलाने, धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन करने या उसका विरोध करने की आसूचना है. इस क्रम में इन स्थानों पर भीड़ इकट्ठा होने से लॉक डाउन के नियमों एवं सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का उल्लंघन की प्रबल संभावना है. गृह मंत्रालय, भारत सरकार के आदेश के आलोक में मुख्य सचिव, झारखंड सरकार द्वारा इस राज्य में दिनांक 30. 08. 2020 तक लॉक डाउन की अवधि को विस्तार किया गया है. पूर्व में ही गृह मंत्रालय भारत सरकार तथा मुख्य सचिव झारखंड सरकार के आदेश के आलोक में सोशल/पॉलिटिकल/स्पोर्ट्स/इंटरटेनमेंट/ एकेडमिक/ कल्चरल/रिलिजियस फंक्शन तथा अन्य भीड़ भाड़ वाले कार्यक्रम पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाया गया है. इसका शत प्रतिशत अनुपालन नही किए जाने की स्थिति में कोरोना वायरस के संक्रमण के फैलाव में अत्यधिक वृद्धि होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है. एसडीओ ने आगाह किया है कि यदि किसी की किसी समूह/ संस्थान/ व्यक्तियों द्वारा भीड़ इकट्ठा कर चौक-चौराहों/ सार्वजनिक स्थल इत्यादि पर कोई धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है या विरोध प्रदर्शन किया जाता है जिससे ऊपर उल्लिखित लॉक डाउन के नियमों का उल्लंघन होता है तो ऐसे समूह/संस्थान/व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 188, धारा 295-A, धारा 296, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 तथा सुसंगत धाराओं के तहत कठोरतम सब कठोरतम कार्रवाई की जाएगी.

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भाजपा ने प्रशासनिक कार्रवाई पर उठाए सवाल

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लोकआस्था के प्रमुख तीर्थ स्थल श्री अयोध्या में रामजन्मभूमि में मंदिर के भूमि पूजन को लेकर जमशेदपुर में उत्साहित हिंदू संगठनों के आयोजनों पर जिला प्रशासन द्वारा रोक लगाये जाने के निर्णय पर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार ने आक्रोश व्यक्त किया है. उन्होंने जमशेदपुर जिला प्रशासन के इस निर्णय को अविवेकपूर्ण और अप्रासंगिक करार देते हुए कहा कि सूबे की हेमंत सरकार रामभक्तों की आस्था और धार्मिक भावनाओं को आहत कर रही है. दिनेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के इशारों पर तुष्टिकरण की राजनीति के लिए ऐसे अप्रासंगिक और बाध्यकारी आदेश जारी करवाये जा रहे हैं. भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ने कहा कि कोरोना पर श्रीराम भक्तों का उत्साह हावी है. अयोध्या में भव्य मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन हिंदू जनमानस की वर्षों पुराने संकल्प की सिद्धि है. कहा कि मंगलवार को ही प्रदेश भाजपा ने मंदिरों और देवस्थानों पर उल्लासपूर्ण धार्मिक आयोजनों के लिए सशर्त अनुमति देने के लिए राज्य सरकार का ध्यानाकृष्ट कराया था. इसके बावजूद हेमंत सरकार तुष्टिकरण की राजनीति पर अडिग है. भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार ने कहा कि जमशेदपुर जिला प्रशासन और राज्य सरकार को अपने तुगलकी फ़रमान पर पुनर्विचार करनी चाहिए ताकि रामभक्तों की भावना का सम्मान रहे.

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