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गुरूवार, जून 17, 2021
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बेंद पंचायत स्थित खैरबनी के ग्रामीणों का हाल रहते हैं : झारखंड में और पानी पीते हैं प बंगाल का

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चाकुलिया : पश्चिम बंगाल सीमा से सटे चाकुलिया प्रखंड की बेंद पंचायत के खैरबनी गांव के ग्रामीण रहते तो हैं झारखंड में, परंतु विभागीय लापरवाही के कारण पीने के पानी के लिए पूर्ण रूप से बंगाल पर निर्भर हैं. गांव के लोग रहते हैं झारखंड में पर पानी पीते हैं बंगाल का. गांव में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा गाड़ा गया चापाकल महीनों से खराब पड़ा हुआ है. गांव में विगत दिनों विधायक कुणाल षाड़गी ने अपने फंड से एक कुंआ का निर्माण करवाया है, परंतु बरसात के दिनों में कुआं का पानी पीने लायक नहीं रह जाता है. कुआं का पानी गंदा हो गया है. गांव की महिला सूरजमुनी मांडी, मुगली मुर्मू, बेलमनी मांडी, सलमा मांडी, बेहुला सोरेन, भादो मूर्मु, सोहागी मांडी ने बताया कि गांव में कुल 50-52 परिवार निवास करते हैं. 50 परिवारों के बीच 3 चापाकल है, जो महीनों से ठप हैं. वहीं दो कुआं है परंतु कुआं का पानी पीने योग्य नहीं है. महिलाओं ने बताया कि कुआं के पानी से वे सभी घरेलू काम करती हैं और पीने का पानी वे सभी 2 किमी दूर पश्चिम बंगाल के ओड़ो गांव स्थित सीआरपी कैम्प से ढो कर लाती है. कहा कि कई बार पंचायत के जन प्रतिनिधियों और पदाधिकारी से गांव में ठप पड़े चापाकल की मरम्मत कराने की मांग की है परंतु अब तक किसी ने भी पहल नही किया है.गांव में पेयजल की घोर समस्या व्याप्त है. चापाकलों की मरम्मत नही होने से ग्रामीणों में विभाग के पदाधिकारी और जन प्रतिनिधियों के खिलाफ रोष व्याप्त है.विगत दिनों क्षेत्र के विधायक कुणाल षाड़ंगी विकास यात्रा कार्यक्रम के तहत खैरबनी गांव पहुंचे तो लोगों ने अपनी समस्या से अवगत कराकर गांव में एक डीप बोरिंग निर्माण कराने की मांग की. ग्रामीणों को श्री षाड़ंगी ने आश्वस्त किया कि वे जल्द ही गांव में लोगों को पीने के लिए स्वच्छ पानी मिल सके इसके लिए वे अपनी निधि से गांव में डीप बोरिंग निर्माण कराने की अनुशंसा करेंगे.

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