कोल्हान के डीआईजी राजीव रंजन सिंह का बड़ा बयान : जल, जंगल, जमीन की आड़ में लेवी वसूल रहे माओवादी, 20 साल में एक भी आदिवासी का विकास नहीं कर सके, और क्या कहा-देखें Video

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चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिला के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के नक्सल प्राभावित बरकेला में माओवादियों ने बीती रात तांडव मचाया. माओवादियों ने वन विभाग के वनरक्षी आवास को उडाये के साथ ही वन विभाग के सामानों व दो वाहनों को आग हवाले कर दिया. इस घटना का कोल्हान रेंज के डीआईजी राजीव रंजन सिंह ने जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने कहा कि जल, जंगल, जमीन की आड़ में लेवी वसूल रहे माओवादी 20 साल में एक भी आदिवासी का विकास नहीं कर सके।

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डीआईजी राजीव रंजन सिंह ने कहा कि माओवादियों के गेम प्लान को समझने की जरूरत है। ये पंपलेट में जल, जंगल, जमीन का उल्लेख करते हैं और वन विभाग को निशाना बनाते हैं। मतलब साफ है कि वन विभाग में चल रही योजनाओं में ये लेवी वसूलना चाहते हैं। करीब 50 वर्ष पूर्व माओवाद की शुरुआत हुई थी। आज इनके अग्रणी नेता आकर बतायें कि उन्होंने किस आदिवासी का भला किया है। ये आदिवासियों को दिखा रहे हैं कि ये उनके लिए लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन दरअसल इनकी लड़ाई आदिवासियों नहीं बल्कि लेवी के लिए है। उन्होंने कहा कि माओवादी विचारधारा को जड़ से खत्म करने की जरूरत है। वन भवन को विस्फोट कर उड़ाना माओवादियों की हताशा को दर्शाता है। कोल्हान में दहशत फैलाने के लिए वन भवन को माओवादियों ने निशाना बनाया है। पुलिस व सीआरपीएफ की सक्रियता से कमजोर माओवादी कमजोर पड़ रहे हैं।

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