Chaibasa : झारखंड सरकार के आदेश को दर किनार कर योजनाओं का शिलान्यास करवा रहा जिला कल्याण विभाग, न सांसद न विधायक कर दिया योजना का शिलान्यास

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Santosh Verma / Chaibasa : जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे विभिन्न योजनाओं के शिलान्यासओं का दौर शुरू हो गया है। कुछ विभागों के द्वारा नियमों को ताक पर रखकर नए शिलापट्ट पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों को नजरअंदाज एवं उनकी उपेक्षा किये जाने का एक मामला प्रकाश में आया है. जबकि जिले के सदर अनुमंडल मुख्यालय में कल्याण विभाग के मद से हुए मुस्लिम समाज कब्रिस्तान के चहारदीवारी का निर्माण किया जाना है। पश्चिमी सिंहभूम जिला कल्याण विभाग की राशि से मुस्लिम समाज कब्रिस्तान का निर्माण होना है. इसी योजना का शिलान्यास विभाग द्वारा टीएसी सदस्य जेबी तुबिड के द्वारा कराया गया है। जबकि सरकार के सचिव द्वारा दिये ग ये पत्रांक 525 दिनांक 7-4-2012 के माध्यम से आदेश जारी कर सभी अपर सचिव, जिला उपायुक्त, जिला पुलिस अधीक्षकों को निःर्देश दिया गया है कि किसी भी विकास योजनाओं का उदघाटन/शिलान्यास व परिसंपत्तियों का वितरण इत्यादी जनप्रतिनिधियों के द्वारा कराये जाएं, जिसमें स्थानीय सांसद व विधायकों को अनिवार्य रूप से आमंत्रित करने का दिशा-निर्देश दिया गया है, लेकिन इस नियम को ताख पर रख कर योजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन कराया गया। वहीं यह भी दिशा-र्निदेश दिया गया है कि सभी योजनाओं से संबधित योजना का नाम, योजना की प्राकल्लित राशि, योजना पूर्णे होने की अवधि तथा न्यूनतम मजदूरी की दर एवं कार्यकारी एजेंसी का नाम आदि का पूर्ण विवरण योजनास्थल पर अनिवार्य है, लेकिन इस नियम को भी नजरअंदाज किया गया। मामले को लेकर जहां स्थानीय जनप्रतिनिधियों में रोष हैं, वहीं कई तरह की चर्चाएं भी होने लगी है। लोग कहने लगे हैं कि सैयां भैये कोतवाल तो अब डर काहे का। भाई सरकार भाजपा की है और वोट बैंक बनाने के लिए यह सब ड्रामा चल रहा है। जबकि झालको के द्वारा कल्याण विभाग की योजनाओं में व्यापक रूप से लूट हुई है, जिस मामले की जांच कराने के लिए बबलू महतो को एसीबी द्वारा पत्र लिख कर सूचित किया गया है फिर भी झालको और कल्याण विभाग पर ही सरकार मेहरबान है। वहीं इस मामले पर स्थानीय विधायक दीपक बिरूवा अपने विधानसभा क्षेत्र में मौजूद हैं, फिर भी न स्थानीय विधायक को सूचना दी गई और न ही सांसद को.

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सरकार के निर्देशों की धज्जियां उड़ा रहा विभाग : झामुमो
चुनाव आते ही राजनीति दांव-पेंच शुरू हो गया है। सरकार का स्पष्ट निर्देश होने के बावजूद कुछ विभाग के अधिकारी नियम का उल्लंघन कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर नियमों के जानकार होने के बाद भी कुछ नेता अपनी वाहवाही बटोरने के चक्कर में सरकार के निर्देशों को ठेंगा दिखाते हुए शिलान्यास कर रहे हैं। इस मामले को लेकर झामुमो के केंद्रीय सदस्य सुभाष बनर्जी और झामुमो नेता मधुर नाथ सुंबरूई ने कड़ी आपत्ति जताई है। श्री बनर्जी और श्री सुंबरूई ने बयान जारी कर कहा कि सोमवार को कल्याण विभाग मद से चाईबासा के कब्रिस्तान की चहारदीवारी का शिलान्यास किया गया। इसमें न तो स्थानीय सांसद और न ही विधायक को सूचित किया गया और न ही आमंत्रित किया गया। इस मामले को लेकर स्थानीय सांसद-विधायक अगर हरकत में आ गये तो इस चुनावी सरगरमी से पहले नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले विभागीय अधिकारी पर कड़ी कार्रवाई होना स्वाभाविक है। कारण कि उक्त शिलापट्ट में कल्याण विभाग अंकित है। वही इस मामले का भंडाफोड़ होने पर जिला कल्याण पदाधिकारी कुछ बोलने से बच रहे हैं।

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कल्याण विभाग निभा रहा धृतराष्ट्र की भूमिका : कांग्रेस
स्थानीय कांग्रेस भवन में सोमवार को कांग्रेसियों की बैठक हुई। बैठक में संयुक्त रूप से कहा गया कि इन दिनों प सिंहभूम में एक गलत प्रचलन शुरू हुआ है। बगैर स्थानीय जन प्रतिनिधियों के विभिन्न योजनाओं के शिलान्यास पट्ट पर नाम नहीं अंकित करना यह सब कृत्य झारखण्ड के मात्र इसी जिले में हो रहा है। प्रशासन धृतराष्ट्र की भूमिका में आ चुका है। पूर्व से ही विभिन्न विभागों द्वारा धरातल पर लानीवाली योजनाओं के शिलान्यास में सांसद-विधायकों के नाम अंकित नहीं किया जा रहा था। मामला सुर्खियों में आने के बाद कुछ कर्तव्यहीन पदाधिकारी अपने पद का दुरोपयोग करने से बाज नहीं आ रहे है। ऐसा ही मामला 27 अक्टूबर 2019 की रात को देखने को मिला। बड़ी बाजार (कब्रिस्तान के समीप ) कल्याण विभाग का शिलापट्ट लावारिस स्थिति में पाया गया, जिस पर कल्याण विभाग द्वारा अंकित है कि जेबी तुबिद, सदस्य टीएससी के कर कमलों द्वारा चहारदावारी निर्माण कार्य का शिलान्यास दिनांक 28 अक्टूबर 2019 को संपन्न हुआ। जिसमें कई त्रुटियां थी। उक्त शिलापट्ट में स्थानीय माननीय सांसद व विधायक का नाम अंकित नही है। जो कई प्रश्न खड़े करता है। जल्द ही इस मामलें को लेकर कांग्रेस पार्टी आंदोलन छेड़ेगी। बैठक में त्रिशानु राय, जितेन्द्रनाथ ओझा, विकास वर्मा, नन्द गोपाल दास, संतोष सिन्हा, लालजी शर्मा, राकेश सिंह, धर्मेन्द्र साह, राहुल दास, नारायण निषाद, सुशील कुमार दास समेत अन्य उपस्थित थे।

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