spot_img
शनिवार, अप्रैल 17, 2021
More
    spot_imgspot_img
    spot_img

    पर्यावरण को दूषित कर रहा है चांडिल स्टेशन के पास स्थित शिफ्टिंग यार्ड

    Advertisement
    Advertisement

    चांडिल : पर्यावरण संरक्षण के लिए केन्द्र व राज्य सरकार प्रति वर्ष अरबों रुपये खर्च कर रही है. लेकिन चांडिल रेलवे स्टेशन के पास स्थित शिफ्टिंग यार्ड पर्यावरण संरक्षण की धज्जियां उड़ा रहा है. शिफ्टिंग यार्ड सिकली गांव के पूर्वी दिशा में सरायकेला-खरसावां जिला के नीमडीह प्रखंड क्षेत्र में स्थित है, जहां प्रतिदिन विभिन्न कल-कारखानों में आपूर्ति के लिए कोयला का भंडारण किया जाता है. शिफ्टिंग यार्ड से जंगल की दूरी करीब 50 मीटर है. इधर सरकार जंगल की सुरक्षा के लिये हर साल विभिन्न योजनाओं के माध्यम से अरबों रुपये पानी की तरह बहा रही है, तो दूसरी ओर खुलेआम प्रदूषण को बढ़ाने की छूट दे रखा है.

    Advertisement
    Advertisement

    खेत व तालाब को दूषिक कर रहा काला पानी

    Advertisement


    बारिश के मौसम में भंडार किये गये कोयले से पानी रिसता है और वह दूषित पानी सीधा आसपास के तालाब व खेतों में पहुंच रहा है. दूषित पानी से खेत की फसल नष्ट हो जाती है तथा तालाब का पानी भी प्रदूषण के चपेट में आता है. बताया गया कि कुछ साल पहले दूषित पानी तालाब में घुसने के कारण मछलियां मर गयी थीं.

    Advertisement

    स्कूली बच्चे प्रदूषण से हो रहे प्रभावित

    Advertisement


    कोयला भंडारण स्थल के एक सौ मीटर की परिधि में आंगनबाड़ी केन्द्र व प्राथमिक विद्यालय भी हैं. हवा बहने से आंगनबाड़ी केंद्र तक काली धूल स्कूल पहुंच जाती है, जिससे बच्चे वायु प्रदूषण से प्रभावित हो रहे हैं.

    Advertisement
    Advertisement

    Leave a Reply

    This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

    spot_imgspot_img

    Must Read

    Related Articles

    Don`t copy text!