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कोरोना का असर : सरडीहा में 100 एकड़ में है करैला की खेती, नहीं आ रहे व्यापारी, किसानों को भारी नुकसान

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राजन सिंह
चाकुलिया :
कोरोना वायरस से निपटने के लिये राज्य सरकार ने लॉक आउट की घोषणा की है. इससे पूरे राज्य में वाहनों का परिचालन प्रभावित हो गया है और लोग अपने घर मे सिमट कर रह गये हैं. कोरोना वायरस से जहां लोगों में दहशत है, वहीं दूसरी और किसानों को भी इसकी मार झेलनी पड़ रही है.

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चाकुलिया प्रखंड की सरडीहा पंचायत के सरडीहा और पाकुड़िया गांव के दर्जनों किसान इन दिनों करैला की खेती कर लाखों की कमाई करते थे. इस वर्ष क्षेत्र के किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है.

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इस संबंध में पंचायत के मुखिया समसार मुर्मू ने बताया कि उन्होंने भी एक बिघा जमीन पर करैला की खेती की है. करैला की खेती करने में 20-25 हजार रुपये खर्च हुए हैं. वह सिर्फ 1-2 बार ही करैला को बेच पाये हैं, इससे 10 हजार रुपये ही प्राप्त हुए हैं. जबकि वह हर वर्ष करैला की खेती कर 50 से 70 हजार रुपये तक कमाते हैं, परंतु इस वर्ष लाक डाउन होने के कारण उन्हें और अन्य किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है.

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उन्होंने बताया कि बाहर के व्यापारी गांव आकर किसानों से करैला खरीदकर वाहन से बाहर ले जाते थे, परंतु लाक डाउन होने से गांव में एक भी व्यापारी नही आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि किसानों के खेत में करैला पड़ा हुआ है इससे काफी नुकसान हो रहा है.

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मुखिया समसार मुर्मू ने बताया कि केंदाडांगरी गांव में समसार टुडू, हाड़ीराम हांसदा, दानगी सोरेन, सीताराम सोरेन, सनातन सबर, राजू सोरेन, सांखो सोरेन, श्यामचंद टुडू समेत अन्य किसानों ने 20 एकड़ भूमि पर करैला की खेती की है. वही पंचायत के सांपधरा गांव में 10 एकड़, पाकुड़िया में 30 एकड़, बांकशोल में 15 एकड़, सरडीहा में 20 एकड़, मौराबांधी में 10 एकड़ और कासिया गांव में 5 एकड़ भूमि पर किसानों ने किसी तरह करैला की खेती की है.

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पंचायत के किसान हर वर्ष करैला की खेती कर लाखों रुपये की आमदनी करते थे. परंतु इस वर्ष कोरोना वायरस ने पंचायत के किसानों की कमर तोड़ दी है. बीमारी की रोकथाम करने के लिए सरकार ने लाक डाउन करने की घोषणा की है, जिस कारण गांव में व्यापारी नहीं आ रहे हैं जिसका सूधा असर क्षेत्र के किसानों पर पड़ रहा है.

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