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शुक्रवार, जून 18, 2021
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DC met vendors to pay dues : बकाया भुगतान के लिए डीसी से मिले सरकारी स्कूलों में आपूर्ति करनेवाले वेंडर, कहा-महाजन मारपीट व केस करने पर आमादा हैं, अब भुगतान नहीं हुआ तो करेंगे परिवार सहित आत्मदाह

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जमशेदपुर : पूरे जिले में सरकारी स्कूलों पर लगभग 3 करोड़ रुपया खाद्य सामग्री, पाठ सामग्री और ड्रेस का बकाया है. इसे लेकर गुरुवार को सभी वेंडरों ने उपायुक्त से मुलाकात कर अविलंब बिल भुगतान करने की मांग की. खाद्य सामग्री स्कूलों को देने वाले वेंडर्स का कहना है कि पिछले 9 महीनों से पैसा नहीं मिला है, जिस कारण वे लोग भुखमरी के कगार पर आ गए हैं. खाद्य सामग्री का 50 लाख रुपए बकाया है, जबकि स्कूल में अन्य सामग्रियों की सप्लाई की बात करें तो लगभग तीन करोड़ रुपए बकाया है और सभी वेंडर दाने-दाने को मोहताज है. वेंडरों ने प्रशासन से अविलंब बकाया भुगतान करने की मांग की है. साथ ही कहा है कि अगर भुगतान नहीं हुआ तो पूरे परिवार सहित आत्मदाह करेंगे.

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वेंडरों ने बताया कि 9 माह के बकाया भुगतान को लेकर वे लगातार जिला शिक्षा अधीक्षक के कार्यालय का चक्कर काट रहे है, पर निष्कर्ष शून्य ही निकला. लगभग 7 करोड़ के बकाया भुगतान को लेकर विभाग के पदाधिकारी अपना पल्ला झाड़ते नज़र आ रहे हैं. पूरे जिले के लगभग 20 से 25 की संख्या में वेंडर्स वर्तमान समय में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में जरूरत के सामान राशन सब्जी, दूध कपड़ा उपलब्ध करा रहे हैं, पर पिछले 9 महीने से विभाग द्वारा इन्हें भुगतान नहीं करने से इनके समक्ष एक बड़ी समस्या उत्पन्न हो गई है. स्थिति इतनी विकराल हो गई है कि महाजन अब इनके साथ लगातार हाथापाई व केस करने की धमकी देने लगे हैं. लेकिन विभाग इनकी सुन ही नहीं रहा है. वेंडर्स बकाया भुगतान को लेकर इतना परेशान है कि आत्महत्या तक की बात उनके द्वारा कही जा रही है.

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जिला शिक्षा अधीक्षक का बयान.

अपनी समस्या को मीडिया के समक्ष रखते हुए सुरेश अग्रवाल ने कहा कि सामग्री देने के लिए एक वर्ष का करार विभाग द्वारा होता है जहां मार्च में इनका भुगतान होता है, पर अब तक इनका भुगतान नहीं होने से ये सभी मानसिक तनाव में जी रहे हैं. घर छोड़ने को मजबूर हैं. उन्होंने कहा कई बार चक्कर लगाने के बावजूद सिर्फ और सिर्फ आश्वासन ही मिला है.

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जिला शिक्षा पदाधिकारी से इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने कहा कि जांच कर एक रिपोर्ट सरकार को भेज दी जाएगी. इतनी बड़ी रकम के संबंध में उनसे पूछा गया, तो उन्होंने अपना पल्ला झाड़ते हुए कहा कि हाल ही में उन्होंने पदभार ग्रहण किया है, रिपोर्ट के आधार पर ही वह काम करेंगे.

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