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india-proud-दुनिया के टॉप 100 प्रभावशाली व्यक्तियों की सूची में भारत की यह महिला अधिवक्ता हुई शामिल, जानें कौन है ऐसी कद्दावर महिला, जिन्होंने दुनिया को भी सोचने पर मजबूर कर दिया, भारत का गौरव बढ़ाया

राशिफल

शार्प भारत डेस्क : टाइम मैगजीन ने दिग्गज कारोबारी एडवोकेट करुणा नंदी और गौतम अदाणी को 2022 के 100 प्रभावशाली व्यक्तियों की सूची में शामिल किया गया. इस सूची में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन, टेनिस खिलाड़ी राफेल नडाल, एप्पल के सीईओ टिम कुक और टीवी शो प्रस्तोता ओपरा विनफ्रे के नाम शामिल है. (नीचे भी पढ़ें)

जानें कौन है करुणा नंदी
करुणा नंदी मध्य प्रदेश के भोपाल की रहने वाली है. उनका जन्म 4 जनवरी 1976 में भोपाल में हुआ था. उन्होंने अपनी 10वीं तक की शिक्षा भोपाल के सरदार पटेल पब्लिक स्कूल से की है. उनकी रूची बचपन से सामाजिक कार्यों में थी. 1997 में करुणा ने दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज से बी.ए आनर्स में इकोनॉमिक्स की पढ़ाई पूरी की और कुछ दिनों तक जर्नलिस्ट के रूप में काम किया. इसके बाद वे लॉ की पढ़ाई करने इंग्लैंड के कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी चली गयी. 2000 में लॉ की डिग्री प्राप्त कर न्यूयॉर्क के कोलंबिया विश्वविद्यालय से एल.एल.एम की पढ़ाई की. करुणा नंदी के माता-पिता भी चाहते थे कि उनकी बेटी समा के लिए कुछ करें. बेटी की सपनो को पूरा करने के लिए हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की जॉब छोड़कर भारत चले आए और मेडिकल संस्थान एम्स में काम करने लग गए. वहीं उनकी मां को लंदन स्कूल से हिस्ट्री प्राइज मिल चुकी है. करुणा लंदन में अपने माता-पिता के साथ रहती थी, लेकिन उनके भारत आने का फैसला किया. भारत में उन्होंने मानव अधिकार के रूप में कार्य करना शुरू किया.

करियर की शुरुआत-
भारत आने से पहले करुणा नंदी ने यूनाइटेड नेशनल और इंटरनेशनल ट्राइब्यूनल्स में एक वकील के रूप में काम किया. 2012 में उन्होंने दिल्ली में हुए निर्भया केस के बाद एंटी रेप कानून तैयार करने में अहम भूमिका निभाई. वे बलात्कार के अपराधियों के खिलाफ बलात्कार विरोधी बिल बनाने की मांग की. 2016 में स्पाइसजेट एयरलाइंस के खिलाफ मामले में सेरेब्रल पाल्सी जीजा घोष का प्रतिनिधित्व किया। जीजा घोष को सेरेब्रल पाल्सी नामक बीमारी है और वह स्पाइसजेट एयरलाइंस से कोलकाता से गोवा के लिए सवार हुई थी. एयरलाइंस के कर्मचारियों ने उन्हें फ्लाइट से यह कहकर हुए उतार दिया कि वह शारीरिक रूप से उडान भरने के लिए सक्षम नही है. यह बात सुनकर जीजा घोष को अपमान सा महसूस हुआ उन्होंने स्पाइसजेट एयरलाइंस के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में मामला चलाया और यह केस करुणा नंदी ने लड़ा और स्पाइसजेट एयरलाइंस के खिलाफ जीत हासिल की. वही उन्होंने भोपाल गैस त्रासदी और अमित शाह के बेटे जय शाह एवं द वायर के मध्य चल रहे मानहाी के केस में करुणा नंदी द वायर की तरह से केस लड़ा था. 2019 में यूनाइटेड किंगडम ने दुनिया भर के मीडिया की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए कानूनी ढांचे को विकसित करने के लिए एक्सपर्ट पैनल में करुणा नंदी को चुना. उन्होंने ने नेपाल, पाकिस्तान और भूटान सरकार के साथ काम किया और मालदीव में अटॉर्नी जनरल के कार्यालय और मालदीव के सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के साथ कानूनी सुधार के नीतिगत मुद्दों पर भी कार्य किया. (नीचे भी पढ़ें)

इंग्लैंड व न्यूयॉर्क के बाद मिले कई पुरस्कार-
करुणा नंदी जब विदेश में पढ़ रही थी उस वक्त ही उन्हें कई बार सम्मानित किया गया था. पढ़ाई के उन्हें इंग्लैंड के “एम्मेलिन पंकहर्स्ट पुरस्कार, एमी कोहेन अवार्ड और बेकर स्टूडेंटशिप” से सम्मानित किया गया. वहीं न्यूयॉर्क में पढ़ाई करते समय मानवाधिकार फैलोशिप अवार्ड से सम्मानित किया गया. साल 2019 में उन्हें लंदन में “ग्लोबल ट्रस्ट लॉ” पुरस्कार से नवाजा गया. वहीं उन्हें इकोनॉमिक टाइम्स जूरी ने “कॉर्पोरेट इंडियाज फास्टेस्ट राइजिंग वूमेन लीडर्स” की सूची में भी शामिल किया गया. 2020 में उन्हें फोर्ब्स पत्रिका के “सेल्फ मेड वुमन” से सम्मानित किया गया.

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