Jamshedpur ‍BJP : सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर पार्टी कार्यालय खोल रहे कांग्रेस-झामुमो, जिन्हें दी गयी देखरेख की जिम्मेदारी, उन्होंने ही आंखें बंद कर रखी हैं

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Jamshedpur :राजनीतिक दलों द्वारा सरकारी जमीनों पर पार्टी कार्यालय खोले जाने के मामले को लेकर जमशेदपुर महानगर भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल जिला मुख्यालय पहुंचा. जहां मानगो एवं गोलमुरी इलाके में सरकारी जमीनों पर बन रहे कांग्रेस और जेएमएम के पार्टी कार्यालय पर सवाल उठाते हुए जिले के उपायुक्त से जांच कराए जाने की मांग की है. जिला अध्यक्ष गुंजन यादव ने ज्ञापन के माध्यम से सवाल उठाते हुए कहा है कि आखिर किसके इशारे पर सरकारी जमीनों पर पार्टी कार्यालय बनाया जा रहा है. कहा गया है कि जमशेदपुर में विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा जगह-जगह टाटा लीज, वन विभाग एवं दूसरी सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण कर कार्यालय बनाने की लगातार घटनाएं घट रही है. उच्च न्यायालय ने इन जमीनों का अतिक्रमण रोकने के लिए जिन्हें जिम्मेदारी सौंपी है, वे आंख बंद किए हुए हैं. आये दिन कहीं न कहीं इस तरह अतिक्रमण करने की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन इसकी रोकथाम के लिए कोई समुचित कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिन जगहों पर भूमि अतिक्रमण कर पार्टी कार्यालय बनाया गया है या बनाया जा रहा है उनमें विभिन्न स्थान प्रमुख हैं.

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भाजपा की ओर से बताया गया है कि मानगो थाना एवं मानगो नगर निगम कार्यालय के बगल में कांग्रेस का कार्यालय, साकची के राजेंद्र नगर स्थित लाइफ लाइन नर्सिंग होम के पास टाटा लीज की जमीन पर झारखंड मुक्ति मोर्चा का कार्यालय, गोलमुरी स्थित एबीएम कॉलेज के सामने टाटा लीज की जमीन पर झामुमो कार्यालय, एग्रिको पोस्ट ऑफिस के सामने टाटा लीज की परती जमीन पर झामुमो का झंडा लगाकर अतिक्रमण आदि शामिल है.भाजपा ने कहा है कि ऐसा नहीं है कि इन जगहों पर एक या दो दिन के भीतर पार्टी कार्यालय बनाने के लिए भूमि अतिक्रमण की गयी है, बल्कि एक स्थान पर इस तरह की गतिविधियों पर रोक नहीं लगने के कारण दूसरी व तीसरी जगह पर अतिक्रमण किया गया है. भारतीय जनता पार्टी का मानना है कि तत्काल ऐसे अतिक्रमण पर रोक नहीं लगायी गयी तो अतिक्रमणकारियों का हौंसला बढ़ेगा और जगह-जगह पार्टी कार्यालय के नाम पर भूमि अतिक्रमण होता रहेगा. अतः इस तरह के भूमि अतिक्रमण के अवैध कार्यों पर तत्काल रोक लगाते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृति न हो।

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