jamshedpur-bjp-झारखंड के दो पूर्व मुख्यमंत्री जमशेदपुर भाजपा के कार्यक्रम में एक साथ मंच पर नजर आये, प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी बोले-झारखंड में सरकार नाम की चीज नहीं, सिर्फ दुर्भावना से कार्य कर रही सरकार, रघुवर दास बोले-झामुमो के केंद्रीय महासचिव की पत्नी को कैसे जेपीएससी का सदस्य बना दिया, ऐसे कई गड़बड़ी का खेल हो रहा हेमंत सोरेन की सरकार में, लूट की नीति बनी है, आदिवासी और मूलवासियों को भी ठग रही सरकार, भाजपा अनुसूचित जनजाति सम्मेलन में जुटे नेता-कार्यकर्ता

राशिफल

जमशेदपुर : झारखंड के दो पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी और पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित मिलानी हॉल में एक मंच पर नजर आये. मौका था भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के जिला सम्मेलन और जिला कार्यसमिति की बैठक. इस बैठक में जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो, भाजपा के अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष शिवशंकर उरांव और रामकुमार पाहन के अलावा जमशेदपुर भाजपा के प्रभारी सुबोध सिंह गुड्डू, जमशेदपुर भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के बिनानंद सिरका, जमशेदपुर भाजपा के अध्यक्ष गूंजन यादव, रमेश हांसदा, अनिल मोदी, काजू सांडिल समेत अन्य लोग मौजूद थे. (पूरी खबर नीचे पढ़ें)

इस दौरान जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो ने दोनों ही पूर्व मुख्यमंत्रियों का जोरदार तरीके से स्वागत किया. इस कार्यक्रम के दौरान राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री और भाजपा के विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने अपने संबोधन में कहा कि झारखंड में सरकार नाम की चीज नहीं है. जनता त्राहिमाम कर रही है और सरकार पूरी तरह ट्रांस्फर पोस्टिंग, दुर्भावना के साथ किस तरह से कार्रवाई किया जाना है, उस पर ही फोकस रखकर काम कर रही है. आदिवासियों और मूलवासियों की भावनाओं को भी ठेंस पहुंचाया जा रहा है. प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा कि कानून व्यवस्था राज्य की चौपट हो चुकी है. महिलाओं के साथ बलात्कर की घटनाएं हो रही है. आदिवासियों और मूलवासियों के मुद्दे पर सरकार चुप्पी साध ले रही है और अपने आपको आदिवासियों की हितैषी बताती है, जबकि इसके रिपरित कदम सरकार उठा रही है. उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनजन तक पहुंचकर हेमंत सोरेन की सरकार की कारगुजारियों को पहुंचाने का आह्वान किया और केंद्र की मोदी सरकार की नीतियों का लाभ किस तरह आम जनता को मिल सके, इसके लिए कोशिशें करने को कहा. (पूरी खबर नीचे पढ़ें)

पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बोला हेमंत सरकार पर हमला
इस मौके पर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि 2019 के विधानसभा चुनाव में झामुमो ने अबुआ राज और आदिवासी मुख्यमंत्री के नाम पर जनता से लोकलुभावने वायदे कर सत्ता हासिल कर ली, लेकिन 19 माह में सिर्फ आदिवासी महिलाओं के साथ अत्याचार और बलात्कार की घटनाएं हुई है. 19 माह में 2700 बलात्कार की घटनाएं घट चुकी है. उन्होंने बताया कि चाईबासा में नक्सलियों के हाथों सात आदिवासियों का नरसंहार कर दिया गया और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बोलते है क्या किया जा सकता है, मारने वाला भी हमारा और मरने वाला भी हमारा ही आदमी था, दुर्भाग्य की बात है कि आज तक किसी की गिरफ्तारी तक नहीं हो पायी. उन्होंने कहा कि झारखंड में लगातार बांग्लादेशी मुसमान धर्म परिवर्तन कर रहे है तो ईसाई समुदाय के लोग भी आदिवासियों का धर्मांतरण करा रहे है, जिसको सरकार का संरक्षण प्राप्त है. हालात अगर यहीं रह गये तो झारखंड में आदिवासी समुदाय अल्पसंख्यक ही रह जायेगा. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने नक्सलियों और महिला अत्याचार पर लगााम लगायी थी. झामुमो आदिवासियों के नाम पर सिर्फ ठग रही है. जल, जंगल, जमीन के नाम पर लूट मची हुई है. कोयला और बालू माफिया और जमीन हड़पने वाले सक्रिय है. सीएम से लेकर एमएलए तक पैसे कमाने में लगे है. बिना पैसे का कोई काम सरकारी दफ्तरों में नहीं होता है. बिचौलियों का राज है. नयी नियोजन नीति में हिंदी भाषा भाषी को हटा दिया जाना गलत है क्योंकि पूरा देश में लोगों को नौकरी हिंदी पर ही मिलेगी और उसी हिंदी को हटा दिया गया है, जिसके जरिये लोगों को लाभ नहीं होगा. उन्होंने यहां तक आरोप लगाया कि देख लीजिये किस तरह का सिस्टम चल रहा है कि झामुमो के केंद्रीय महासचिव की पत्नी को ही सबसे काबिल समझा गया और उनको जेपीएससी का सदस्य मनोनित कर दिया गया.

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