jamshedpur-court-जमशेदपुर कोर्ट का फैसला, सुंदरनगर  में 14 साल की नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म और चार माह का गर्भवती बनाए जाने का आरोपी गणेश एवं पुचा दास को 25-25 साल का सश्रम कारावास और 25-25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया 

राशिफल

जमशेदपुर  : जमशेदपुर के सुंदरनगर थाना क्षेत्र में वर्ष 2016 में नाबालिग के साथ हुई सामुहिक दुष्कर्म और गर्भवती बनाने जाने के मामले में जमशेदपुर कोर्ट के एडीजे -1 संजय कुमार उपाध्याय की अदालत ने सुनवाई करते हुए मंगलवार को आरोपी गणेश सिंह एवं पुचा दास दोनों खुकड़ाडीह सुंदरनगर को 25-25 साल का सश्रम कारावास की सजा सुनाई हैं. साथ ही अदालत ने दोनों आरोपी को 25 -25 हजार रूपए का अर्थदण्ड भी लगाया हैं. अदालत ने अपने फैसले में कहा हैं कि अर्थदण्ड नहीं देने पर तीन साल के लिए अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी. दोनों सजाए साथ-साथ चलेगी. अदालत ने गणेश सिंह को भादवि की धारा 506 के तहत 5 साल 5 हजार रुपए की सजा दी हैं. अदालत में इन दोनों आरोपियों का मामले अलग-अलग सुनवाई हो रही थी. दोनों मामले में कुल 8 एवं 6 लोगों की गवाही हुई थी. (नीचे भी पढ़ें)

अदालत ने किसे किन धाराओं दी सजा : 
अदालत ने आरोपी गणेश सिंह को भादवि की धारा 376 (डी) गैंगरेप के तहत 25 साल 25 हजार रूपए का अर्थदण्ड, अर्थदण्ड नहीं देने पर तीन साल की अलग से अतिरिक्त कारावास की सजा दी गई. गणेश को भादवि की धारा 506 के तहत 5 साल 2 हजार रुपए का अर्थदण्ड का सजा दी गई जबकि पुचा दास को पोस्को की धारा 6 के तहत 25 साल 25 हजार रूपए का अर्थदण्ड लगाया गया. अर्थदण्ड नहीं देने पर अलग से तीन साल की सजा दी गई. (नीचे भी पढ़ें)

नाबालिग को जबरन उठाकर जंगल में ले जाकर तीनों ने मिलकर करता था दुष्कर्म, चार माह का हो गई गर्भवती, सुंदरनगर थाने में दर्ज किया गया था एफआईआर पीड़िता के बयान  सुंदरनगर थाने में 24 अगस्त 2016 को गणेश सिंह, पुचा दास  एवं एक अन्य को आरोपी बनाते हुए सुंदरनगर थाने में एफआईआर दर्ज किया गया था, जिसमें पीड़िता ने पुलिस को बताया था कि वह अपनी नानी के घर पर रहती थी क्योंकि मां किसी ओर के साथ चली गई थी, पिता भी छोड़ कर कही भाग गया था. जब भी वह शौच के लिए जाती थी पुचा उसका पीछा करता था. उसे जबरन उठाकर जंगल ले जाता था और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता था. इसी बीच गणेश और उसके साथी भी कभी -कभी जंगल में ले जाकर शारीरिक संबंध बनाया था. यह सिलसिला चलता रहा. अचानक एक दिन पेट दर्द हुआ तो नानी ने डॉक्टर के पास लेकर गया तो पता चला कि वह चार माह की गर्भ से हैं. पुलिस ने नाबालिग के बयान पर मामला दर्ज कर तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था, जिनमे से अदालत ने एक को जुबेनाइल घोषित कर दिया था.

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