jamshedpur-dc-meeting-जमशेदपुर की डीसी ने कई विभागों की लगायी क्लास, 6 घंटे तक लगातार की बैठक, स्वास्थ्य विभाग समेत कई विभागों के अधिकारियों को फटकार

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जमशेदपुर : जमशेदपुर के डीसी ऑफिस में जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त विजया जाधव की अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति की बैठक आयोजित हुई. केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं में प्रगति की समीक्षा कर उपायुक्त ने पदाधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिये. सभी पंचायत सचिवों को प्रत्येक मंगलवार पंचायत सचिवालय में मनरेगा की जनसुनवाई का निर्देश दिया गया. जिले में 519 वीएलई हैं जो झारसेवा पोर्टल पर रजिस्टर्ड हैं. सरकारी कार्यों को प्राथमिकता नहीं देते हुए दूसरे कार्यो में उनके लगे होने का मामला संज्ञान में आने पर उपायुक्त द्वारा सख्त निर्देश दिया गया कि सभी वीएलई को सरकारी कार्यों में लगायें, उनका रजिस्ट्रेशन सरकारी कार्यों में सहयोग के लिए मिला है, सरकारी कार्य में अनिच्छा जाहिर करते हैं तो जिला को उनका रजिस्ट्रेशन रद्ध करने के लिए प्रस्ताव भेजें. (नीचे भी पढ़ें)

मनरेगा की समीक्षा के क्रम में ‘आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम के तहत प्राप्त 2306 नए आवेदन, तथा दीदी बाड़ी योजना के 4012 आवेदनों को जांचोपरांत स्वीकृति प्रदान करते हुए सभी बीडीओ को मानव दिवस सृजन में तेजी लाने का निर्देश दिया गया. प्रति गांव 5 योजना लेने में जिला का औसत 2.95 है. उपायुक्त ने कहा कि प्रत्येक पंचायत में 5 योजना संचालित हो रहे हों इसे सुनिश्चित करें, जो जॉब कार्ड एक्टिव नहीं हैं उन्हे चिन्हित करते हुए रोजगार उपलब्ध कराने के निर्देश दिया गया. वहीं आधार सीडिंग को कैंप मोड में 15 दिनों में पूरा करने का निर्देश दिया गया. उपायुक्त द्वारा निदेशित किया गया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 से पहले की ट्रेंच कम बंड, फिल्ड बंड, डोभा, तालाब जैसी योजनाओं को अगले 10 दिनों में क्लोज करें. बैठक में बिरसा हरित ग्राम योजना, नाडेप-सोक पीट के योजनाओं की भी समीक्षा की गई. (नीचे भी पढ़ें)

पीएम आवास योजना- ग्रामीण की समीक्षा के क्रम में 1970 आवास ऐसे पाये जिसमें पहला किश्त जारी हुए 12 महीना हो चुका लेकिन निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है. वहीं वित्तीय वर्ष 2019-20 के 307 एवं 2020-21 के 508 आवास अब तक लंबित हैं. उपायुक्त द्वारा ऐसे लाभुकों को 15 दिनों का नोटिस देते हुए आवास निर्माण कार्य पूरा कराने के लिए जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं से सहयोग लेने, इसके बावजूद आवास का निर्माण नहीं कराते हैं तो लाभुक से आवास की राशि वसूलने का सख्त निर्देश दिया गया. उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि विकास योजनाओं की राशि सही तरीके से लाभुक खर्च करें, उनके निजी स्वार्थों की पूर्ति के लिए यह राशि नहीं उपलब्ध कराई जाती है. (नीचे भी पढ़ें)

15वां वित्त की राशि से सभी आंगनबाड़ी केन्द्र एवं सरकारी विद्यालयों में चापाकल मरम्मति का निर्देश दिया गया. जिले में 71 चापाकल का मरम्मतीकरण चालू है, 32 का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा 185 नए चापाकल की आवश्यकता है जिसपर प्राथमिकता के आधार पर जहां पानी के अन्य स्रोत नहीं हो वहां चापाकल अधिष्ठापन करने का निर्देश जिला पंचायत राज पदाधिकारी को दिया गया. जेएसएलपीएस डीपीएम को सभी बीडीओ द्वारा उनके प्रखंडों के 2 जगह बताये गए जहां हड़िया-दारू का कारोबार होता है. उपायुक्त द्वारा डीपीएम को ऐसी सभी महिलायें जो हड़िया दारू बेचने का कार्य कर रही हैं उन्हें मुख्यमंत्री फूलो झानो आशीर्वाद योजना से जोड़ने का निदेश दिया गया. साथ ही सभी सबर बस्तियों में भी लोगों के बीच शराब के दुष्प्रभाव के प्रति जागरूकता लाने तथा योजना से लाभान्वित करने का निदेश दिया गया. (नीचे भी पढ़ें)

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के क्रम में आयुष्मान कार्ड बनाने की धीमी प्रगति पर उपायुक्त ने डीपीएम को फटकार लगाते हुए इसमें तेजी लाने का निर्देश एवं हर जरूरतमंद को इस योजना से जोड़ने का निर्देश दिया गया. वर्तमान में डुमरिया सीएसची जिस भवन में संचालित है उसे ध्वस्त कर 29 दिसंबर से अनिवार्य रूप से पुराने प्रखंड कार्यालय में सीएचसी शुरू करने का निर्देश दिया गया. एएनएम की कमी के कारण जिन पीएचसी व एचएससी का संचालन नहीं हो पा रहा वहां सीएचओ को प्रतिनियुक्त कर सेंटर क्रियाशील करने का निर्देश दिया गया. बाकुलचंदा पीएचसी में एएनएम, सीएचओ की प्रतिनियुक्ति, पटमदा एमओआईसी को 3-3 दिन बोड़ाम व पटमदा में बैठने का निर्देश दिया गया. (नीचे भी पढ़ें)

सावित्रीबाई फुलो झानो आशीर्वाद योजना के तहत प्राप्त 41701 आवेदनों को अगले 7 दिनों में ऑनलाइन इंट्री करने का निर्देश दिया गया ताकि सभी बालिकाओं को सहायता राशि मिल सके. उपायुक्त ने कहा कि बेटियों के सशक्तिकरण की दिशा में यह योजना राज्य सरकार की काफी महत्वाकांक्षी योजना है, ऐसे में इसे उच्च प्राथमिकता दें. शिक्षा विभाग के पदाधिकारी से मासिक मूल्यांकन परीक्षा में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले 25 स्कूलों की लिस्ट मांगी गई. उपायुक्त ने कहा कि बोर्ड परीक्षा नजदीक है, ऐसे में खराब प्रदर्शन वाले स्कूलों में बच्चों के उचित मार्गदर्शन के लिए जिले की सिविल सोसायटी व अन्य प्रोफेशनल जो बच्चों को मार्गदर्शन करने की इच्छा रखते हैं उनसे सहयोग लिया जाएगा, जिले के वरीय पदाधिकारियों को भी इन स्कूलों के रिजल्ट में सुधार के लिए जिम्मदारी दी जाएगी. ‘आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम में धान अधिप्राप्ति के लिए किसानों के निबंधन हेतु प्राप्त गुड़ाबांदा में 491, डुमरिया में 304, चाकुलिया में 1409, बहरागोड़ा में 1184 नए आवेदनों पर उपायुक्त ने असंतोष जताते हुए जिला सहकारिता पदाधिकारी को ग्रामीणों के बीच जाने तथा निबंधन बढ़ाने के निर्देश दिए. (नीचे भी पढ़ें)

कृषि विभागीय योजना प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में ड्रिप इरिगेशन सिंचाई पद्धति के लिए 90 फीसदी अनुदान का लाभ लाभुकों को दिया जा रहा. जिला कृषि पदाधिकारी को योजना का व्यापक प्रचार प्रसार करने का निर्देश दिया गया. इस योजना का लाभ सिंचाई हेतु उपलब्ध जल स्रोत होने पर ही मिल सकेगा. वहीं उक्त सिंचाई योजना में जिला का लक्ष्य 550 हेक्टेयर तथा 1350 किसान हैं जिसके विरूद्ध 152 आवेदन प्राप्त हुए हैं. जिला कृषि पदाधिकारी को शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति के लिए ज्यादा से ज्यादा आवेदन सृजित करने के निर्देश दिए गए. (नीचे भी पढ़ें)

आपूर्ति विभाग की समीक्षा में सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को क्षेत्र भ्रमण के क्रम में सबर जनजाति के घरों का निरीक्षण कर उनके घर में अनाज है या नहीं इसकी जांच करने का निर्देश दिया गया. उपायुक्त ने कहा कि ठंड के मौसम में सुदूर दुर्गम स्थानों में इनका निवास स्थान होने के कारण कई बार देखा गया है कि ये पीडीएस डीलर तक नहीं पहुंच पाते हैं. निरीक्षण में उनके घरों में अनाज नहीं पाया जाता है तो तत्काल एमओ से संपर्क कर उपलब्ध करायें. (नीचे भी पढ़ें)

बैठक में कल्याण विभागीय योजनाओं में छात्रों के पूर्व के वर्षों की छात्रवृत्ति राशि का रिजेक्टेड ट्रांजेक्शन को लेकर बैंक खाता में जरूरी सुधार करते हुए भुगतान शुरू कराने, सीएमईजीपी व मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना की समीक्षा की गई. पर्यटन, वन, महिला बाल विकास तथा अन्य सभी विभागों के योजनाओं की भी समीक्षा कर उपायुक्त द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए. बैठक में एडीएम लॉ एंड ऑर्डर नन्दकिशोर लाल, निदेशक डीआरडीए सौरभ सिन्हा, एसडीएम धालभूम पीयूष सिन्हा, अपर उपायुक्त जयदीप तिग्गा, एसओआर दीपू कुमार, निदेशक एनईपी ज्योत्सना सिंह, डीसीएलआर रविन्द्र गागराई, जिला परिवहन पदाधिकारी दिनेश रंजन व जिला स्तरीय अन्य सभी विभागीय पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी व अंचल अधिकारी, तकनीकी विभागों के कार्यपालक अभियंता, एलडीएम तथा अन्य मौजूद रहे.

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