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रविवार, अप्रैल 11, 2021
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    jamshedpur-health-जमशएदपुर के सिविल सर्जन दफ्तर पर धरने पर बैठे पूर्व सैनिक, संक्रमण को लेकर व्यवस्था दुरुस्त नहीं होने पर जताया ऐतराज, झामुमो ने भी सदर अस्पताल की व्यवस्था के खिलाफ किया आंदोलन

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    धरना देते पूर्व सैनिक.

    जमशेदपुर : एक तरफ कोरोना का कहर दिन प्रति दिन जमशेदपुर में जानलेवा होता जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ जमशेदपुर सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष एक पूर्व सैनिक धरने पर बैठ गया. वैसे धरने का कारण सरकारी अस्पताल है, बताया जाता है कि जिला प्रशासन ने जुगसलाई पीएचसी के खाली भवन को नगर पालिका को दे दिया है. इसको लेकर स्थानीय लोग पूर्व में भी विरोध जता चुके हैं. जहां विरोध करने पर कुछ दिनों के लिए नगरपालिका के कार्यालय को शिफ्ट नहीं किया गया. वहीं नए सिविल सर्जन के कार्यभार ग्रहण करते ही अस्पताल के खाली भवन को नगर पालिका को दे दिया गया है.

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    पूर्व सैनिक सत्येंद्र प्रसाद ने बताया कि नगर पालिका के कार्यालय में सफाई कर्मचारी से लेकर आम लोग पहुंचेंगे, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ेगा. वहीं अस्पताल में प्रसूति गृह है, नवजात बच्चे के साथ आम रोगी भी होंगे, जिससे कोरोना का संक्रमण फैलने का खतरा होगा. उन्होंने साफ कर दिया है, कि आज आंशिक रूप से सिविल सर्जन के कार्यालय पर धरना दे रहे हैं, जरूरत पड़ी तो जिला मुख्यालय पर भी धरने पर बैठेंगे. उन्होंने बताया कि जुगसलाई हमारी और जुगसलाई की जनता की है, सिविल सर्जन या उपायुक्त का नहीं. हमारी जान से खेलने का अधिकार उन्हें नहीं है.

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    झामुमो ने सदर अस्पताल की कार्यशैली पर उठाये सवाल
    जमशेदपुर सदर अस्पताल के कार्यशैली पर झारखंड मुक्ति मोर्चा प्रखंड कमेटी ने सवालिया निशान खड़े किए हैं. इन्होंने सिविल सर्जन से मिलकर एक मांग पत्र सौंपा है. जहां सौपे गए मांग पत्र के माध्यम से झामुमो प्रखंड कमेटी ने सिविल सर्जन से यहां पहुंच रहे मरीजों की परेशानी से अवगत कराया है. झामुमो नेता बहादुर किस्कू ने बताया कि अस्पताल के कर्मचारियों की लापरवाही से अस्पताल के कर्मी संक्रमित हो रहे हैं, जिसका खामियाजा यहां पहुंचनेवाले दूरदराज ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को उठाना पड़ रहा है. आपको बता दें, कि मंगलवार को सदर अस्पताल का एक कर्मचारी संक्रमित पाया गया था. जिसके बाद अस्पताल को सील कर घंटों सैनिटाइज किया गया. इस दौरान दूरदराज के मरीजों को वापस लौटना पड़ा. वहीं झामुमो नेता ने बताया कि अस्पताल के कर्मचारी ना तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हैं, ना ही चेहरे पर मास्क लगाते हैं. जिससे वे संक्रमित हो रहे हैं. वैसे बहादुर किस्कू ने सिविल सर्जन द्वारा दिए गए आश्वासन पर संतुष्टि जताई. उन्होंने कहा सिविल सर्जन ने उनकी मांगों को गंभीरता पूर्वक लिया है, उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही अच्छे परिणाम देखने को मिल सकते हैं.

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