jamshedpur-loss-भारतीय सैन्य के पराक्रमी और 1971 युद्ध के नायक रहे हवलदार राजदेव सिंह का निधन, अपूरणीय क्षति

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जमशेदपुर : अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद पूर्वी सिंहभूम के सदस्य एवं संगठन के भीष्म पितामह कहे जाने वाले राजदेव सिंह का तामोलिया स्थित ब्रह्मानंद अस्पताल में निधन हो गया. हवलदार राजदेव सिंह 1962 एवं 1971 के युद्ध में पैरा कमांडो के रूप में कार्यरत थे एवं दोनों लड़ाईयों में वीरता एवं साहस से लड़े. उन्होंने समाज के कई मंचों पर अपने बीती वीरता की कहानी सुना चुके थे. पूर्व सैनिक सेवा परिषद ने इन्हें शहर के कई मंचों पर सम्मान दिलाया. इनके सामने उम्र एक संख्या मात्र था. 80 की उम्र में भी किसी भी मीटिंग में समय से आधे घंटे पूर्व पहुंचना संगठन के बाकी सदस्यों को अनुशासन की प्रेरणा देता था. राष्ट्रीय बैठकों में भी शहर से बाहर जाने में हमेशा आगे रहते थे. मीटिंग के दौरान अपनी हर बात मजबूती से रखते थे एवं सदैव समाज में सैनिकों की सम्मान का ख्याल रखते थे. राजदेव सिंह का जाना अपूरणीय क्षति है. उनका पूर्व सैनिकों के बीच से चले जाना एक शून्य कर गया. जो निकट भविष्य में भर पाना सम्भव नही है. खबर मिलते ही संगठन के प्रतिनिधि सुशील कुमार सिंह, राजीव रंजन, दिनेश सिंह, अमित कुमार, मनोज ठाकुर, अशोक कुमार श्रीवास्तव, सतनाम सिंह, दीपक शर्मा ने अस्पताल जाकर उनका पार्थिव शरीर मॉर्चरी में रखवाकर बागबेड़ा स्थित उनके निवास पहुंचकर परिवार से मुलाकात की एवं आगे की कार्रवाई की तैयारी की गई. राजदेव सिंह का पार्थिव शरीर दोपहर 2 बजे उनके निवास स्थान जुगसलाई गाढ़ाबासा लाल बिल्डिंग से बिष्टुपुर पार्वती घाट के लिए प्रस्थान करेगा.

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