spot_img

jamshedpur-mla-saryu-roy-जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने ऊर्जा विभाग के सचिव को लिखा पत्र, कहा-टाटा लीज समझौता को अक्षरश: लागू करें सरकार, जमशेदपुर की सभी बस्तियों में बिजली दें टाटा स्टील

राशिफल

जमशेदपुर : जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने बिजली को लेकर चल रही समस्या के बीच टाटा स्टील से मांग की है कि वे लोग टाटा लीज समझौता के तहत जमशेदपुर की सारी बस्तियों में पानी और बिजली प्रदान करें. श्री राय ने ऊर्जा विभाग के सचिव को पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने कहा है कि बिजली संकट के वर्तमान दौर में, जमशेदपुर में बिजली आपूर्ति के बारे में टाटा लीज़ समझौता के प्रासंगिक प्रावधान की ओर आकृष्ट कराया है. उन्होंने विधानसभा के अष्टम (बजट) सत्र में सवाल भी किया था. सरयू राय ने बताया है कि सरकार द्वारा सदन में उनके प्रश्न का उत्तर तो आया, परंतु उस दिन सदन में इस पर वाद-विवाद नहीं हो पाया. फलतः उनके संभावित पूरक प्रश्नों का समाधान नहीं हो पाया. श्री राय ने अवगत कराया है कि टाटा लीज़ समझौता के अनुसार जमशेदपुर के सभी घरों में बिजली का कनेक्शन कंपनी को देना है परंतु अन्य बस्तियों की कौन कहे, कंपनी ने टाटा लीज़ के अंतर्गत आने वाली बस्तियों और टाटा लीज़ से 2005 में बाहर की गई बस्तियों में अभी तक बिजली कनेक्शन नहीं दिया है. उल्लेखनीय है कि टाटा लीज समझौता 1985 में हुआ था और इसका नवीकरण 2005 में हुआ. इसी का नतीजा है कि टाटा लीज़ के अंतर्गत की अधिकांश बस्तियों, जमशेदपुर की अन्य बस्तियों तथा कंपनी क्वार्टर एवं सबलीज इलाक़ों में विद्युत आपूर्ति की दो तरह की व्यवस्था लंबे समय से क़ायम है. कुछ क्षेत्र कंपनी की बिजली से आच्छादित हैं तो एक बड़ा इलाक़ा सरकार की बिजली से. यह दोहरी व्यवस्था टाटा लीज़ समझौता की भावना के अनुरूप नहीं है. यह जमशेदपुर के नागरिकों के हित में भी नहीं है. इसमें बदलाव होना आवश्यक है. सरयू राय ने कहा है कि सरकार ने उनके सवाल का विधानसभा में जैसा उत्तर दिया है वह निराश करने वाला है. लगता है यह उत्तर देते समय सरकार ने विषयवस्तु की वैधानिकता एवं गम्भीरता का ध्यान नहीं रखा है. विदित हो कि सरकार ने कंपनी को सरायकेला-खरसांवा ज़िला के आदित्यपुर सहित अन्य इलाक़ों में बिजली आपूर्ति हेतु लाईसेंस दिया है. कंपनी वहां बिजली की आपूर्ति कर भी रही है परंतु जमशेदपुर के सभी इलाक़ों में बिजली आपूर्ति का लाईसेंस पूर्व में ही दिये जाने के बावजूद कंपनी द्वारा अधिकांश बस्तियों में बिजली की आपूर्ति नहीं की जा रही है. विडंबना है कि सरकार भी इस बारे में सचेष्ट नहीं है. ऐसा लगता है कि इस मामले में सरकार भी कंपनी की ही भाषा बोल रही है. उन्होंने कहा है कि उनको याद है कि क़रीब एक महीना पहले उन्होंने इस विषय की चर्चा आपसे किया था और बताया था कि विधानसभा में अपने प्रश्न के सरकारी उत्तर से मैं संतुष्ट नहीं है. बिजली के वर्तमान संकट के दौर में लगता है कि लीज़ समझौता से आच्छादित क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति कंपनी से होने लगेगी तो यहां खर्च होने वाली बिजली सरकार अन्य जगहों पर दे सकती है. श्री राय ने कहा है कि वे टाटा लीज़ समझौता की पृष्ठभूमि के बारे में विस्तृत उल्लेख करने की बजाय मात्र यही निवेदन करना चाहते हैं कि कंपनी की बिजली पर जमशेदपुर के नागरिकों का वैधानिक अधिकार है, जो टाटा लीज़ समझौता से निःसृत है. यह अधिकार उन्हें जितना जल्द मिल सके, मिलना चाहिये. सरकार को इस बारे में गंभीर पहल करनी होगी.

WhatsApp Image 2022-04-29 at 12.21.12 PM
WhatsApp-Image-2022-03-29-at-6.49.43-PM-1
Shiv Yog Physiotherapy And Yoga Classes
spot_img

Must Read

Related Articles

Don`t copy text!