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jamshedpur-national-lok-adalat-नेशनल लोक अदालत में 28,190 मामलों का निष्पादन, 29 करोड़ 45 लाख 67 हजार 479 रूपये की राजस्व वसूली

राशिफल

जमशेदपुर : नालसा एवं झालसा के निर्देश पर जमशेदपुर जिला विधिक सेवा प्राधिकार जमशेदपुर द्वारा व्यवहार न्यायालय के लोक अदालत कक्ष में नेशनल लोक अदालत का आयोजन शनिवार को व्यापक रूप से किया गया. नेशनल लोक अदालत का उदघाटन जमशेदपुर शहर के आम नागरिक के रूप में पहुँचे बृद्ध महिला-पुरुष ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि के रूप में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार मिश्रा एवं विशिष्ठ अतिथियों में प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय अमितेश लाल, स्टेट वार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष राजेश कुमार शुक्ल, जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष लाला अजित राय अम्बष्ठा, डालसा के सचिव नितीश निलेश सांगा सहित सिविल कोर्ट के

मजिस्ट्रेट व अधिवक्ता व पीएलवी मौजूद रहे.
लोक अदालत मे त्वरित समाधान, समय और पैसा दोनों की बचत मुख्य अतिथि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार मिश्रा ने लोक अदालत की महत्ता पर प्रकाश डाला और लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि नेशनल लोक अदालत में अपने मामलें का त्वरित समाधान पाकर समय और पैसा दोनों की बचत कर सकते हैं. वहीं स्टेट वार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष राजेश शुक्ल ने लोक अदालत को विवादों के समझौता द्वारा निष्पादन करने का एक बेहतर मंच बताया और कहा कि नालसा, झालसा व डालसा समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुँचाने में काफी मददगार साबित हुई है. यही कारण है कि जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय में लंबित वादों का काफी संख्या में लोकअदालत के माध्यम से निपटारा किया गया है. नेशनल लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलें का समाधान के लिए कुल जमशेदपुर में 15 बेंचों एवं घाटशिला में 3 बेंचो का गठन किया गया था. जमशेदपुर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव नीतीश निलेश सांगा ने बताया कि सुलह योग्य सभी प्रकृति के मामलों का नेशनल लोक अदालत में निपटारा किया गया. जिनमें मुख्य रूप से वन अधिनियम, बिजली अधिनियम, मापतौल अधिनियम, उत्पाद अधिनियम, बैंक ऋण, चेक बाउंस, श्रम अधिनियम, न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, मोटरयान दुर्घटना मुआवजा, भूमि अधिग्रहण से संबंधित वाद, खान अधिनियम, पारिवारिक वाद, सुलह योग्य आपराधिक और दीवानी मामले आदि के केस शामिल हैं। नेशनल लोक अदालत में कुल 28 हजार 01सौ 90 मामलों का समाधान किया गया , जिसमें कोर्ट केस 8,845 शामिल है और 29 करोड़ 45 लाख 67 हजार 4 सौ 79 रूपये की राजस्व प्राप्ति हुई है. साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि निष्पादन वाद संख्या 211/ 2019 ( गौतम गौरी बनाम टाटा स्टील) जो कि चन्द्र भानू कुमार अपर मुख्य न्यायायिक दंडाधिकारी सह सिविल जज 1 के कोर्ट मे लंबित था. पूर्व मे गौतम गौरी द्वारा उसके बरखास्ती के आदेश के विरूद्ध श्रम नयायालय मे केस किया गया था, जिसमे श्रम न्यायालय ने बरखास्ती के आदेश को निरस्त करते हुए गौतम गौरी को पुनः वापस लेने तथा 50% बैक वेज देने का निर्देश दिया था. उसी आदेश के निष्पादन हेतू उक्त केस अपर मुख्य न्यायायिक दंडाधिकारी सह सिविल जज 1, जमशेदपुर के यहां स्थानांतरित हुआ था, जिसमें दोनो पक्षों ने समझौता किया एवं 51 लाख रूपये का चेक प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश माननीय अनील कुमार मिश्रा ने पक्ष कार को दिया.

उदघाटन के पूर्व जिला जज के नेतृत्व मे तिरंगा झांकी निकला
भारत के आजादी की अमृत महोत्सव के अवसर पर व्यवहार न्यायालय परिसर मे नेशनल लोक अदालत के उदघाटन के पूर्व जिला जज अनील कुमार मिश्रा के नेतृत्व मे तिरंगा झांकी भी निकाली गयी. जिसमें व्यवहार न्यायालय के सारे न्यायाधीश सहित कोर्ट स्टाफ एवं पीएलवी शामिल थे.

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