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रविवार, अप्रैल 18, 2021
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    jamshedpur-rural-ghaagh-jharana- बंगाल सीमा से सटे पहाड़ों पर बसा घाघ झरना लोगों को अपनी ओर करता है आकर्षित, यहां पर पर्यटक की अपार संभावनाएं

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    चाकुलिया : घाटशिला के बुरूडीह डैम के आगे धारागिरी झरना की तरह चाकुलिया प्रखंड की माटियाबांधी पंचायत के बंगाल सीमा से सटे पहाडों पर बसा गांव घाघरा गांव स्थित घाघ झरना लोगों को खूब भा रहा है. झरना की लुप्त उठाने के लिए अनुमंडल के विभिन्न गांव के ग्रामीण विभिन्न वाहनों पर सवार होकर घाघरा गांव पहुंचकर घाघ झरना का लुप्त उठा रहे हैं. विदित हो कि घाघरा गांव जाने तक पहले एक अदद सड़क भी नही था, सड़क बनने के बाद घाघरा गांव की घाघ झरना लोगों को अपनी और आकर्षित कर रही है. ग्रामीणों को घाघ झरना के साथ-साथ पहाड़ की वादियां और यहां की प्राकृतिक सौन्दर्य भी लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है. रोजाना घाघरा गांव के घाघ झरना के पास सैंकड़ों लोग पहुंचकर इसका लुप्त उठा रहे हैं. स्थानीय लोगों का मानना है कि सरकार अगर गोटाशिला पहाड़ को पर्यटन का दर्जा देकर इसको विकसित करें तो यहां पर्यटकों का आना जाना शुरू हो पाएगा, इससे लोगों को रोजगार के साथ साथ सरकार को भी राजस्व की प्राप्ति होगी. कहा कि पर्यटन घोषित कर सरकार घाघ झरना और गोटाशिला मंदिर का सौंदर्यीकरण करें तो यहां पर पर्यटकों का आना जाना लगा रहेगा. इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और आदमनी बढ़ेगी. इससे समाज के साथ साथ राज्य का विकास होगा.
    कैसे पहुंचे गोटाशिला मंदिर और घाघ झरना
    चाकुलिया रेलवे स्टेशन से करीब 15-16 किमी दूर उत्तर की ओर माटियाबांधी पंचायत है. माटियाबांधी से मुख्य सड़क से गंगा-जमुना गांव होते हुए गोटाशिला पहाड़ पहुंचकर गोटाशिला मंदिर में भगवान शिव के दर्शन व पूजा कर सकते हैं. इस मंदिर में स्वत: ही एक शिला शिवलिंग के आकार का है. यहां पर दो छोटी झरना है, जहां से सालों भर पानी निकलता है. यहां पर पर्यटक आते है और झरने का आनंद उठाते है. इसके अलावा यहां का प्रसिद्ध घाघ झरना है, इस झरने के आस पास की प्राकृतिक वादियां मनमोहक है, इस झरने की प्राकृतिक बनावट ऐसी है कि पहाड़ की उंचाई से नीचे गिरता झरने का पानी लोगों को बरबस अपनी ओर आकर्षित करता है. गर्मी के दिनों में इस झरने का पानी सूख जाता है, इसलिए गर्मी के दिनों पर्यटक यहां नहीं आते है. जुलाई से अक्टूबर माह तक घाघ झरने में पानी रहता है, जिसके कारण पर्यटक इस महीने में आकर इस झरने का आनंद उठाते है.

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