spot_imgspot_img

Global Statistics

All countries
344,549,784
Confirmed
Updated on January 22, 2022 1:23 AM
All countries
273,477,471
Recovered
Updated on January 22, 2022 1:23 AM
All countries
5,597,627
Deaths
Updated on January 22, 2022 1:23 AM
spot_img

jamshedpur- rural- बहरागोड़ा के जयंत घोष पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के थे करीबी, एक ही दिन दोनों का हुआ निधन, विधायक व पूर्व विधायक पहुंचे आवास, परिजनों को दी सांत्वना, जानिए निखिल बंगो साहित्य सम्मेलन के सचिव के बारे में

Advertisement
Advertisement

बहरागोड़ा : निखिल बंगो साहित्य सम्मेलन सर्वभारतीय सचिव जयंत घोष (69) का हृदय गति रूकने से सोमवार को जमशेदपुर स्थित उनके निजी आवास पर निधन हो गया. जयंत घोष के पार्थिव शरीर को पैतृक आवास बहरागोड़ा के उइनाला गांव लाया गया. जहां पर राजलाबांध श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया. चार दिन पहले उनकी धर्मपत्नी ममता घोष की भी हृदय गति रूकने निधन हो गया था. उनके छोटे भाई कृषनेन्दु घोष ने बताया कि जयंत घोष पूर्व में बिहार स्टेट बैंक कर्मचारियों के डेपुटी जेनेरल सेक्रेटरी थे. 1998 में वो सेवानिवृत्त हो गए. कहा कि सेवा निवृत्त के पश्चात वे 1984 से निखिल बंगो साहित्य सम्मेलन से जुड़ गये. 2004 से वे लगातार सम्मेलन के सचिव रहे, वही पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी अध्यक्ष रहे. कहा कि जब पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी भारत के राष्ट्रपति पद भार संभाला तो उन्होंने निखिल भारत बंग साहित्य सम्मेलन का सारा भार जयंत घोष पर ही छोड़ दिया था. पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के साथ जयंत घोष का करीबी संबंध था. बताया कि जब 2004 में पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी जब बंगाल के जंगीपुर से लोकसभा का चुनाव लड़े तो उस वक्त जयंत घोष चुनाव प्रभारी (प्रवक्ता) थे.

Advertisement

दोनों ने मिलकर बंग साहित्य सम्मेलन को देशभर एक पहचान दिलाने का काम किया. एक ही दिन पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी और जयंत घोष का निधन होना भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा. श्री घोष ने बताया कि विगत वर्ष जयंत घोष और अन्य सहयोगियों के प्रयास से बंगलादेश में अंतराष्ट्रीय बंगला साहित्य सम्मेलन हुआ था, उक्त सम्मेलन का उद्घाटन शेख हसीना ने की थी. जयंत घोष बचपन से ही नाटक और साहित्य में रूचि रखते थे. वे छात्र जीवन से ही बहरागोड़ा के वीणापानी पाठागार से जुड़े हुए थे. उन्होंने छात्र जीवन में कई नाटक में किरदार निभाया है. जयंत घोष के निधन से बहरागोड़ा के एक और सितारा का अंत हुआ. स्व जयंत घोष अपने पीछे बेटी श्रावणी घोष चौधरी, भाई कृषनेन्दु घोष और आशीष घोष समेत भरा पूरा परिवार छोड़ गये हैं. जयंत घोष का अंतिम संस्कार पूरे रीति रिवाज के साथ बहरागोड़ा के राजलाबांध शमसान घाट में किया गया. सूचना पाकर स्व घोष के आवास पर विधायक समीर महंती, पूर्व विधायक देवीपद उपाध्याय, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डा दिनेश षाड़गी, पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी समेत अन्य लोग पहुंचकर उनकी तस्वीर पर श्रद्धासुमन अर्पित किया और परिवार के सदस्यों से मिलकर सांत्वना भी दिया.

Advertisement
[metaslider id=15963 cssclass=””]

Advertisement
Advertisement
WhatsApp Image 2020-06-13 at 7.45.22 PM
IMG-20200108-WA0007-808x566
WhatsApp Image 2020-06-13 at 7.45.22 PM (1)
WhatsApp_Image_2020-03-18_at_12.03.14_PM_1024x512
previous arrow
next arrow

Leave a Reply

spot_img

Must Read

Related Articles

Don`t copy text!