jamshedpur-saraikela-big-crime-जमशेदपुर से सटे कपाली में ‘लव जेहाद’ का मामला, तीन आदिवासी महिला गांव से गायब, गांव में सनसनी, पुलिस तक पहुंचा मामला, पुलिस की कार्रवाई नहीं होने से गुस्से में लोग

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जमशेदपुर : जमशेदपुर से सटे सरायकेला-खरसावां जिले के अंतर्गत आने वाले कपाली क्षेत्र में तीन आदिवासी महिला का मुसलिम समुदाय के तीन लड़कों द्वारा अपहरण करने का मामला सामने आया है. वैसे लोग इसको लव जेहाद के मामले से जोड़कर देख रहे है. कपाली क्षेत्र में तीन आदिवासी महिला का एक-एक कर अपहरण कर लिया गया है और उनको दिल्ली में रखा गया है. अब ना तो महिला को वापस भेजा जा रहा है और ना ही पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गयी है. पुलिस तक यह मामला पहुंच चुका है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी देखी जा रही है. लोगों में गुस्सा है, लेकिन पुलिस द्वारा अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया है. अब इस मामले को दबाने की कोशिशें शुरू हो चुकी है. पहला मामला कपाली के डांगोडीह का रहने वाले राजू उरांव की पत्नी सुमित्रा उरांव का सामने आया है. सुमित्रा उरांव के पति राजू उरांव ने कपाली थाना प्रभारी को लिखित शिकायत दर्ज करायी है कि उसकी पत्नी 24 जून की दोपहर से घर से निकली है, लेकिन अब तक नहीं लौटी है. बताया जाता है कि उसकी पत्नी आंगनबाड़ी केंद्र में काम करती थी. सुमित्रा उरांव की काफी खोजबीन की गयी, लेकिन पता नहीं चल पाया. इसके बाद एक लड़का का नाम सामने आया, जिसके बाद उक्त लड़का का फोन नंबर पर उसने फोन किया तो बताया कि वह दिल्ली आ चुका है और उसकी पत्नी उसके साथ में है. वह उसकी पत्नी को अपने साथ रखना चाहता है और बच्चा भी उसके साथ ही है. उसके पति राजू उरांव ने बताया कि धर्म परिवर्तन कराकर वह उससे शादी करना चाहता है. इसके बाद उसने पुलिस को फोन नंबर भी दे दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. राजू उरांव ने बताया कि उक्त लड़के ने अपना नाम कोई राजपूत बताया था, लेकिन उसका नाम मुसलिम सामने आयै है और वह मुसलिम बस्ती का ही रहने वाला है. इस बीच राजू उरांव के गांव डांगोडीह इलाके में ही एक और महिला गायब है, जो शादीशुदा ही है और उसको भी एक मुसलिम युवक लेकर गया है, ऐसा गांव के लोगों ने कहा है. बताया जाता है कि जब दूसरी महिला के परिजन कपाली थाना पहुंचे तो उनको यह कहते हुए लौटा दिया गया कि एक केस दर्ज हो गया है तो दूसरा मामला का भी जांच उसी में हो जायेगा, लेकिन अब तक ना तो सुमित्रा उरांव के बारे में पता चला है और ना ही उसके बगल वाली महिला के बारे में पता चल पाया है. इसके अलावा कपाली क्षेत्र के कमारगोड़ा इलाके से भी एक आदिवासी लड़की के गायब होने का मामला सामने आया है, जिसके बाद से क्षेत्र में सनसनी फैल गयी है. पुलिस के रवैया को लेकर लोगों में गुस्सा देखा जा रहा है.

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आदिवासी जमीन हड़पने की दिशा में हो सकता है यह खेल
यह अंदेशा भी जताया जा रहा है कि आदिवासी महिलाओं का अपहरण उस इलाके में जमीन के कारोबार के चक्कर में किया जा रहा है. चूंकि, उस एरिया में काफी आदिवासी जमीन है, जिसकी खरीद बिक्री करने पर रोक है और वहां जमीन माफियाओं का शिकंजा काफी ज्यादा है, इस कारण इस खेल के साथ धर्म परिवर्तन कराकर आदिवासी जमीन को भी हड़पने की इसको साजिश मानकर देखा जा रहा है. वैसे अब तक पुलिस की कोई कार्रवाई नहीं होने से क्षेत्र के लोगों में गुस्सा है. चूंकि यह एरिया जमशेदपुर से सटा हुआ है, इस कारण यहां जमीन का काफी ज्यादा डिमांड है.

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