spot_img
शुक्रवार, मई 14, 2021
spot_imgspot_img
spot_img

जमशेदपुर : सोनारी हत्याकांड में नया मोड़, कोर्ट में खुलेआम बिना हथकड़ी घुमता रहा मनोज गुप्ता, कोर्ट में हाजिर, बेटी प्रिया का एसएसपी जमशेदपुर को जुलाई में लिखा पत्र कोर्ट में पेश, बेटी ने पत्र में कहा था-उसकी मां गलत आचरण की महिला, पटना में पराये मर्द के साथ रहती है, पिता को फंसाने में लगी है-VIDEO देखिये

Advertisement
Advertisement
बेटी के साथ मनोज गुप्ता, जेल जाने के पहले की फाइल तस्वीर.

Advertisement
Advertisement

जमशेदपुर : सोनारी में अपनी ही ममेरी सास की हत्या और अपनी पत्नी पूनम गुप्ता, उसके कथित दोस्त (जिसको पूनम भाई बोलती है) चंदन समेत अन्य पर गोली चलाने के आरोपी सस्पेंड सब इंस्पेक्टर मनोज गुप्ता जमशेदपुर कोर्ट में गुरुवार को हाजिर हुआ. मनोज गुप्ता की उनके अधिवक्ता गौरव पाठक ने पेशी करायी. मनोज गुप्ता की पेशी गुरुवार को उसकी पत्नी पूनम गुप्ता द्वारा गोलीकांड के पूर्व दायर किये गये प्रताड़ना के केस में हुई. मनोज गुप्ता के अधिवक्ता अभिषेक पाठक ने गुरुवार को इस केस के साथ ही हत्याकांड के मामले में एक नया मोड़ देते हुए 9 जुलाई 2019 को जमशेदपुर के एसएसपी को लिखे गये पत्र को कोर्ट में पेश किया. इस पत्र को मनोज गुप्ता की बेटी प्रिया कुमारी ने हत्याकांड के पहले और पत्नी द्वारा मनोज गुप्ता पर प्रताड़ना का दायर किये गये केस करने के बाद जमशेदपुर के एसएसपी को लिखा था. सब इंस्पेक्टर मनोज गुप्ता की बेटी प्रिया कुमारी ने अपने पत्र में कहा था कि उसकी मां पूनम गुप्ता ने गलत आरोप लगाकर उसके पिता यानी मनोज गुप्ता के खिलाफ कांड दर्ज कराया है. पत्र में बेटी ने उसकी मां पूनम गुप्ता को गलत आचरण की महिला बताया है. उसने पत्र में कहा है कि पूनम गुप्ता ने अपनी मां (मनोज गुप्ता की सास) कैलाश देवी के करोड़ों की संपत्ति (जमीन) अपने नाम कर उसे गोपनीय तरीके से बेचना चाहती है. जमशेदपुर में भी उसने सभी सगे-संबंधियों, पड़ोसियो और दुकानों से लाखों रुपये की ठगी कर चुकी है. उसकी मां कई वर्षों से किसी पराये पुरुष के साथ पटना में रहती है.

Advertisement
ब्लू रंग के शर्ट में पेशी के लिए जाता मनोज गुुप्ता.

उसका विरोध करने पर और उसकी मां को पटना जाने से रोकने प र इस घटना के दिन धक्का-मुक्की में उसकी मां को साधारण रुप से जख्मी हो गयी और उन सभी (बेटी व परिजनों को) को गुमराह करके उसके पिता के खिलाफ मुकदमा दायर करायी है. बेटी ने अपने पत्र में कहा है कि उसकी मां पूनम गुप्ता के आचरण के संबंध में उसकी नानी (पूनम गुप्ता की मां) कैलाश देवी से बयान लेकर सत्यापन किया जा सकता है. इस कांड की अनुसंधानकर्ता सहायक अवर निरीक्षक मनाता कुमार और सोनारी थाना के अन्य पुलिस पदाधिकारी ने अनेकों बार सत्याता के संबंध में बताये जाने के बाद भी उनके द्वारा सही तरीके से कांड का अनुसंधान नहीं कियका गया. अभी इस कांड का पर्यवेक्षण के लिए इस कांड के घटनास्थल यानी उसके आवासीय परिसर में कोई वरीय पदाधिकारी भी नहीं आये है ताकि उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत कराया जा सके.

Advertisement

गहराई से छानबीन करने पर उसके पापा (सब इंस्पेक्टर मनोज गुप्ता) निर्दोष साबित किये जा सकते है जबकि कांड के अनुसंधानकर्ता को पूर्व में कई बार बताये जाने के बावजूद उन्होंने इस संबंध में अनुसंधान नहीं किया और 27 जुलाई 2019 को उसके घर पर इश्तेहार चिपका दिया. बेटी ने अपने पत्र में बेहतर तरीके से छानबीन कर निर्दोष पिता को दोषमुक्त करने की मांग की थी. दूसरी ओर, कोर्ट में मनोज गुप्ता की पेशी हुई. इस पेशी के दौरान मनोज गुप्ता खुलेआम बिना हथकड़ी के कोर्ट में घुमता रहा. इस दौरान उसको अलग गाड़ी में लाया गया. उसको अलग जगह बैठाया गया और फिर अलग से सारा वीआइपी ट्रीटमेंट दिया गया. हालांकि, कोर्ट ने भी उसको यह छूट दी है.

Advertisement
Advertisement

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

spot_imgspot_img

Must Read

Related Articles

Don`t copy text!