Jamshedpur : पंचायत और निकाय चुनावों के लिए कुणाल, राजकुमार, दिनेश और अभय को जिम्मेदारी देने का सुझाव, अंकित आनंद ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सहित पार्टी के पूर्व मुख्यमंत्रियों को किया ट्वीट

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  • सरकार दलीय आधार पर पंचायत चुनाव कराने से डर रही, भाजपा अपने समर्थित प्रत्याशियों को तैयार करे : अंकित

जमशेदपुर : झारखंड में लगातार पंचायतों को मिल रहे एक्सटेंशन और सरकार द्वारा दलीय आधार पर पंचायत और निकाय चुनाव कराने से हाथ खड़े करने के बाद चर्चाएं तेज़ हैं। इसी बीच जमशेदपुर महानगर भाजपा के पूर्व प्रवक्ता अंकित आनंद ने दलीय आधार पर पंचायत चुनाव कराने की वकालत करते हुए सूबे की हेमंत सरकार से पुनर्विचार करने का आग्रह किया है। साथ ही मौके का शत-प्रतिशत लाभ उठाने के लिए प्रदेश भाजपा से अवसर लपकने का भी सुझाव दिया है। अंकित आनंद ने इस बाबत भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश को संगठन हित में महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए कहा कि श्रेयस्कर होगा कि सत्तारूढ़ यूपीए गठबंधन सरकार की नाकामियों और जनता के बीच व्याप्त गुस्से को भाजपा अपने पक्ष के मतों में तब्दील करे। इस आशय में अंकित आनंद ने कहा कि रोजगार, विकास, सुरक्षा, स्वास्थ्य सहित विभिन्न मोर्चों पर झारखंड सरकार फ्लॉप है। इनसे ध्यान भटकाने के लिए गैरजरूरी नमाज़ कक्ष जैसे मसलों को सरकार ध्रुवीकरण और तुष्टिकरण के लिए आगे कर रही है। इन्हीं कारणों से सत्तारूढ़ यूपीए गठबंधन सरकार दलगत आधार पर पंचायत और निकाय चुनाव कराने से घबरा रही है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, पूर्व सीएम रघुवर दास, केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा को ट्वीट के मार्फ़त सुझाव देते हुए अंकित आनंद ने कहा कि भले ही राज्य सरकार पार्टी आधारित चुनाव कराने से घबरा रही हो, लेकिन भाजपा को तुरन्त ही यह अवसर दोनों हाथों से लपकनी चाहिए। (नीचे भी पढ़ें)

अंकित आनंद ने कहा है कि कोल्हान सहित पूरे प्रदेश में भाजपा को सशक्त करने का यह स्वर्णिम अवसर है। इस बाबत पार्टी को चाहिए कि पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी, जिला परिषद उपाध्यक्ष राजकुमार सिंह, जमशेदपुर महानगर भाजपा के पूर्व अध्यक्ष दिनेश कुमार, अभय सिंह, रामबाबू तिवारी, बिनोद सिंह, चंद्रशेखर मिश्रा, नंदजी प्रसाद, देवेंद्र सिंह सरीखे नेताओं की योग्यता और अनुभवों को योजनाबद्ध तरीके से प्रयोग में लायी जाये। अंकित ने उपरोक्त भाजपा नेताओं को पंचायत एवं निकाय चुनावों के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपने की वकालत की है। कहा कि सरकार दलगत आधार पर चुनाव ना कराये तो प्लान-बी के तौर पर प्रदेश भाजपा को चाहिये की प्रमुख पार्टी नेताओं संग समन्वय बनाकर प्रत्येक पंचायत, जिप सीटों एवं निकायों पर अपने संभावित उम्मीदवारों की तलाश अभियान तेज़ करे। कहा कि यह सटीक अवसर है कि जब हेमंत सरकार के विरुद्ध जनाक्रोश को भाजपा जनमत में तब्दील कर निकाय एवं गांव की सरकार बना सकती है।

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