Jamshedpur : राष्ट्रीय भ्रष्टाचार नियंत्रण एवं जनकल्याण संगठन का सवाल-1998 के बाद सरकार के नियंत्रण में कैसा चला गया जमशेदपुर अक्षेस

Advertisement
Advertisement

Jamshedpur : क्या जमशेदपुर अक्षेस भ्रष्टाचार की टक्साल है? क्या अक्षेस की आड़ में टाटा स्टील और सरकार कोई गुप्त एजेंडा चला रही है? वैसे इसको लेकर एक बड़ा मामला राष्ट्रीय भ्रष्टाचार नियंत्रण एवं जनकल्याण संगठन ने उठाया है. जहां संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ने जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति को एक ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले में स्पष्टीकरण दिए जाने की मांग की है. प्रदेश अध्यक्ष डीडी त्रिपाठी ने बताया कि साल 1998 के सितंबर महीने के बाद से जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति का नियंत्रण सरकार के पास कैसे आ गया.

Advertisement
Advertisement

उन्होंने बताया कि अधिसूचित क्षेत्र समिति टाटा के संवेदक के रूप में काम करती थी. जिसका मुख्य काम टाटा कमांड एरिया में साफ-सफाई कराना और बदले में लगान वसूलना था, लेकिन सितंबर 1998 के बाद से अचानक यह विभाग सरकार के नियंत्रण में चला गया और इसके कर्मचारियों एवं अधिकारियों का खर्च टाटा प्रबंधन ना देकर सरकार देने लगी. वैसे उन्होंने पूरे मामले पर स्पष्टीकरण मांगा है. अब सवाल यह उठता है कि आखिर झारखंड बने 20 साल हो चुके हैं. इतने दिनों तक आखिर इसकी मांग क्यों नहीं उठी. फिलहाल डीडी त्रिपाठी के इस खुलासे के बाद सरकारी महकमे में हलचल तेज हो गई है.

Advertisement
Advertisement
Advertisement

Advertisement
Advertisement

Advertisement
Advertisement
Advertisement

Advertisement