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jamshedpur-wants-justice-एयर होस्टेस की मौत के गुजर गये 13 साल, नहीं मिला मां को न्याय, सोमवार को जन्मदिन पर छलके आंसू

राशिफल

जमशेदपुर : आहा संस्थान की ट्रेनी एयर होस्टेस मौसमी चौधरी की आज यानी सोमवार को जयंती मनायी गयी. कोविड को देखते हुए मां तापसी चौधरी ने सार्वजनिक जगह पर कोई कार्यक्रम नहीं किया बल्कि घर पर ही मौसमी चौधरी को श्रद्धांजलि दी. सामाजिक कार्यकर्ता राधाकांत ओझा भी मौसमी के घर पहुंचे और तापसी चौधरी के साथ मिलकर श्रद्धांजलि दी. मां ने चित्र पर माल्यार्पण कर पूजा की और शंख बजाकर श्रद्धांजलि दी. गौरतलब है कि आहा संस्थान की ट्रेनी एयर होस्टेस मौसमी चौधरी को होटल सोनेट से 9 मई को संदिग्ध परिस्थितियों में टीएमएच लाया गया था जहां पहले आईसीयू फिर सीसीयू में इलाजरत रहने के बाद 20 मई को उसे मृत घोषित किया गया था. मां तापसी चौधरी ने बेटी के साथ होटल में दुष्कर्म कर हत्या का आरोप लगाया था. मां का स्पष्ट कहना था कि मौसमी की हत्या 9 मई 2009 को ही हो गई थी और टीएमएच में तत्कालीन टाटा स्टील के वीपी पार्थो सेन गुप्ता के दबाव पर जबरन मौसमी के शव को रखा गया था और बाद में 20 मई को उसे मृत घोषित किया गया था. मां का आरोप है कि होटल मालिक के रसूखदार होने और टाटा के बड़े अधिकारियों तक पहुंच होने की वजह से मामले को पुलिस ने लीपापोती कर दिया था. बाद में  हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दो-दो बार सीबीआई जांच हो गई है लेकिन मौसमी को अब तक न्याय नहीं मिला. (नीचे भी पढ़ें)

मामले के तार डॉक्टर प्रभात हत्याकांड से जुड़ा-
मां तापसी चौधरी ने मौसमी चौधरी की हत्या के छह महीने के भीतर टीएमएच की इमरजेंसी के हेड डॉ प्रभात की हत्या के पीछे भी मौसमी हत्याकांड को कारण बताया है. मां का कहना है कि मौसमी को सबसे पहले टीएमएच के इमरजेंसी में लाया गया था जहां शव के दाखिले को डॉ प्रभात ने लेने से इंकार कर दिया था. जिसके बाद तत्कालीन टाटा के वीपी पार्थो सेनगुप्ता के दबाव पर मौसमी को पहले आईसीयू और फिर सीसीयू में दाखिल कराया गया. तापसी चौधरी ने आरोप लगाया कि मौसमी किस हालत में टीएमएच लायी गयी थी इसके अहम गवाह डॉ प्रभात थे, जिनकी अब हत्या हो चुकी है.
रघुवर दास सीएम बनने से पहले इस मामले पर मुखर थे-
मां तापसी चौधरी को इस बात का दुख है कि कई सीएम आए और गए लेकिन किसी ने उनकी बेटी को न्याय दिलाने में मदद नहीं की. तापसी चौधरी ने सरयू राय और रघुवर दास के उन बयानों की कटिंग आज भी रखी है जिसमें उनलोगों ने कहा था कि मौसमी हत्याकांड के तार डॉ प्रभात हत्याकांड से जुड़े हैं. लेकिन सीएम बनने के बाद वे सब भूल गए और कोई मदद नहीं की. (नीचे भी पढ़ें)

सीबीआई दुर्घटना मानने का दबाव-
मां तापसी चौधरी ने आरोप लगाया कि सीबीआई लगातार दबाव बना रही है कि वह अपनी बेटी के साथ हुई घटना को दुर्घटना मान ले और वैसी गवाही दे. लेकिन मां तापसी चौधरी ने मरते दम तक न्याय के लिए लड़ने की बात कही है.

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