jharkhand-advocates-news-बार काउंसिल ऑफ इंडिया कर रही अधिवक्ताओं के सारे सर्टिफिकेट की जांच, झारखंड में करीब 8 हजार से ज्यादा अधिवक्ताओं ने नहीं कराया प्रमाण पत्रों का सत्यापन, अधिवक्ताओं पर मंडाराने लगा लाइसेंस छिनने का खतरा

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जमशेदपुर : झारखंड राज्य के अधिवक्ताओं पर लाइसेंस छिनने का खतरा मंडराने लगा है. इसको लेकर बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआइ) कड़ा रुख अपनाए हुए है. बीसीआइ ने साफ कर दिया है कि जो भी अधिवक्ता 30 सितंबर तक अपने प्रमाण पत्रों का सत्यापन नहीं करा लेते उनका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा. इतना ही नहीं लाइसेंस रद्द होने के बाद प्रैक्टिस पर भी रोक लगा दी जाएगी. आपको बता दें कि झारखंड राज्य बार काउंसिल में करीब 25 हजार अधिवक्ता निबंधित हैं और अब तक मात्र 16493 अधिवक्ताओं ने अपने प्रमाण पत्रों का सत्यापन करावाया है. बाकि अधिवक्ता वगैर सत्यापन ही प्रैक्टिस कर रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट की ओर से बार काउंसिल ऑफ इंडिया के वेरिफिकेशन (सत्यापन)रूल्स 2015 के तहत देश के सभी राज्यों के बार काउंसिल को अधिवक्ताओं को प्रमाण पत्रों का सत्यापान कराना अनिवार्य बताया गया है. रांची जिला बार एसोसिएशन के महासचिव कुन्दन प्रकाशन, झारखंड उच्च न्यायालय एडवोकेट्स एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष धीरज कुमार ने समस्त अधिवक्ताओं के अपील की है कि 30 सितंबर से पूर्व सभी अपना सत्यापन फार्म जमा करें, जिससे भविष्य की परेशानियों से बचा जा सके.

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