jharkhand budha pahad development project – मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुरू कराया बूढ़ा पहाड़ डेवलपमेंट प्रोजेक्ट, राज्य गठन के बाद पहली बार 5.279 करोड़ रूपये की 175 विकास योजना लेकर कोई मुख्यमंत्री जाएंगे बूढ़ा पहाड़, कुल परियोजना राशि 100 करोड़ रुपए, जहां था नक्सलियों का एकाधिकार, वहां बहेगी विकास की गंगा

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रांची : झारखंड राज्य गठन के बाद और उससे पूर्व से उपेक्षित गढ़वा स्थित बूढ़ा पहाड़ क्षेत्र में निवास करने वाले ग्रामीणों के दिन अब बहुरेंगे. मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने इसके लिए पहल कर दी है. इस पहल के पहले चरण में मुख्यमंत्री खुद बूढ़ा पहाड़ 5.279 करोड़ रूपये की विकास योजनाओं को लेकर ग्रामीणों के बीच आ रहें हैं. बूढ़ा पहाड़ क्षेत्र के समेकित विकास के लिए 100 करोड़ की लागत से बूढ़ा पहाड़ विकास परियोजना का शुभारंभ मुख्यमंत्री द्वारा किया जा रहा है. मालूम हो कि बूढ़ा पहाड़ लंबे समय से नक्सल प्रभावित क्षेत्र रहा था. राज्य और केंद्रीय बलों-दोनों के निरंतर प्रयास के बाद, हाल ही में सितंबर 2022 में विशेष अभियान के बाद इस क्षेत्र को मुक्त करने में सफलता मिली थी. इसके बाद से, राज्य सरकार द्वारा प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने की प्रक्रिया शुरू की गई, जिससे ग्रामीण अबतक वंचित थे। इस क्रम में विगत वर्ष नवंबर माह में मुख्यमंत्री के निर्देश पर आपकी योजना, आपकी सरकार, आपके द्वार कार्यक्रम का आयोजन बूढ़ा पहाड़ स्थित विभिन्न गांवों में किया गया. अबतक करीब 6000 से अधिक ग्रामीणों को विभिन्न योजनाओं से आच्छादित किया गया. (नीचे भी पढ़ें)

योजनाओं का होगा शुभारंभ, ग्रामीणों और सुरक्षा बलों से होगा संवाद
मुख्यमंत्री बूढ़ा पहाड़ स्थित टेहरी पंचायत के 150 से अधिक ग्रामीणों के साथ संवाद करेंगे. वे बूढ़ा पहाड़ डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत स्थानीय लोगों को मिनी ट्रैक्टर, पंपसेट, बीज, कृषि संबंधी किट, राशन किट, फुटबॉल किट, साइकिल सहित अन्य कल्याणकारी योजना का लाभ देंगे. साथ ही, बूढ़ा पहाड़ पर तैनात सुरक्षा बलों के जवानों से साथ बातचीत भी करेंगे. इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री बूढ़ा पहाड़ क्षेत्र स्थित विभिन्न गांव में 90 फीसदी अनुदान पर सरकारी या निजी तालाब जीर्णोद्वार, 90 फीसदी अनुदान पर परकोलेशन टैंक निर्माण योजना, 80 फीसदी अनुदान पर महिला समूहों को मिनी ट्रैक्टर वितरण योजना, 90 फीसदी अनुदान पर पम्पसेट एवं पाईप वितरण योजना एवं 50 फीसदी अनुदान पर वर्मी बैंड वितरण योजना से 29 लाभुक लाभान्वित होंगे. वहीं मनरेगा के तहत कूप निर्माण योजना दीदी बाड़ी, मेडबंधी निर्माण, टीसीवी निर्माण, समतलीकरण निर्माण, तालाब निर्माण मिट्टी मोरम पथ निर्माण, पोटो हो खेल मैदान, डोभा निर्माण, गाय एवं बकरी शेड निर्माण समेत कुल 106 योजनाओं का शुभारंभ होगा. (नीचे भी पढ़ें)

सौर ऊर्जा से रोशन होगा दुर्गम बूढ़ा पहाड़
राज्य के मुख्यमंत्री ग्रामीणों को सामाजिक सुरक्षा, स्वरोजगार, सर्वजन पेंशन योजना एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं से नहीं जोड़ेंगे बल्कि बूढ़ा पहाड़ क्षेत्र की आधारभूत संरचनाओं एवं मूलभूत योजनाओं का भी शुभारंभ करेंगे. इसके तहत मदगड़ी पुलिस पिकेट के पास आरसीसी कलभर्ट निर्माण, बुढ़ा पहाड़ क्षेत्र के बुढ़ा ग्राम में 25 केवी सौर विद्युतीकरण की योजना, बिजका पुलिस पिकेट के पास आरसीसी कलभर्ट निर्माण, बुढ़ा पहाड़ में सोलर आधारित 2एचपी का एचवाइडीटी के माध्यम से पेयजलापूर्ति योजना, बुढ़ा गाँव (बेसिक कैम्प ) में सोलर आधारित जलापूर्ति योजना, आंगनबाड़ी केन्द्र खपरी महुआ एवं हेसातु का मॉडल आँगनबाड़ी में परिवर्तन, बुढ़ा पहाड़ क्षेत्र के सातु, बहेराटोली, तुमेरा, खपरी महुआ, तरेर पोलपोल ग्राम में सौर विद्युतीकरण की योजना के तहत 5 केवी का सौर विद्युत आपूर्ति की योजना का शुभारंभ, हेसातु स्वास्थ्य उपकेन्द्र का हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर में अपग्रेडेशन एवं महिला स्वयं सहायता समूह को दोना पत्तल यंत्र का वितरण करेंगे.
बूढ़ा पहाड़ डेवलपमेंट प्रोजेक्ट की प्रमुख बातें :
बूढ़ा पहाड़ क्षेत्र के समेकित विकास के लिए 100 करोड़ की लागत से बूढ़ा पहाड़ विकास परियोजना का शुभारंभ किया जा रहा है. योजना के अंतर्गत गढ़वा जिले के टेहरी पंचायत के 11 गाँवों तथा लातेहार जिले के अक्सी पंचायत के 11 गाँवों का संपूर्ण विकास किया जाएगा. यहां अनुसूचित जनजाति बाहुल्य गाँवों में कुल 11,890 लोग निवास करते हैं, जिनमें 5869 महिला एवं 6021 पुरूष हैं. बूढ़ा पहाड़ डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के अंतर्गत इन सभी परिवारों की बुनियादी आवश्यकताओं, जैसे : आवास, राशन, पेंशन, स्वास्थ्य, शिक्षा, शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की कार्रवाई की जाएगी. इसके अतिरिक्त इस योजना के तहत इन सभी गाँवों में आधारभूत संरचना जैसे सड़क, पुल-पुलिया, विद्यालय, भवन, आंगनबाड़ी केन्द्र, स्वास्थ्य उपकेन्द्र, सिंचाई की सुविधा एवं खेल के मैदान विकसित किए जाएंगे. प्रोजेक्ट के प्रथम चरण के अंतर्गत कुल 5 करोड़ की लागत से योजनाओं का शिलान्यास एवं परिसंपति वितरण किया जा रहा है.

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