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jharkhand-cabinet-meeting-झारखंड कैबिनेट की बैठक में 17 प्रस्तावों को मंजूरी, पश्चिम सिंहभूम जिले के आयरन ओर के 7 माइंस को राज्य सरकार के उपक्रम के लिए आरक्षित करने का फैसला वापस लिया, केंद्र के दबाव के बाद झुकी झारखंड सरकार, जमशेदपुर समेत तीन शहर में मानसिक दिव्यांगों के लिए बनेगा हाफ-वे होम, राज्य के 11 कैबिनेट मंत्रियों के लिए 70 करोड़ रुपये होंगे खर्च, जमशेदपुर समेत 20 जिलों के कोर्ट में लगेगा सीसीटीवी कैमरा, रांची में बनेगा वर्ल्ड ट्रेड सेंटर, धान अधिप्राप्ति की सीमा तय की गयी, जानें क्या-क्या हुआ अहम फैसला

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रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कैबिनेट की बैठक की. इस बैठक में कुल 17 प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी. इसके तहत जमशेदपुर, रांची, और धनबाद में 30-30 दिव्यांग बच्चों के लिए हाफ-वे होम संचालित करने का फैसला लिया गया, जो स्वयंसेवी संस्थानों (एनजीओ) की मदद से संचालित की जायेगी. इसके अलावा यह भी तय किया गया कि राज्य के वैसे नक्सली, जिनको नक्सली आत्मसमर्पण नीति के तहत लाभ दिया गया है, उनको नीति के तहत किये गये अनुरोध और स्क्रीनिंग कमेटी की अनुशंसा के आधार पर ओपन जेल में रखने की मंजूरी दी गयी. इसके अलावा जमशेदपुर समेत कुल 20 जिले के कोर्ट में सीसीटीवी कैमरा लगाने को भी मंजूरी दी गयी, जिस पर 52 करोड़ 43 लाख 32 हजार रुपये खर्च किये जायेंगे. कैबिनेट की बैठक में सबसे अहम फैसला पश्चिम सिंहभूम जिले के सात खदानों को लेकर लिया गया, जिसके तहत राज्य सरकार ने 18 अगस्त 2020 को हुए कैबिनेट की बैठक में 7 माइंस को अवधि विस्तार देने के बजाय अपने राज्य सरकार के उपक्रम के लिए आरक्षित कर लिया था. इन खदानों को आरक्षित करने पर केंद्र सरकार ने कड़ी आपत्ति जतायी थी और कहा था कि ऐसे राज्य सरकार किसी भी आयरन ओर माइंस को अपने सरकार के उपक्रम के लिए आरक्षित नहीं कर सकती है. इसके बाद गुरुवार को हुई कैबिनेट की बैठक में तय किया गया कि कैबिनेट की 18 अगस्त 2020 को 7 माइंस को आरक्षित करने का फैसला वापस लिया जाता है. इसके तहत पश्चिम सिंहभूम जिले के मेसर्स रामेश्वर जुट मिल्स, बराईबुरु, 258 हेक्टेयर का खदान, मेसर्स निर्मल कुमार प्रदीप कुमार, घाटकुड़ी, 149 हेक्टेयर का खदान, पदम कुमार जैन, ठाकुरानी मौजा, 84 हेक्टेयर का खदान, मिश्रीलाल जैन एंड संस, करमपदा मौजा, 202 हेक्टेयर का खदान, शाह ब्रदर्श, करमपदा मौजा, 233 हेक्टेयर का खदान, रुंगटा माइंस, घाटकुड़ी मौजा, 138 हेक्टेयर का खदान और आर मेडिकल कंपनी, करमपदा मौजा, 110 हेक्टेयर का खदान शामिल है. केंद्र सरकार ने साफ तौर पर राज्य सरकार को कहा था कि ऑक्सन के जरिये ही इसका संचालन नयी नीति के तहत हो सकता है. अगर ऑक्सन में लेने वाली कंपनी इसका संचालन नहीं कर पाती है या इसका तय समय पर शुरू नहीं करती है तो सरकार चाहे तो इसको आरक्षित कर सकती है. इसके बाद झारखंड सरकार ने इस फैसले को वापस ले लिया.
कैबिनेट में लिये गये 17 फैसले एक नजर में : (नीचे देखे पूरी खबर किन प्रस्तावों को दी गयी मंजूरी)

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  1. खाद्य आपूर्ति आयोग में एक कर्मचारी का नियमितकरण को मंजूरी दी गयी.
  2. आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को ओपेन जेल में भेजने की मंजूरी दी गयी. नियमों को शिथिल करते हुए आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को इस नीति के अनुरोध और स्क्रीनिंग कमेटी की अनुशंसा के बाद खुला जेल में उनको रखा जायेगा.
  3. रांची में बन रहे स्मार्ट सिटी में 11 कैबिनेट मंत्री के लिए आवास बनाने के लिए 69 करोड़ 90 लाख 94 हजार रुपये खर्च करने की मंजूरी दी गयी.
  4. राज्य योजना के तहत मानसिक दिव्यांग के लिए हाफ-वे होम के संचालन को मंजूरी दी गयी. इसके तहत रांची, धनबाद, जमशेदपुर में ऐसे हाफ वे होम संचालित होगा, जो एनजीओ के माध्यम से होगा, जिसमें 30-30 बच्चों को रखा जा सकेगा.
  5. बिहार लोक सेवा आयोग की तृतीय स्नातक 1/90 में सफल वरीय अंकेक्षक को प्रथम योगदान की तिथि से वरीयता वेतनमान की मंजूरी दी गयी.
  6. केंद्र प्रायोजित राशि की खर्च के लिए केंद्रीय वित्त मंत्रालय के नये दिशा-निर्देशों के तह ही खर्च करने को मंजूरी दी गयी.
  7. रांची सदर, जमशेदपुर, देवघर, चाईबासा, गुमला समेत कुल 7 जगहों पर खोले गये कोविड जांच सेंटर को घटनोत्तर स्वीकृति दी गयी. इसी तरह रांची के रिम्स में 110 बेड के आइसीयू सेंटर को भी घटनोत्तर मंजूरी दी गयी.
  8. गैर सरकारी अल्पसंख्यक, सहायता प्राप्त और माध्यमिक शिक्षकों के सेवानिवृत लाभ देने के लिए संशोधन किया गया. इसके तहत अब तक 3 जनवरी 2014 तक के बाद बाद सेवानिवृत होने वाले को लाभ दिया जाता था, लेकिन सरकार ने अब तय कर दिया है कि 15 नवंबर 2000 यानी राज्य गठन के वक्त के बाद सेवानिवृत होने वाले लोगों को सेवानिवृति लाभ दी जायेगी.
  9. सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के मुताबिक, जमशेदपुर समेत 20 जिले में सीसीटीवी लगाने के लिए 52 करोड़ 43 लाख 32 हजार रुपये खर्च करने को मंजूरी दी गयी. इसके तहत चार जिले रांची, धनबाद, डालटेनगंज और पश्चिम सिंहभूम (चाईबासा) में सीसीटीवी लगाया जा चुका है.
  10. पश्चिम सिंहभूम के आयरन ओर को लेकर लिये गये 18 अगस्त 2020 के कैबिनेट के फैसले को खारिज कर दिया गया. अब इन खदानों को राज्य सरकार के लिए आरक्षित नहीं रखा जायेगा.
  11. रांची में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर बनाने के लिए 27 करोड़ 42 लाख रुपये की मंजूरी दी गयी.
  12. झारखंड राज्य विद्युत वितरण निगम के तहत विश्व बैंक संपोषित राज्य सरकार की ओर से उपलब्ध करायी गयी 26.57 करोड़ की राशि को अब निगम में हिस्सा पूंजी में परिवर्तित करने को मंजूरी दी गयी.
  13. देवघर जिला में करो स्टेडियम और मार्गो मुंडा स्टेडियम के लिए 46 लाख 4 हजार 466 और 1 करोड़ 34 लाख 28 हजार रुपये खर्च करने के लिए पुनरीक्षित राशि को मंजूरी दी गयी.
  14. झारखंड सचिवालय के नियम सात (3) को संशोधित किया गया है. कर्मचारी चयन आयोग परीक्षा संचालन के लिए जो पात्रता अहर्ता की गयी है, उसमें संशोधन को मंजूरी दी गयी.
  15. झारखंड राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला, में बहाली के लिए यह तय किया गया है कि झारखंड के किसी भी संस्थान से मैट्रिक या इंटर पास अभ्यर्थी की ही बहाली होगी, जिनको यहां का भाषा, संस्कृति का ज्ञान होगा, उसको ही मंजूरी दी जायेगी.
  16. सिटी एमआइएस परियोजना के तहत टीसीएस कंपनी के सेवा अवधि को विस्तार दिाय गया. इसके तहत अब 31 मार्च 2022 तक यह कंपनी काम मकरेगी, जिस पर 1 करोड़ 77 लाख रुपये का अतिरिक्त व्यय होगा.
  17. राज्य में धान अधिप्राप्ति को लेकर तय किया गया कि इस साल कुल 8 लाख मीट्रिक टन धान का क्रय किया जायेगा. इसके तहत केंद्र और राज्य सरकार के अंश मिलाकर धान का फसल उगाने वाले किसानों को 2050 रुपये साधारण धान के लिए जबकि 2070 रुपये ग्रेड ए का धान के लिए राशि देना तय किया गया. लेकिन राज्य सरकार ने इस बार इसके लिए सीलिंग लगा दी है कि कोई भी किसान 200 क्विंटल से ज्यादा का धान नहीं बेच सकता है. इसके पीछे उद्देश्य है कि ज्यादा से ज्यादा किसान इस धान अधिप्राप्ति का लाभ ले सके. इसके लिए किसान 15 नवंबर 2021 तक इस साल के लिए आवेदन दे सकते है जबकि 15 दिसंबर तक जांच करने के बाद इसकी खरीददारी की जायेगी.

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