jharkhand-cm-hemant-soren-झारखंड के मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सारे दलों के लोग प्रधानमंत्री से जातिगत जनगणना को लेकर मिलेंगे, मुख्यमंत्री ने सदन में कहा-नया स्थानीय नीति भी लागू होगी, आधार 1932 का होगा या 1936 का खतियान आगे देखिये क्या होता है, पिछड़ो को आरक्षण भी देंगे, अभी भाजपा के लोग विपक्ष में है, अगला चुनाव में सदन से बाहर नजर आयेंगे, जानिये मुख्यमंत्री ने सदन में क्या कहा

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रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेने के नेतृत्व में सारे दलों के लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जातीय आधारित जनगणना को लेकर मिलेंगे. झारखंड विधानसभा में इसकी जानकारी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दी. उन्होंने कहा कि जातिगत जनगणना को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री से शीघ्र ही मुलाकात करेगा. इस प्रतिनिधिमंडल में कुल 9 सदस्य होंगे और प्रधानमंत्री से मुलाकात कर एक मांग पत्र सौंपा जाएगा. इस संबंध में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर मुलाकात हेतु तिथि एवं समय देने का अनुरोध किया है. दूसरी ओर, विपक्ष द्वारा किये गये हंगामा पर भी तल्ख टिप्पणी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सदन में की. मुख्यमंत्री ने कहा कि वे जल्द ही स्थानीय नीति भी तय कर देंगे. 1932 का खतियान होगा या 1936 का खतियान, यह आगे देखिये क्या होता है. उन्होंने सदन में यह घोषणा किया है कि ओबीसी को 27% आरक्षण देने की दिशा में सरकार गंभीर है. इस मामले को लेकर जल्दी एक सर्वदलीय टीम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलेंगी. इस संबंध में एक प्रस्ताव भी तैयार किया जाएगा. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि हम स्थानीय और नियोजन नीति भी तय करेंगे. इन लोगों को समय मिला तो कुछ किया नहीं अब कुछ सरकार करने जा रही है तो ये लोग हो हल्ला करते हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि कानून को लेकर भी एक प्रस्ताव पास करके केंद्र सरकार को भेजना चाहिए, ताकि नए किसान कानून से झारखंड के किसानों को हो रहे नुकसान के बारे में बताया जा सके. इससे पहले सदन में सत्ता और विपक्ष के विधायकों ने ओबीसी आरक्षण, स्थानीय नियोजन नीति, जातिगत जनगणना और आदिवासियों की घटती संख्या का मामला उठाया गया. भाजपा विधायक नीलकंठ सिंह मुंडा ने कहा कि जातिगत जनगणना भी होनी चाहिए और ओबीसी का आरक्षण भी बढ़ना चाहिए. इसमें हमें कोई एतराज नहीं है. मगर हम जनगणना किसकी कराएंगे ये स्पष्ट होना चाहिए. आदिवासियों की संख्या दिनों-दिन घटते जा रही है या क्यों घट रही है. सरकार को आकलन कराना चाहिए. इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सब होगा, आप लोग देखते जाइये, सब होता जायेगा. उन्होंने हंगामा कर रहे भाजपाइयों को कहा कि अभी तो भाजपा और उसके सहयोगी दल सदन में विपक्ष में आये है और आने वाले चुनाव में तो वे लोग सदन के बाहर ही नजर आयेंगे.

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