jharkhand-congress-झारखंड कांग्रेस में क्राइसिस मैनेजमेंट का दिखेगा क्या असर, पहली बार बदले गये चार जिलों के अध्यक्ष, jamshedpur-congress-जमशेदपुर कांग्रेस में बढ़ी डॉ अजय कुमार की धाक, जिला अध्यक्ष और कार्यकारी अध्यक्ष के नाम उनका ही फाइनल हुआ, जिसको चाहते थे डॉक्टर

राशिफल

रांची : झारखंड कांग्रेस में जिला अध्यक्षों की हुई घोषणा के बाद मचे बवाल को शांत करने के लिए काफी कोशिशें तेज की गयी है. लेकिन इसके बावजूद मामला शांत होता नजर नहीं आ रहा है. मुसलिम और दलितों को दरकिनार करने का आरोप लगाते हुए नयी कमेटी बना दी गयी थी, जिसके बाद कांग्रेस के राज्य मुख्यालय में भी पुतला दहन कर दिया गया था. इसके बाद चार जिला अध्यक्ष को बदल दिया गया. क्राइसिस मैनेजमेंट के तहत प्रदेश अध्यक्ष को दरकिनार करते हुए पार्टी ने आनन-फानन में चार जिला अध्यक्ष को बदल दिया. यह पहली बार ऐसा हुआ है कि चार जिला अध्यक्ष को बदल दिया गया वो भी सिर्फ 24 घंटे के भीतर. रामगढ़, गढ़वा, साहेबगंज और कोडरमा के जिला अध्यक्ष को बदला गया था. बताया जाता है कि नये जिला अध्यक्ष को लेकर काफी कवायद कांग्रेस ने की थी. आइसीसी प्रभारी, पीसीसी अध्यक्ष, कार्यकारी अध्यक्षों के अलावा सेवानिवृत रिटर्निंग ऑफिसरों को भी तैनात किया था. इंटरफ्यू भी लिया गया था. लेकिन बाद में जिला अध्यक्ष की सूची से ऐसे लोग ही बाहर हो गये. (नीचे पढ़ें पूरी खबर)

इसको लेकर नाराजगी हो गयी. इसके बाद झारखंड के कार्यकारी अध्यक्ष शहजादा अनवर और पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने आलाकमान के समक्ष विरोध जताया और अल्पसंख्यक और दलितों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया. इसके बाद इस मामले में प्रभारी अविनाश पांडेय ने हस्तक्षेप किया. इसके अलावा सात जिलों में कार्यकारी अध्यक्ष की तैनाती हो गयी. नगर और ग्रामीण का अलग-अलग कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया. जमशेदपुर में यह प्रयोग किया गया, जिसके बाद कुछ मामला शांत हो पाया. इस मामले में खुद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा है कि कुछ त्रुटियां रह गयी होगी. जिला अध्यक्षों की लिस्ट में सुधार कर लिया गया है और अब विरोध नहीं है. दूसरी ओर, विरोध के स्वर को और गति देने के लिए हर जिले में भी कोशिशें चल रही है, लेकिन फिलहाल मामला शांत होता नजर आ रहा है. (नीचे भी पढ़ें)

जमशेदपुर कांग्रेस में बढ़ी डॉ अजय कुमार की धाक, उनके नामों पर ही मुहर
जमशेदपुर कांग्रेस के नये जिला अध्यक्ष के तौर पर आनंद बिहारी दुबे को पदस्थापित किया गया है. इसके अलावा कार्यकारी अध्यक्ष के तौर पर धर्मेंद्र सोनकर और अमित राय को नियुक्त कर दिया गया. यह पहली बार हुआ है कि जिले में नगर और ग्रामीण का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है. नये जिला अध्यक्ष और कार्यकारी अध्यक्ष को लेकर पूर्व सांसद और एआइसीसी सदस्य डॉ अजय कुमार की ही चलती चली है. बताया जाता है कि डॉ अजय कुमार ने पहले तो धर्मेंद्र सोनकर का ही नाम जिला अध्यक्ष के लिए भेजा था. लेकिन जब धर्मेंद्र का एक धड़ा ने विरोध किया तो आनंद बिहारी दुबे के नाम पर उन्होंने अपनी सहमति दी. इसके बाद जब नाराजगी बढ़ने लगी तो तत्काल धर्मेंद्र सोनकर का नाम कार्यकारी अध्यक्ष के लिए लाया गया. घाटशिला के अमित राय को ग्रामीण का जिला कार्यकारी अध्यक्ष बना दिया गया. ये तीनों नियुक्ति ने साबित किया कि कांग्रेस में डॉ अजय कुमार की ही चलनी है. वैसे जिला अध्यक्ष की रेस में मंत्री बन्ना गुप्ता के भाई गुड्डू गुप्ता समेत कई लोगों के नाम सामने लाये गये थे, लेकिन सारे नाम कटकर वहीं फाइनल हुआ, जो डॉ अजय कुमार ने अनुशंसा की थी.

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