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शनिवार, जून 19, 2021
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jharkhand-electricity-झारखंड के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत वाली खबर भी, लॉकडाउन में बिजली बिल नहीं दिया तो नहीं देना होगा ब्याज और सरचार्ज, नियामक आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया, आयोग ने पहले ही जारी कर दी है नोटिस, अब जागी ”भाजपा”

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रांची : झारखंड के बिजली उपभोक्ताओं के लिए यह अच्छी खबर है. झारखंड विद्युत नियामक आयोग ने लॉकडाउन के दौरान तीन माह (1 अप्रैल 2020 से 30 जून 2020) के अंतर्गत दिए जाने वाले छूट को लेकर पब्लिक नोटिस जारी कर दिया है. आम उपभोक्ता 13 अगस्त तक निजी तौर पर या पोस्ट बॉक्स से अपना सुझाव एवं आपत्ति भेज सकते हैं. जबकि अन्य स्टेक होल्डर 5 अगस्त तक अपना सुझाव एवं आपत्ति भेज सकते हैं. इसके तहत आयोग ने खुद से संज्ञान लिया है. इसके तहत आयोग सुनवाई करेगी. खुद से लिये गये संज्ञान के तहत आयोग ने माना है कि 1 अप्रैल से लेकर 30 जून के बीच तीन माह के लिए बिजली बिल नहीं जमा करने की स्थिति में डीले पेमेंट सरचार्ज (देर से बिजली बिल देने पर लगने वाले शुल्क) से राहत देना शामिल है. इसके अलावा औद्योगिक एवं कॉमर्शियल उपभोक्ताओं को 1 मार्च से लेकर 30 जून दौरान प्रतिष्ठान बंद रहने के कारण फिस्क चार्ज नहीं लेने का फैसला और उपभोक्ताओं को दी जाने वाली छूटों से बिजली टेरिफ एवं वितरण कपंनियों को क्या नुकसान होगा. इन सारे बिंदूओं पर सुनवाई होगी, जिसके आधार पर बिजली नियामक आयोग अपना फैसला लेगी.

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औद्योगिक इकाइयों की 1 मार्च से 30 जून तक कि फ़िक्स बिजली चार्ज माफ़ करे सरकार : कुणाल षाड़ंगी

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इस बीच भाजपा के लोग अब जागे है. जनता परेशान है, लेकिन जब नोटिस निकल गया तब भाजपा ने अब सरकार पर दबाव बनाया है. नियामक आयोग ने बुधवार को ही पब्लिक नोटिस इसके लिए जारी किया है, जिसके बाद भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता कुणाल षाडंगी ने प्रेस बयान जारी कर कहा है कि कोरोना के महासंक्रमण काल में लोगों के समक्ष वित्तीय चुनौतियाँ खड़ी है. लॉकडाउन से उद्योग कारखानें भी बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं. इधर अनलॉक लागू होते ही बिजली विभाग औद्योगिक और व्यापारिक उपभोगताओं को बिल भुगतान करने के लिए नोटिस थमा रही है. बिजली विभाग की इस कार्रवाई पर भारतीय जनता पार्टी ने चिंता ज़ाहिर करते हुए राज्य सरकार से संज्ञान लेकर हस्तक्षेप करने की माँग की है. औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोगताओं के एक मार्च से तीस जून तक के फिक्सड इलेक्ट्रिसिटी चार्ज माफ़ किये जायें. इसके साथ ही 1 अप्रैल से 30 जून तक के डीपीएस चार्ज पर भी मोनेटोरियम या रोक लगाने की माँग की गई है. भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि गोवा, उत्तरप्रदेश और पंजाब में राज्य सरकारों ने इस दिशा में संवेदनशीलता से प्रयास किये हैं. विपरीत समय में उद्योग-कारखानें बचें रहे इस दिशा में समय रहते राज्य सरकार को इनकी ओर मदद का हाथ बढ़ाना चाहिए. औद्योगिक और व्यावसायिक इकाईयों के लिए समय चुनौतीपूर्ण है. लघु उद्योगों के अस्तित्व प्रभावित न हो इस दिशा में राज्य सरकार को अनावश्यक शुल्क वसूली से परहेज़ करना चाहिए. भाजपा प्रवक्ता सह पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने आग्रह किया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अविलंब औद्योगिक इकाइयों के लॉकडाउन अवधि के फिक्सड इलेक्ट्रिसिटी शुल्क को माफ़ करने की घोषणा करें.

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