jharkhand-ex-armymen-पूर्व सैनिक सेवा परिषद की कमेटी बनाने की खबर भ्रामक फैलाने का आरोप, वरुण कुमार को शो-कॉज, जारी हुआ नया गाइडलाइन

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जमशेदपुर : पूर्व सैनिक सेवा परिषद, झारखंड की राज्य समिति के पुनर्गठन से जुड़ी सोशल मीडिया में असंतोष जैसी खबरें असत्य, भ्रामक एवं शरारतपूर्ण मीडिया के माध्यम से राज्य के सभी पूर्व सैनिकों एवं संबंधित अधिकारियों को जानकारी दी जाती है कि पूर्व सैनिक सेवा परिषद, झारखण्ड की प्रदेश समिति का पुनर्गठन, केंद्रीय समिति की अनुमति एवं गाइड लाइन के अनुसार, सक्षम पदाधिकारियों के विचार विमर्श से रांची के सैनिक सभागार में 13 सितम्बर 2020 को सम्पन्न हुआ. इसमे पर्यवेक्षक के रूप में राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉक्टर जेपी शर्मा एवं बिहार के महासचिव सार्जेंट यशवंत कुमार उपस्थित थे. प्रदेश एवं जिला के भी सभी पदाधिकारी शामिल थे. सभी अपेक्षित पदाधिकारियों को मीटिंग की लिखित सूचना दी गयी थी. मीटिंग की अध्यक्षता पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कर्नल डॉक्टर संजय सिंह (अवकाश प्राप्त) ने की. सभी उपस्थित पदाधिकारियों की सहमति से एयर कोमोडोर एके अधिकारी (अवकाश प्राप्त) को नया प्रदेश अध्यक्ष चुना गया जबकि प्रदेश अध्यक्ष की अनुमति से प्रदेश के बाकी पदों के पदाधिकारी मनोनीत हुए. कुछ पद अभी भी खाली हैं, जिस पर पदाधिकारियों का चयन प्रदेश के अन्य जिलों में विस्तार के साथ, आने वाले कुछ महीनों में किया जाएगा. अतः ऐसी भ्रामक खबरें संगठन की मर्यादा एवं झारखण्ड में रहने वाले गौरव सेनानियों को ठेस पहुंचाती है. पूर्व नौसैनिक पेटी ऑफिसर वरुण कुमार, जिन्होंने उक्त आशय का भ्रामक पोस्ट सोशल मीडिया में डाला है, विगत दो वर्षों से भी ज्यादा समय से संगठन के राष्ट्रीय एवं प्रदेश पदाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करते रहे हैं. प्रदेश की मीटिंगों में भी शामिल नही हुए एवं संगठन में गुटबाजी को बढ़ावा देने में संलिप्त पाए गए हैं. इस अनुशासन हीनता की वजह से संगठन द्वारा उन्हें पत्र संख्या Discp/1 dated 8 अगस्त 2020 को शो-काज नोटिस दिया गया था, जिसका जबाब (स्पष्टीकरण) सात दिन में मांगा गया था, मगर उन्होंने अब तक अपना पक्ष नही रखा है. जल्द ही प्रदेश समिति इस पर अपना निर्णय लेगी. आने वाले दिनों में पूर्व सैनिक सेवा परिषद, झारखंड से जुड़ी कोई भी खबर केवल अधिकृत पदाधिकारी ही जारी करेंगे जिसकी पूर्ण वैधता होगी. परिषद के नाम, बैनर और लोगो का किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया या प्रिन्ट् मीडिया में उपयोग करने से उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.

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