jharkhand-high-court-big-order-झारखंड हाईकोर्ट ने रघुवर सरकार की नियोजन नीति को ठहराया गलत, लगायी नीति के इस्तेमाल पर रोक, 18 हजार शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया रद्द, जानें क्या है हाईकोर्ट का फैसला

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रांची : झारखंड हाईकोर्ट ने अपने अहम फैसले में सोमवार को भाजपा की तत्कालीन रघुवर सरकार द्वारा बनाये गये नियोजन नीति को खारिज कर दिया है. राज्य सरकार के नियोजन नीति के तहत 13 जिले को आरक्षित और 11 जिले को गैर आरक्षित रखा गया था. राज्य सरकार के इस फैसले को चुनौती देने वाली याचिका को लेकर सोमवार को हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया. हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के 18 हजार शिक्षक नियुक्ती की प्रक्रिया के लिए निकाले गये विज्ञापन को भी खारिज कर दिया है. हाईकोर्ट की तीन न्यायाधीश जस्टिस एसेसी मिश्र, जस्टिस एस चंद्रशेखर और जस्टिस दीपक रोशन की खंडपीठ ने एकमत से इस आदेश को पारित किया है. हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब झारखंड में रघुवर दास की सरकार द्वारा ब नायी गयी नियोजन नीति लागू नहीं होगी. इस नीति में अनुसूचित जिलों में गैर अनुसूचित जिलों के लोगों को नौकरकी के लिए अयोग्य माना गया था जबकि अनुसूचित जिलों के लोग गैर अनुसूचित जिले में नौकरी के लिए आवेदन कर सकते थे. लेकिन झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब झारखंड के किसी भी जिले के लोग राज्य के किसी भी जिले में नौकरी के लिए आवेदन दे सकते है. नियोजन नीति को लेकर सोनी कुमारी नामक एक लड़की ने याचिका दायर की थछी, जिसमें यह कहा गया था कि गैगर अनुसूचित जिले की रहने वाली वह लड़की है और उसने दूसरे जिले में हाई स्कूल शिक्षक की बहाली की परीक्षा में शामिल होने के लिए आवेदन दिया था, लेकिन उनका आवदेन रद्द कर दिया गया और बताया गया कि वह गैर अनुसूचित जिले की रहने वाली है, इस कारण वह आवेदन नहीं कर सकती है. अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि उनमें जो नियुक्ति प्रक्रिया थी, उसको रद्द करते हुए दोबारा नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू किया जाये.

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