jharkhand-highcourt-three-big-hearings-झारखंड हाईकोर्ट के तीन बड़ी सुनवाई, 1. झारखंड पुलिस के 66 पुलिसकर्मियों के तबादले पर हाईकोर्ट ने लगायी रोक, 2. एपीपी की नियुक्ति को लेकर झारखंड हाईकोर्ट ने रास्ता किया साफ, 3. टेट पास पारा शिक्षकों के मसले पर हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित

राशिफल


पुलिसवालों के तबादले पर तत्काल लगायी गयी रोक
रांची : झारखंड आर्म्ड पुलिस (जैप 4) के 66 पुलिसकर्मियों के एक साथ तबादला का झारखंड हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है. हाईकोर्ट के न्यायाधीश आनंद सेन की अदालत ने मोहन प्रसाद यादव और अन्य के मामले की सुनवाई करने के दौरान सारे पुलिसकर्मियों के तबादले को रोक दिया गया. 23 नवंबर को एडीजी जैप ने आदेश जारी किया था, जिसके तहत 66 सिपाहियों का तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया गया था. 22 सिपाहियों ने एडीजी को लेटर लिखकर ट्रांस्फर रोकने की मांग की थी. लेकिन तबादला रोकने के बजाय तत्काल सबका तबादला कर दिया गया. याचिका में कहा गया है कि ट्रांस्फर न्यायसंगत नहीं था. पुलिस मैनुआल के नियम 778 का उल्लंघन करते हुए उनका तबदला किया गया है. 23 नवंबर को ही इसको लेकर आदेश जारी हुआ था और अभी एक सप्ताह बाद हाईकोर्ट ने इस आदे को रोक दिया. राज्य सरकार को इस मामले में लिखित शपथ पत्र दायर करने को कहा है. मामले की अब अगली सुनवाई 21 दिसंबर को होगी. (नीचे भी पढ़ें)

एपीपी की नियुक्ति का रास्ता साफ
झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के बाद लगभग 413 अपर लोक अभियोजकों (एपीपी) की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया. हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को दो महीने के भीतर अपर लोक अभियोजकों की नियुक्ति का आदेश दे दिया है. हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डॉ रविरंजन और जस्टिस संजय द्विवेदी की खंडपीठ ने यह आदेश पारित किया है. कोर्ट ने जेपीएससी और जेएसएससी को यह एपीपी नियुक्ति से संबंधित रिजल्ट जारी कर नियुक्ति करने का निर्देश दिया है. हालांकि एपीपी (अपर लोक अभियोजकों) नियुक्ति के लिए परीक्षा ले ली थी. अभ्यर्थियों का इंटरव्यू भी पूरा हो चुका था. लेकिन, रिजल्ट जारी नहीं किया जा रहा था, जिसके बाद हाईकोर्ट ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लिया. इस दौरान जेपीएससी की ओर से अधिवक्ता संजोय पिपरवाल और अधिवक्ता प्रिंस कुमार ने पक्ष रखा. (नीचे भी पढ़ें)

झारखंड हाईकोर्ट ने टेट परीक्षा पास पारा शिक्षकों के मामले में फैसला रखा सुरक्षित
झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ रविरंजन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में बुधवार को टेट परीक्षा पास पारा शिक्षकों के समायोजन के मामले में सुनवाई पूरी हो गयी. कोर्ट ने मामले में फैसला अब सुरक्षित रख लिया है. याचिकाकर्ता सुनील कुमार यादव एवं अन्य के द्वारा करीब 111 याचिकाएं पारा शिक्षकों के सहायक शिक्षक के रूप में वेतन एवं नियमितिकरण के मामले में हाईकोर्ट में दाखिल की है. याचिका में कहा गया है कि पारा शिक्षक 15 वर्ष से अधिक समय से काम कर रहे हैं. पारा शिक्षक पद की अहर्ता भी पूरी करते हैं. याचिका में मुख्य मांग यह की गई है कि राज्य सरकार उनकी सेवा स्थायी करे और उन्हें सहायक शिक्षक के पद पर समायोजित करे. साथ ही समान कार्य के बदले समान वेतन दिया जाए. यहां गौर करने वाली बात है कि जहां सरकार दलील में झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के कमेटी का हवाला दिया. वहीं दूसरी तरफ सरकार खतियान आधारित शिक्षक नियुक्ति की बात करती है ऐसे में कल होने वाली बहस सरकार मंशा स्पष्ट कर देगी अब इंतजार कल का है जब मामले की सुनवाई होगी.

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