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jharkhand-iron-ore-mines-scam-पश्चिम सिंहभूम के ”लाल मिट्टी” पर देश भर के गिद्धों की नजर, भाजपा गर्वनर तक पहुंची, सरयू राय ने इसकी ग्रेडिंग पर ही उठाये सवाल, आयरन ओर के 200 करोड़ के ”खेला” में मलाई चाभने के चक्कर में सारे नेता, कहीं कौड़ियों के मोल ना बिक जाये कोल्हान की धरोहर

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प्रतीकात्मक तस्वीर.

रांची : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले को देश के परिदृश्य में लाल मिट्टी यानी आयरन ओर के लिए भी जाना जाता है. टाटा स्टील, सेल जैसी कंपनियां यहां कैप्टिव माइंस का संचालन कर ही है तो हाल ही में फिर से इसका ऑक्सन निकलने लगा है. जाहिर सी बात है कि कई नेता इसकी मलाई चाभकर ब्लैकमेलिंग करने पर उतारु हो चुके है तो राज्य सरकार भी तैयारी में है कि इसकी बोली लगवा दी जाये. सवाल इतना उठना लाजिमी है कि कहीं यह आयरन ओर कौड़ियों के मोल ना बिक जाये और कोल्हान के इस धरोहर की मोल सही नहीं लग पाये और लाल मिट्टी के काले कारोबारी आयरन ओर का खेल करके मालामाल हो जाये. इसकी ग्रेडिंग कराने में सरकारी अधिकारियों ने बड़ा खेल कर दिया है जबकि इसकी रिटेंडर में ग्रेड को ही हटा दिया गया है जबकि पहले इसको 39 से 55 तक का ग्रेड बताया गया था जबकि आइबीएम की रिपोर्ट में इसको 65 ग्रेड का बताया गया था. कम ग्रेड का बताकर इसका कम मोल लगाकर कारोबारी चाहते है कि कौड़ियों के मोल इसकी बिक्री कर दी जाये.
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश राज्यपाल से मिले

पश्चिम सिंहभूम जिले के ठाकुरानी माइंस में खान विभाग के अफसरों के खेल की शिकायत राजभवन पहुंच गयी है. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने बुधवार को
राजभवन में राज्यपाल (गवर्नर) द्रौपदी मुर्मू से मिलकर इसकी शिकायत की. उन्होंने कहा कि राजनीतिक संरक्षण में खान विभाग और जेएसएमडीसी बड़ा खेल खेल रहा है, जिससे राज्य को 400 करोड़ से अधिक का नुकसान होगा. गवर्नर से मिलने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए उन्होंने कहा कि वे सरकार को सचेत करना चाहते हैं कि खनिज संपदा की लूट की छूट भाजपा बरदाश्त नहीं करेगी. जरूरत पड़ी तो भाजपा सड़क पर उतरकर आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेगी. प्रेस कॉन्फ्रेंस में दीपक प्रकाश ने बताया कि राज्य सरकार ने रविवार 30 मई 2021 को ठाकुरानी माइंस के आयरन ओर की क्वालिटी जांच के लिए हजारीबाग स्थित सरकारी लैब में सैंपल भेजा गया. 31 मई 2021 को टेस्टिंग की रिपोर्ट भी आ गयी जबकि, आयरन ओर की
जांच की लंबी प्रकिया होती है. 12 घंटे में जांच रिपोर्ट आ गयी. श्री प्रकाश ने कहा कि रिपोर्ट में आयरन ओर की क्वालिटी के साथ जमकर खिलवाड़ हुआ. पदम जैन के माइंस की जो ग्रेडिंग आईबीएम ने की थी, उससे कमतर क्वालिटी दिखाकर सरकारी खजाने को करोड़ों की चपत लगाने का प्रयास किया जा रहा है.
जमशेदपुर पूर्व के विधायक सरयू राय ने भी उठायी थी आपत्ति

जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने भी इस मामले को लेकर आपत्ति दर्ज करायी है. इसको लेकर सरयू राय ने कहा है कि लगता है चाईबासा के ज़िला खनन पदाधिकारी सरकार और क़ानून से ऊपर हैं और वहां का लौह अयस्क इनकी निजी सम्पत्ति है. इन्होंने एक ऐसी खदान से, जिसका लीज़ रद्द है, लौह अयस्क रेल मार्ग से ढोकर विशाखापत्तनम ले जाने की अनुमति “ग्लोबल ट्रेडर्स और अनिमेष इस्पात”को दे दिया है. इसके बाद ठाकुरानी माइंस को लेकर भी सरयू राय ने मुद्दा उठाया. इस मुद्दे में कहा गया कि नीलामी पर चढ़ी ठाकुरानी खदान के लौह अयस्क के ग्रेड की जाँच एनएमएल से करायी जाये. खान विभाग के अधिकारियों द्वारा ग्रेड कम कर देने से अयस्क की क़ीमत क़रीब 2000 रुपये प्रति टन कम मिलेगी. औने-पौने दाम पर नीलामी से सरकार को प्रति लाख टन पर 200 करोड़ रुपये का नुक़सान झारखंड को होगा. सरकार द्वारा परिसमाप्त खदानों के लौह अयस्क भंडार को नीलामी के माध्यम से बेचने का निर्णय सही और स्वागत योग्य है. परंतु नीलामी झारखंड तक सीमित रखना और इसे जेएसएमडीसी से कराने के बदले भारत सरकार के संस्थान एमएसटीसी से कराना चाहिये ताकि लौह अयस्क का अधिकतम मूल्य मिले.

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