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बुधवार, अप्रैल 21, 2021
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jharkhand-panchayat-election-झारखंड में नवंबर में शुरू होगा पंचायत चुनाव, चुनाव आयोग ने शुरू की तैयारी, बिहार चुनाव खत्म होते ही झारखंड में बजेगी गांव में सरकार बनाने की डुगडुगी

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रांची : झारखंड में पंचायत चुनाव को लेकर तैयारी तेज हो चुकी है. चुनाव को लेकर बहुत जल्द ही अधिसूचना जारी होगी. राज्य निर्वाचन आयोग ने इसको लेकर तैयारी शुरू कर दी है. बिहार चुनाव के बाद झारखंड में पंचायत चुनाव हो सकता है. यह बताया गया है कि यह चुनाव चार चरणों में होगा, जिसके तहत पहला चरण 22 नवंबर को, दूसरा चरण 28 नवंबर और तीसरा चरण 5 दिसंबर और चौथा चरण 12 दिसंबर को हो सकता है. हालांकि, अभी किसी तरह की अधिसूचना जारी नहीं की गयी है, लेकिन उम्मीद है कि इसकी अधिसूचना जारी कर दी जायेगी. झारखंड के 24 जिले के 263 प्रखंडों में चुनाव होगा, जिसमें 4402 ग्राम पंचायत के लिए मतदान होंगे. 4402 ग्राम पंचायतों के मुखिया, पंचायत समिति के क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्र की कुल संख्या 5423 होगी. जिला परिषद के 545 संख्या होगी. पहले चरण की मतगणना 6 दिसंबर को होगी जबकि दूसरे चरण की मतगणना 6 दिसंबर को ही होगी जबकि तीसरे चरण की मतगणना 13 दिसंबर और चौथा चरण की मतगणना 19 दिसंबर को होगी. मतदान और मतगणना सुबह 8 बजे से ही होगी. वैसे आपको बता दें कि नवंबर माह में पंचायतों के मुखिया, जिला परिषद और अन्य पंचायती राज व्यवस्था के सारे पदों का कार्यकाल समाप्त हो जायेगा. कोरोना के कारण चुनाव को लेकर कोई फैसला नहीं लिया जा सका था, लेकिन चुनाव आयोग द्वारा बिहार में चुनाव कराने की अधिसूचना जारी कर दिये जाने के कारण अब झारखंड में इसको लेकर तैयारी शुरू कर दी गयी है. पंचायती राज विभाग के अनुसार, रोस्टर के तहत हर स्तर पर आरक्षण तय किया जाना है. हर पांच साल में रोस्टर बदलता है. नगर पंचायत, नगर परिषद, नगर निगम नया बनाने के बाद नया परिसीमन, रिजर्वेशन करना, नये वोटर लिस्ट तैयार करना, गजट नोटिफिकेशन के बाद सुधार आदि के काम भी होंगे.
नगर निकायों का चुनाव भी हो चुका है स्थगित
नगर निकायों का चुनाव भी होना है. 14 नये नगर निकायों का चुनाव को पिछले दिनों ही स्थगित कर दिया गया था. वैसे संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार कार्यकाल पूरा होने के बाद वार्ड सदस्यों से लेकर मुखिया, जिला परिषद सदस्यों की शक्तियां समाप्त हो जायेगी. संविधान के अनुसार प्रत्येक पंचायत प्रथम बैठक की तिथि तय ह ोने से पांच सालों तक बनी रह सकती है. उससे आगे उसे विस्तार नहीं दिया जा सकता है. वैसे आपको बतां दे कि झारखंड में पहली बार पंचायत चुनाव 32 सालों के बाद 2010 में पहली बार हुआ था. इसके बाद 2015 में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराया गया था.

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