jharkhand-vidhansabha-झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र का आखिरी दिन, भाजपा का अंतिम दिन भी हंगामा, विधायक फंड अब हुआ 8 करोड़ का, नमाज के कमरा आवंटन मामले के लिए 7 सदस्यीय कमेटी गठित, विधानसभा से बाहर निकले भाजपा विधायक अमर बाउरी फूट-फूटकर रोने लगे, स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता खुद टेम्पो चलाकर पहुंचे विधानसभा, सीएम बोले-भाजपा का हंगामा गलत था, जानिये-क्या-क्या हुआ मानसून सत्र के अंतिम दिन

राशिफल

स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता टेम्पो चलाकर विधानसभा जाते हुए.

रांची : झारखंड के मानसून सत्र के आखिरी दिन गुरुवार को भी हंगामा हुआ. आखिरी दिन प्रश्नकाल बाधित रहा. सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तिखी नोंकझोंक हुआ. आखिरी दिन भाजपा के विधायक सीपी सिंह द्वारा स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता को टेम्पो एजेंट कहे जाने का भी जोरदार विरोध किया गया. टेम्पो एजेंट कहे जाने का जवाब स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने दिया और वे खुद टेम्पो चलाकर विधानसभा पहुंच गये और कहा कि भाजपा के लोग अंबानी और अडानी को जानते है, टेम्पो वाले, चाय वाले और रिक्शावालों को देखना तक नहीं चाहते है. इस दौरान सदन में भाजपा के लोग हंगामा कर रहे थे. भाजपा के विधायक काला पट्टा लगाकर सदन के बाहर में बैठे और नारेबाजी की. सदन के अंदर स्पीकर ने जैसे ही आसन ग्रहण करने को कहा, वैसे ही भाजपा के विधायक वेल के बीतर आ गये और फिर से रिपोर्टिंग टेबुल पर चढ़ गये. स्पीकर से कार्य स्थगन प्रस्ताव पढ़ने की मांग की, जिस पर स्पीकर ने नाराजगी जतायी. स्पीकर ने कार्यस्थगन प्रस्ताव पढ़ने से इनकार कर दिया और कहा कि इसका नियत समय है. इसके बावजूद भाजपा विधायक अमर बाउरी नियम पढ़ने लगे, जिसका कांग्रेस के विधायक प्रदीप यादव ने विरोध किया. हंगामे के बीच सदन के संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि भाजपा के विधायक सदन के अंदर अशोभनीय व्यवहार कर रहे हैं. वे सत्ता पक्ष की ओर ठेंगा दिखा रहे हैं. आलमगीर आलम ने भाजपा विधायकों के ऊपर कार्रवाई करने की भी मांग की. सुबह करीब 11.15 बजे विधानसभा अध्यक्ष केआने के बाद अखबारों की प्रतियां लहराते हुए हंगामा किया. इस कारण प्रश्नकाल नहीं हो पाया, जिसके बाद दोपहर 12.45 बजे तक सदन की कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया. दोपहर में 12.45 बजे के बाद फिर से जब कार्यवाही शुरू हुई तो राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक कमलेश सिंह ने सूचना के तहत खड़े होकर ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम से ग्रामीण सड़कों के गुणवत्तापूर्ण निर्माण और सड़कों के विस्तार के संबंध में जानकारी मांगी. इस पर मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि प्रत्येक विधायक को सड़क निर्माण के लिए संतोषजनक राशि निर्गत किए जाने का प्रावधान किया गया है. इसके बाद झामुमो के स्टीफन मरांडी ने सरकार को प्रस्ताव दिया कि विधायक मद की राशि को बढ़ाकर आठ करोड़ रुपए किया जाए. इस पर सभी विधायकों ने सहमति जताई. (नीचे पूरी रिपोर्ट पढ़ें)

विधानसभा के बाहर धरना देते भाजपा के विधायक और काला बिल्ला लगाये विधायक.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने क्या कहा सदन में जानें
सत्र के अंतिम दिन सदन के मंच से हंगामा होने लगा. इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि जिस सहनशीलता के साथ उसने मानसून सत्र को चलाया है. वे भी चाहते थे कि सदन में विपक्ष सरकार की बातों को सुने. सदस्यों के चरित्र पर सवाल उठाना भाजपा सदस्यों का एक नियत बन गया है वे सड़क से लेकर सदन तक तांडव कर रहे हैं. सीएम ने कहा कि कोई और होता तो इतना सब्र नहीं रख पाता, जितना हमने रखा. सवाल तो जनता ही देती है, ना कि पार्टी. सत्ता से बाहर होने के बाद बीजेपी की तड़प इतनी बढ़ गयी है कि एन केन प्रकरण सत्ता में वे आये. पूरा देश इनके चरित्र से वाकिफ हो गया है. लेकिन जनता इनको हर तरफ से जवाव दे रही है. बंगाल चुनाव में सभी ने देखा कैसे भाजपा ने अपना चरित दिखाया. उस समय तो पूरा बंगाल भारत-पाकिस्तान जैसा हो गया था. सदन में मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोग भी विपक्ष में थे, लेकिन कभी भी रिपोर्टिंग टेबल नहीं पटका. टेबल पर बैठी महिला कर्मी को उठने को विवश किया. स्पीकर के सहनशीलता पर धन्यवाद देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इतना होने के बाद भी उन्होंने किसी भी सदस्य के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया. मुख्यमंत्री ने अमर बाउरी के सदन के बाहर रोने की घटना को घड़ियाली आंसू बताया. सीएम ने कहा कि आज भाजपा वालों के सामने केवल हिन्दू-मुस्लिम, भारत-पाकिस्तान का मुद्दा रह गया है. इन्हें देश की गिरती आर्थिक व्यवस्था पर कोई चिंता नहीं है. ऐसे में तो वे देश को विकलांग ही बना देंगे. मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष के समापन भाषण के बाद झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया. इस सत्र में कुल 8 विधेयक पारित किए गए हैं. 83 अतिरिक्त, 203 तारांकित, 103 अल्प सूचित सहित कुल 386 प्रश्न विधानसभा को प्राप्त हुए. 20 ध्यानाकर्षण, 44 निवेदन प्राफ्त हुए. इनमें 27 स्वीकृत हुए. 90 सूचनाएं शून्यकाल के दौरान आयी. (नीचे पूरी रिपोर्ट पढ़ें)

भाजपा के विधायक अमर बाउरी रोते हुए.

भाजपा विधायक अमर बाउरी रोते हुए विस से बाहर निकले, कहा-दलित होने की वजह से नहीं बोलने दिया गया
चंदनकियारी से भाजपा विधायक व पूर्व मंत्री अमर कुमार बाउरी आज अंतिम दिन विधानसभा से रोते हुए बाहर निकले. वो विधानसभा अध्यक्ष द्वारा कार्य स्थगन नहीं पढ़ने देने से नाराज थे. अमर बाउरी ने कहा कि दलित होने की वजह से उन्हें विधानसभा में बोलने नहीं दिया गया. बाबा साहब ने उन्हें जो अधिकार दिया, उन्हें उन अधिकारों से वंचित किया जा रहा है. विधायक अमर बाउरी ने बुधवार को बीजेपी कार्यकर्ताओं पर हुए लाठीचार्ज पर स्थगन प्रस्ताव लेकर आये थे, लेकिन उनके कार्य स्थगन को न ही विधानसभा अध्यक्ष ने पढ़ा और न ही उन्हें पढ़ने दिया, जिससे वो नाराज हो गये और वॉकआउट कर बाहर निकल गए. जिसके बाद मीडियावालों से उन्होंने आपबीती सुनाई. (नीचे पूरी रिपोर्ट पढ़ें)

झारखंड विधानसभा का विहंगम दृश्य.

विधायक मद की राशि चार से आठ करोड़ तक बढ़ाने पर सहमत हुए पक्ष-विपक्ष के विधायक
झारखंड विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र गुरुवार को समाप्त हो गया. इस सत्र में एक बार फिर जनता ठगी गयी है. लेकिन जब विधायकों के निजी हित की बात आती है तो पक्ष-विपक्ष का दायरा खत्म हो जाता है. आज विधानसभा में यही दृश्य देखने को मिला. विधायक स्टीफन मरांडी ने विधायक मद की राशि को चार करोड़ से बढ़ा कर आठ करोड़ करने की मांग सदन में रखी. स्टीफन मरांडी की मांग का पक्ष-विपक्ष के विधायकों ने समर्थन किया. स्टीफन मरांडी ने कहा कि महंगाई बढ़ी है, सभी सामानों पर जीएसटी लगता है. जो काम पहले एक लाख में पूरा होता था उसका प्राकलन अब दो लाख का बनता है. ऐसे में विधायकों को योजना तय करने में काफी परेशानी हो रही है. विधायक भानु प्रताप शाही ने भी इसका समर्थन किया. साथ ही सभी दलों के विधायक भी इस पर सहमत थे. स्पीकर ने इस मामले पर कहा कि वह मुख्यमंत्री और संसदीय कार्य मंत्री से इस विषय पर बात करेंगे. (नीचे पूरी रिपोर्ट पढ़ें)

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन.

नमाज कमरा आवंटन पर स्पीकर ने बनायी सात सदस्यीय कमेटी, 45 दिनों में कमेटी सौंपेगी रिपोर्ट
झारखंड के विधानसभा अध्यक्ष रविन्द्र नाथ महतो ने नमाज के लिए कमरा आवंटित करने के मुद्दे पर सात सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है. उन्होंने कहा कि सदन में पिछले दिनों से जैसा गतिरोध चल रहा है, वह काफी गंभीर है. ऐसा गतिरोध राज्य के लिए अच्छा नहीं है. ऐसे में नमाज़ के लिए कमरा आवंटित करने को लेकर एक कमेटी का गठन कर रहे हैं. कमेटी 45 दिनों में सदन को अपनी रिपोर्ट सौंप देगी. कमेटी के संयोजक स्टीफन मरांडी बनाया गया है .वहीं सदस्यों में प्रदीप यादव, नीलकंठ सिंह मुंडा, सरफराज अहमद, विनोद सिंह, लंबोदर महतो और दीपिका पांडे सिंह शामिल हैं. विदित हो कि नमाज पढ़ने के लिए कमरा अलॉट किये जाने को लेकर बीजेपी विधायकों ने जमकर हंगामा किया. साथ ही पूरे मॉनसून सत्र के दौरान बीजेपी विधायक नियोजन नीति रद्द करने की मांग पर भी अड़े रहे. इसके विरोध में सत्र के आखिरी दिन बीजेपी कार्यकर्ता काला पट्टा लगाकर सदन पहुंचे थे. क्योंकि नमाज के लिए कमरा आवंटन मुद्दे पर विधानसभा घेराव करने पहुंचे बीजेपी नेता और कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था. दरअसल कार्यकर्ता बैरिकेडिंग तोड़ने का प्रयस कर रहे थे. इस लाठीचार्ज में कई कार्यकर्ता भी घायल हुए. इससे पहले नमाज के लिए कमरा आवंटित करने को लेकर सदन में पिछले दिनों से चल रहे हंगामे के बीच गुरुवार को सत्ता पक्ष के विधायक सरफराज अहमद ने एक प्रस्ताव रखा था. प्रस्ताव में उन्होंने स्पीकर से मांग की था कि कमेटी बना दें. जिससे कमेटी देखे की नमाज के लिए कक्ष आवंटित करने की आवश्यकता है या नहीं. सरफराज़ अहमद के लाये प्रस्ताव का बंधु तिर्की और प्रदीप यादव ने समर्थन किया था.

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