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शनिवार, जून 19, 2021
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jharkhand-vidhansabha-झारखंड विधानसभा में सरकार की बड़ी 3 घोषणाएं, सड़क हादसे में मारे गये हर व्यक्ति के परिजन को मिलेगा 1 लाख रुपये का मुआवजा, टाटा स्टील, टाटा मोटर्स समेत तमाम निजी कंपनियों में 75 फीसदी बहाली स्थानीय की ही होगी, बेरोजगारों को मिलेगा 5000 रुपये से 7500 रुपये तक का बेरोजगारी भत्ता, वीर कुंवर सिंह जयंती पर छुट्टी देने की उठी सदन में मांग, जानें क्या-क्या मुद्दा विधानसभा में उठा

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रांची : झारखंड विधानसभा में बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कई नये फैसलों की जानकारी सदन को दी. विधानसभा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बताया कि 12 मार्च को कैबिनेट की हुई बैठक में तीन अहम फैसले लिये है, जिसको सार्वजनिक नहीं किया गया था. मुख्यमंत्री ने कहा कि कैबिनेट की बैठक के बाद इसकी घोषणा नहीं की गयी थी क्योंकि इसको सदन में लाया जाना था. इसके तहत बताया कि सड़क हादसा में मारे गये लोगों को एक लाख रुपये का अनुदान सरकार की ओर से दी जायेगी. जो भी सड़क हादसा में मरेगा, उस व्यक्ति के प रिजनों को आपदा की श्रेणी में रखते हुए मृतक के परिवार को एक लाख रुपये का मुआवजा दिया जायेगा. उन्होंने सदन को जानकारी दी कि श्रम विभाग की ओर से राज्य में ल गे निजी उद्योगों में स्थानीय लोगों को 75 फीसदी आरक्षण देना अनिवार्य कर दिया गया है. इसके बाद से टाटा स्टील, टाटा मोटर्स समेत किसी भी कंपनी में अगर बहाली होती है तो 75 फीसदी लोग स्थानीय ही होंगे. श्रम विभाग की ओर से तकनीकी रुप से प्रशिक्षित बेरोजगारों को सरकार की ओर से राशि दी जायेगी. इसके तहत सामान्य वर्ग के बेरोजगारों को 5 हजार रुपये मुआवजा और दिव्यांग और आदिम जनजाति के बेरोजगारों को 7500 रुपये अनुदान दिया जायेगा. वैसे झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान भाजपा समेत पूरा विपक्ष सदन के बाहर प्रदर्शन करता रहा. खूंटी में नर्सिंग होम की छात्राओं के साथ रेप की घटना को लेकर प्रदर्शन किया. इसके अलावा माले विधायक बिनोद सिंह ने मॉब लिंचिंग के मामले को उठाया जबकि इरफान अंसारी ने भी अनगड़ा में हुई भीड़ की पिटाई के मामले को उठाया. दीपक बिरुअग़ा ने मोटरयान निरीक्षक नियुक्ति का सवााल उठाया. चार साल से एमवीआइ की नियुक्ति होने का मामला भी उठाया तो प्रभारी मंत्री आलमगीर आलम ने जवाब दिया कि जल्द परीक्षा का परिणाम जारी की जायेगी. राज्य के पूर्व विधायक और रांची के विधायक सीपी सिंह ने राज्य भर के कंप्यूटर ऑपरेटरों की सेवा स्थायी नहीं करने का मुद्दा उठाया. कई विधायकों ने ऑपरेटरों को नहीं उठाने की मांग उठायी. वहीं, एनपीसी के विधायक कमलेश सिंह ने 23 अप्रैल को वीर कुंवर सिंह जयंती पर राज्य में सार्वजनिक अवकाश घोषित करने का मुद्दा को जोरदार तरीके से उठाया. हालांकि, सरकारक ने जवाब दिया कि अभी इस पर कोई विचार नहीं है, सरकार आगे विचार कर सकती है. इस दौरान चाईबासा के विधायक दीपक बिरुरआ ने झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग के 18 पदों के रिजल्ट की मांग उठायी.

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