कोल्हान में विजया दशमी पर हुआ सिंदूर खेला, मां को दी गयी शांतिपूर्ण विदाई, जमशेदपुर में तेजी से हुआ विसर्जन, चाकुलिया-बहरागोड़ा में भी विदाई

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जमशेदपुर में महििलाओं का सिंदूरखेला.

जमशेदपुर : कोल्हान में दुर्गा पूजा के महादशमी के दिन मां दुर्गा को विदाई दी गयी. इस दौरान लोगों ने मां दुर्गा की प्रतिमा को विदाई दी गयी. इस दौरान सारे लोगों ने विसर्जन किया.

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चाकुलिया में चल रहा सिंदूर खेला.

चाकुलिया में विजया दशमी का समारोह
चाकुलिया प्रखंड के विभिन्न पूजा पंडालों में मंगलवार को बिजया दशमी के अवसर पर महिलाओं ने मां दुर्गा की पूजा श्रधापूर्वक की. पूजा करने के पश्चात महिलाओं ने एक दूसरे को सिंदूर लगाकर सिंदूर खेल खेलकर एक दूसरे को विजया दशमी की शुभकामनायें दी. बंगाली समुदाय की महिलाओं का कहना है कि मां की पूजा कर हर्षो उल्लास के साथ सिंदूर खेलकर मां दुर्गा की विदाई दी जाति है. उन्होंने कहा कि विजया दशमी के दिन उपवास कर मां दुर्गा की पूजा कर पति की लम्बी उम्र और परिवार के लिए सुख, शांति और समृद्धि की कामना करती है. दूसरी ओर, चाकुलिया के पुराना बाजार सार्वजनीन दुर्गा पूजा कमेटी द्वारा हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी ग्रामीणों के बीच महा प्रसाद का वितरण किया. कमेटी द्वारा 35 क्लिंटन चावल, दाल से बनी खिचड़ी और सब्जी का वितरण किया गया. हजारों भक्तों ने पंडाल और मुख्य सड़क पर जमीन पर बैठकर प्रसाद ग्रहण किया.

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महाप्रसाद वितरण का उदघाटन घाटशिला के एसडीपीओ रणवीर सिंह, चाकुलिया के सीओ अरविंद ओझा, थाना प्रभारी त्रिभुवन राम, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डा दिनेशानंद गोस्वामी, समाजसेवी परमेश्वर रूंगटा, संजय लोधा, पतित पावन बेरा ने नारियल फोड़ कर और लोगों के बीच प्रसाद वितरण कर किया. विदित हो की पुराना बाजार सर्वजनिन दुर्गा पूजा कमेटी विगत लगभग 50 वर्षों से महाप्रसाद का वितरण करते आ रही है. पूर्वी सिंहभूम जिला का एक मात्र चाकुलिया में ही वृहद तौर पर महाप्रसाद का वितरण किया जाता है. कमेटी द्वारा महा प्रसाद का निर्मान भक्तों से ली गई चावल, दाल, सब्जी से नवमी के रात से ही प्रसाद का निर्माण करना शुरू किया जाता है जो दशमी के भोर तक चुल्हा जलता है और रात भर प्रसाद का निर्माण किया जाता है. महाप्रसाद वितरण के समय सड़क के दोनों और हजारों ग्रामीण सड़क पर बैठकर महाप्रसाद ग्रहण करते हैं. स्थानीय लोग भी अपने अपने घरों से बर्तन निकाल कर प्रसाद वितरण मै सहयोग करते है और भक्तों के लिए कई स्थानों पर स्टाल लगाकर पानी पिलाने की व्यवस्था की जाती है. वही सड़क के दोनों किनारे के दुकानदार भी अपनी दुकानों को बंद कर महाप्रसाद वितरण में सहयोग करते हैं. प्रसाद वितरण में कमेटी के अध्यक्ष शंभु नाथ मल्लिक, अरिंदम दे, हरि साधन मल्लिक, मनोज अग्रवाल, संजय रूगटा, संजय दास, बबलु साव,संजय लोधा, परमेश्वर रूंगटा, अजय रूंगटा,वाप्पी मल्लिक, कन्हैया सहल समेत अन्य ने अहम भूमिका निभाई.

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जमशेदपुर में दस दिनों तक चले दुर्गोत्सव का मंगलवार को अंतिम दिन है. विजयादशमी के मौके पर जहां लोग एक दूसरे को बुराई पर अच्छाई के जीत की बधाइयां दे रहे हैं वहीं बंगाली समुदाय की सुहागिन महिलाएं मां के विदाई से पूर्व सिंदूर खेलकर एक दूसरे को विजयादशमी की बधाइयां दे रहे हैं. वहीं सभी माता से अगले साल फिर से धूमधाम से आगमन की कामना भी कर रहे हैं. ऐसी मान्यता है कि विजयादशमी के मौके पर सिंदूर खेलने से माता प्रसन्न होती है और सालों भर सुख- समृध्दि का आशीर्वाद देती है. इधर विजयादशमी के दिन जमशेदपुर में अचानक मौसम ने करवट बदला और जोरदार बारिश शुरू हो गया. वहीं इस दौरान भक्तों के उत्साह में कोई कमी नजर नहीं आयी. वहीं लोग विजयादशमी के दिन बारिश को शुभ संकेत मान रहे हैं. जहां लोगों का कहना है कि माता की विदाई से पहले बारिश से किसानों के साथ आम लोगों को भी काफी लाभ मिलता है. वहीं शहर में भक्त माता की विदाई में जुट गए हैं. इसी तरह जमसेदपुर में साकची में कुल 120 प्रतिमा का विसर्जन हो चुका है. पूरे जिले में कुल 320 प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है.

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