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Lohardaga : लोहरदगा में जनता के मंतव्य बगैर रेलवे क्रॉसिंग के दोनों ओर की सड़कों को कर दिया गया बंद, रेलवे प्रशासन से रास्ते को खोलने की मांग-Video

लोहरदगा : लोहरदगा-किस्को-रिचुघुटा मुख्य पथ के कुटमू फेकुवा टोली के समीप रेलवे क्रासिंग पर बन्द कर दिये जाने के संबंध में स्थानीय ग्रामीणों ने मंडल रेल प्रबंधक, दपू रेलवे हटिया, रांची को पत्र लिखकर अवरुद्ध रास्ता को खोलने की मांग की है। ग्रामीणों ने अपने आवेदन में कहा है कि उपरोक्त पथ, लोहरदगा जिला को किस्को मोड़, लोहरदगा, कुटमू फेकुवाटोली, बमण्डीहा, जोरी, किस्को प्रखण्ड नारी-नवाडीह, तिसिया, रिचुधुटा मक्का मुरमू होते हुए लातेहार जिला एवं पेशरार प्रखण्ड का मुख्य पथ है, तथा बॉक्साईट एवं कोयले का खनन क्षेत्र होने के कारण इस पथ पर भारी वाहनों का सधन आवागमन होता है, तथा उपरोक्त वर्णित सभी ग्राम के निवासियों का दिन-प्रतिदिन के आवश्यकताओं की पूर्ति हेतू सुगम आवागमन का एक मात्र पथ है। जिसकी चौड़ाई लगभग 60 फिट है, जिसमें डबल लेन काली पथ का विगत दिनो करोड़ो कि लागत से चौड़िकरण का कार्य किया गया है। उक्त पथ को किस्को मोड़, लोहरदगा कुटमू फेकुवा टोली के समीप रेलवे फाटक के पास बिना किसी एप्रोच पथ के निर्माण के एवं बिना किसी आधिकारीक सूचना के अचानक सड़क बन्द कर दिया गया है। (नीचे भी पढ़ें व वीडियो देखें)

उपरोक्त स्थल के दोनो तरफ जिला के दो प्रमुख विद्यालय लिभेंस एकेडमी पश्चिम तथा पुर्व में मर्हषि दयानंद मध्य विद्यालय शान्ति आश्रम एवं आंगनबाड़ी केन्द्र है, जहाँ हजारो कि संख्या में छात्र पढ़ते है। बन्द पथ के पश्चिम कि ओर उत्तर से दक्षिण में 1 कि.मी. कि दुरी पर जहाँ पुर्व से ही अण्डरपास बना हुआ है, जिससे महज 10 मिटर कि दुरी पर नया अण्डरपास का निर्माण कर इस पथ को प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क जिसकी चौड़ाई मात्र 20 फिट है, पीसीसी कर कचहरी मोड़ में मिला दिया गया है, जिससे वहाँ पर जाम की स्थिति रहती है। विद्यार्थियों के समय पर स्कूल पहुँच पाना भी संभव नही हो पाता है, तथा यातायात बाधित होने से उपरोक्त सभी ग्राम के वासियो को आवागमन में कठिनाई एवं लम्बी दूरी तय करना पड़ रहा है, एवं प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों के रोजगार एवं अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। साथ ही रेलवे लाइन के उस पार से इस पार इस पार से उस पार कृषि कार्य हेतु आने जाने में तथा मरणोपरांत शव यात्रा में भी काठीनाई उत्पन्न हो गया है, एवं क्षेत्र में विकास पुर्ण रूप से प्रभावित हो गया है, जो जन हित में न्यायोचित नहीं है। क्षेत्र एवं ग्रामवासियों के समस्याओं को देखते हुए जनहीत में क्रॉसिग में पैदल एवं छोटे वाहनो को आने-जाने के लिए तुरत रास्ता दिया जाए एवं फाटक को पुनः पुर्व कि भांति निर्वाद रूप से चालु किया जाए। ग्रामीणों ने इसकी प्रतिलिपि रेलवे मंत्री भारत सरकार, झारखंड के मुख्य मंत्री, मुख्य सचिव, सचिव ग्रामीण विकास विभाग, पथ निर्माण विभाग, सांसद, लोहरदगा, विधायक, लोहरदगा, सह वित्तमंत्री झारखण्ड, उपायुक्त, उपविकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता पथ निर्माण विभाग, पुलिस अधीक्षक को दिया गया है। (नीचे भी पढ़ें व वीडियो देखें)

क्या कहना है ग्रामीणों का
मौके पर चंद्रिका यादव, देशराज शिखर, दीपक कुमार साहू, मिसिर उरांव, संजय साहू, वीणा देवी, ललिता उरांव, पुष्पा उरांव, गोवर्धन उरांव, उपेंद्र साहू, अमर साहू, रिंकू देवी, अणिमा देवी, रेखा देवी, राजेन्द्र साहू, सुधा देवी, लक्ष्मी कुमारी, शेखर साहू, विकास साहू, संजय उरांव, उमेश राम, सुमंती देवी, देवनारायण साहू समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि हमलोगों को 5 मिनट की दूरी तय करने के लिए लगभग 30 मिनट का रास्ता तय करना पड़ रहा है। लगभग 20 फीट की दूरी तय करने के लिए 3 किमी दूर से घूमना पड़ रहा है। जिससे अवागमन की बहुत परेशानी हो रही है। पैदल भी पार करने के लिए परेशानी है। रेलवे के द्वारा सड़क का मार्ग अवरुद्ध कर दिया गया है। 200 सालों से पुरानी सड़क है जिसे रेलवे प्रशासन द्वारा बंद कर दिया गया है जो जनहित में गलत है। रेलवे क्रॉसिंग के दोनों फाटकों को बंद कर दिया गया है। जिससे कारण बच्चों को स्कूल ट्यूशन जाने में भी दिक्कत है। सड़क के दूसरी तरफ आंगनबाड़ी केंद्र है और दो प्रमुख स्कूल है । जिसके कारण स्कूल जाने के लिए बच्चों को 50 फीट तक की दूरी तय करने के लिए 3 किमी की दूरी तय करनी पड़ रही है।

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