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रविवार, मई 9, 2021
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mango-vikash-samiti : कोरोना से बचाव के लिए मास्क प्रभावी उपाय नहीं, सैनिटाइजर से स्किन कैंसर का खतरा, कोरोना से हुई मौतों की जांच व बचाव के प्रभावी उपाय करे सरकार : समिति

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जमशेदपुर : मानगो विकास समिति के अध्यक्ष ओंकार नाथ सिंह ने कहा है कि कोरोना से बचाव के लिए मास्क प्रभावी उपाय नहीं है. वहीं सैनिटाइजर से स्किन कैंसर का खतरा है. श्री सिंह ने कोरोना से हुई मौतों के आंकड़े पर सवाल उठाते हुए राज्य के मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री से इसकी जांच कराने तथा कोरोना के बढ़ते प्रकोप से बचाव के लिए प्रभावी उपायक करने की मांग की है. इस संबंध में श्री सिंह ने मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री को एक पत्र प्रेषित किया है, जिसमें उक्त सारे उल्लेख हैं. पत्र में कोविड 19 की रोकथाम के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के लिए आप मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री का आभार प्रकट करते हुए ओंकार नाथ सिंह ने कहा है कि कोरोना संक्रमण से हुई मौतों के आंकड़े पर लगातार चिंतन करने के पश्चात् मैं इस नतीजे पर पहुंचा हूं कि अबतक के प्राप्त आंकड़े सत्य नहीं हैं. अस्पताल व स्वास्थ्य केन्द्रों में हुई मौतों में अधिकांश वैसे लोग थे जो कोरोना से इतर किसी न किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित थे. कोरोना के संक्रमण के पूर्व इस तरह के डेथ केसेज किडनी, हृदय रोग, लीवर, लंग्स आदि फेल्योर के कारण माने जाते थे, जो सामान्य सी बात समझी जाती थी और लोगों में किसी प्रकार की दहशत नहीं होती थी, परन्तु वर्तमान स्थिति में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण सिर्फ और सिर्फ कोविड-19 बताया जा रहा है, जिससे लोगों में दहशत का माहौल बन रहा है. उदाहरण के तौर पर सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के एक पदाधिकारी की मौत को लें. मौत के बाद पहली जांच में कोरोना पॉजिटिव, दूसरी में निगेटिव और फिर पॉजिटिव सुनते-सुनते भ्रम की स्थिति बन रही है. वैसे भी नेट सर्च से यह बात सामने आई है कि कोरोना वायरस के कई प्रकार हैं, जो हमारे शरीर में कोरोना संक्रमण की जानकारी से काफी पहले से पाये जाते रहे हैं और गले की खराश का कारण बनते रहे हैं और मामूली उपचार जैसे गरम पानी से गरारा करने मात्र से ठीक हो जाते थे.

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एक अपुष्ट जानकारी के मुताबिक अभी पूर्वी सिंहभूम जिले में हाल में हुई मौतों का आंकड़ा 24 बताया गया है जिनमें से एक को छोड़ कर प्रायः सभी मौतें अलग-अलग कारणों से हुई हैं. कोविड जांच में लगभग सभी को पॉजिटिव दिखाया गया है, जिससे आंकड़े लगातार बढ़ रहे हैं. इसके अतिरिक्त मास्क की अनिवार्यता पर चर्चा के क्रम में यह बात सामने आती है कि मास्क कोरोना महामारी के संक्रमण से प्रभावी सुरक्षात्मक उपाय नहीं हैं, क्योंकि कोविड वायरस का आकार 9 माइक्रोन है, जबकि मास्क के पोर्स 300 माइक्रोन हैं. अर्थात कोरोना वायरस से लगभग 30 गुना ज्यादा. इतना ही नहीं, बाजार में उपलब्ध सैनिटाइजर के लगातार उपयोग से स्किन कैंसर होने के चान्सेज हैं. ऐसी स्थिति में मास्क और सैनिटाइजर कोविड कन्ट्रोल के प्रभावी उपाय नहीं हैं, जबकि इनके लिए लोगों के करोड़ों रुपये वसूले जा चुके हैं. इन सबके मद्देनजर श्री सिंह ने मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री से कोविड और अन्य कारणों से हुई मौतों की अलग-अलग जांच तथा प्राप्त आंकड़ों का सही विश्लेषण करने की मांग की है, ताकि संक्रमण रोकने के प्रभावी कदम उठाने हेतु नीति निर्धारण में सहूलियत तथा बड़ी राशि की बचत हो सके. उन्होंने कहा है कि बचत की राशि को अन्य असाध्य बीमारियों से जूझ रही जनता को राहत पहुंचाने में व्यय किया जा सकेगा.

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