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गुरूवार, मई 6, 2021
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मनरेगा में लूट, राजनगर प्रखंड में 15 लोगों के नाम पर फर्जी निकासी, सोशल ऑडिट में हुआ खुलासा

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सोशल ऑडिट की टीम द्वारा शिकायतकर्ता को सौंपी गयी जानकारी.

सरायकेला : जिला का राजनगर प्रखंड फिर से विवादों में घिर गया है. जहां गोविंदपुर पंचायत के बनकाटी गांव में नरेगा और मनरेगा के नाम पर 15 लोग फर्जी निकासी के आरोप में लिप्त पाए गए हैं. रांची से बनकाटी पहुंची सोशल ऑडिट की टीम द्वारा सौपे गए रिपोर्ट से इस बात का खुलासा हुआ है. आपको बता दें कि जिन 15 मजदूरों पर फर्जीवाड़ा कर रुपए निकासी का आरोप लगा है उन्होंने कभी भी उक्त योजना में कोई काम नहीं किया है. इस बात का जिक्र ऑडिट रिपोर्ट में साफ तौर पर दर्ज है. बनकाटी गांव पहुंचे टीम के अधिकारियों के साथ ग्राम प्रधान भी मौजूद रहे. जहां जांच टीम द्वारा चौंकाने वाला खुलासा किया गया है. सबसे बड़ी बात ये है कि मनरेगा का लाभ लेने में एक शिक्षिका, दूसरी संयोजिका और तीसरी बहकाटी गांव के स्कूल की रसोइया भी शामिल हैं. इसके अलावे नरेश मंडल और जोगेंद्र मंडल के नाम का कोई मजदूर है ही नहीं, जबकि सभी के नाम पर फर्जी निकासी किए जाने का ज़िक्र रिपोर्ट में दर्ज किया गया है, जिसकी कॉपी ग्राम प्रधान नीलकंठ महतो एवं अन्य ग्रामीणों की मौजूदगी में ऑडिट के बाद शिकायतकर्ता आशीर्वाद महतो को ऑडिट टीम द्वारा सौंपा गया है.

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जिन फर्जी मजदूरों के नाम पर नरेगा और मनरेगा में लूट का खुलासा किया गया है उसमें राजकपूर महतो, भाजपा नेता है, प्रेमचंद मंडल राशन दुकान चलाता है, तारा मंडल गृहणी है. जबकि बिष्णु पद मंडल और मदरो महतो आदित्यपुर के किसी कम्पनी में काम करते हैं. वहीं लोगेन महतो पान दुकान चलाता है. रिपोर्ट में उर्मिला महतो का जिक्र किया गया है जो आंगनवाड़ी सेविका है. सहदेव महतो शिक्षक, पद्मावती महतो संयोजिका और मेमवती महतो स्कूल में रसोइया का काम करती है. इसके अलाव मानस मंडल और मानस राम महतो होटल व अन्य कारोबार करते हैं.
फिलहाल ऑडिट टीम के लौटने के बाद गांव में हड़कंप मच गया है. वैसे इतने बड़े फर्जीवाड़े के पीछे कौन है इसका खुलासा होना अभी बाकी है. हालांकि ग्रामीण विकास और 14वें वित्त आयोग की राशि का राजनगर प्रखंड में जिस तरह से लूट मचा हुआ है, इसकी व्यापक जांच कराए जाने की आवश्यकता है. प्रखंड विकास पदाधिकारी से लेकर मुखियाओं और ग्राम प्रधानो आदि की भूमिका सवालों के घेरे में है. इससे पूर्व भी राजनगर प्रखंड के प्रज्ञा केंद्र पर कृषि जन आशीर्वाद योजना के लाभुकों के पैसों का हेराफेरी करने का आरोप लग चुका है. जिसमें प्रखंड कार्यालय के कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आ चुकी है. ऐसे में जिले के उपायुक्त को मामले को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है. वही गोविंदपुर पंचायत की मुखिया सावित्री मुर्मू द्वारा 14वें वित्त आयोग के तहत क्षेत्र में किए गए कार्यों की समीक्षा भी जरूरी है.

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