saraikela-kharsawan-सरायकेला-खरसावां के एक शिक्षक का फूटा गुस्सा, ”घूसतंत्र” के खिलाफ गम्हरिया प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के दफ्तर में बिना अनुमति घुसे, फिर क्या हुआ, देखे-पूरी खबर-video

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सरायकेला : सरायकेला- खरसावां जिले के गम्हरिया प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी के चेंबर में उस वक्त अजीबोगरीब स्थिति उत्पन्न हो गयी जब अनुसाशन का पाठ पढ़ाने वाले एक सहायक शिक्षक ने अपना संतुलन खो दिया और प्रखंड शिक्षा प्रसार पदादिकारी के चेंबर में बगैर अनुमति लिए प्रवेश करते ही उन्हें एक चिट्ठी दिखाते हुए झल्लाकर लगे क्लास लेने. मौके पर मौजूद मीडियाकर्मी कुछ समझ पाते इससे पूर्व ही शिक्षक यह कहते हुए बाहर निकल गए कि मैं रिटायर करनेवाला हूं… मैं रिटायर करनेवाला हूं. शिक्षा प्रसार पदाधिकारी अनुशासन की दुहाई देते रहे औऱ सहायक शिक्षक झटके में कक्ष से बाहर निकल गए. वहीं मौके पर मौजूद मीडियाकर्मियों ने कक्ष से बाहर निकलकर उनकी पीड़ा जाननी चाही तो जो उन्होंने बताया वो चौंकानेवाला था.

सहायक शिक्षक चंद्रमोहन चौधरी ने बताया कि वे जिलिंगोड़ा उत्क्रमित मध्य विद्यालय में बतौर सहायक शिक्षक पदस्थापित हैं. उन्होंने विभाग के अधिकारियों पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए कहा कि बात-बात में विभाग के अधिकारी पैसों की मांग करते हैं. दिसंबर में सेवानिवृत होनेवाले हैं, और पुराने- पुराने बिल में घोटाले की बात कहकर उम्र के इस पड़ाव में चिट्ठी जारी कर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का काम विभाग के अधिकारी कर रहे हैं. इधर प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी कानन पात्रा ने बताया कि उन्हें विभागीय स्तर पर जांच का जिम्मा मिला था, मैने जांच कर अपनी रिपोर्ट जिला शिक्षा पदाधिकारी को सौंप दिया था. चिट्ठी जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय से जारी की गयी है. उन्होने 2019 के यात्रा भत्ता एवं आवास भत्ता में गड़बड़ी पाए जाने की बात कही है. जबकि सहायक शिक्षक ने ऐसे किसी भी गड़बड़ी से इंकार करते हुए कहा कि उनके द्वारा सभी बिल एवं रिपोर्ट जिला को सौंप दी गयी है. वैसे सहायक शिक्षक एवं प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी के बीच मचे कोहराम का क्या असर होता है, ये तो अब दोनों या विभाग के बड़े अधिकारी जानें, लेकिन सहायक शिक्षक ने उम्र के इस पड़ाव में खुलेआम जिस तरह से प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी के कक्ष में घुसकर विभाग की कलई खोली उससे प्रतीत होता है, कि विभाग में कुछ न कुछ गड़बड़झाला तो जरूर है. वैसे सहायक शिक्षक के चेहरे पर इस घटना के बाद सकून नजर आया.

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