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सोमवार, अप्रैल 12, 2021
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    Saraikela : सरायकेला एसपी को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का सम्मन, चार हफ्ते में जवाब तलब

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    Saraikela : सरायकेला जिले के एसपी की मुश्किलें बढ़ सकती है. जहां राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने दूसरी बार जिले के एसपी को सम्मन जारी करते हुए 4 हफ्तों में जवाब तलब किया है. इससे पहले 20 मई को आयोग ने जिले के एसपी को सम्मन जारी करते हुए मामले में अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया था, लेकिन एसपी की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया. इधर एक बार फिर से आयोग ने 22 सितंबर को एसपी को सम्मन जारी करते हुए 4 हफ्तों के भीतर यानी 30 अक्टूबर 2020 तक जवाब तलब किया है. आयोग ने एसपी को ह्यूमन राइट्स एक्ट 1993 की धारा 13 के तहत यह सम्मन जारी करते हुए साफ कर दिया है कि यह अंतिम चेतावनी दी जा रही है. इसके बाद आयोग सीधे कार्रवाई करने का अधिकार रखता है.

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    आपको बता दें कि पिछले 1 मई को सरायकेला-खरसावां जिले के आरआईटी थाना अंतर्गत एमआईजी 247 निवासी आलोक दुबे और 248 निवासी प्रिंस कुमार के बीच हुए खूनी टकराव मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने एक पक्ष प्रिंस कुमार राय एवं उनके परिवार के साथ हुई घटना और उसके बाद पुलिसिया कार्रवाई को मानवाधिकार का हनन मानते हुए संज्ञान लिया था. इस मामले को आयोग तक झारखंड के कोडरमा निवासी मानवाधिकार कार्यकर्ता ओंकार विश्वकर्मा ने पहुंचाया था. उक्त मामले में अबतक आलोक दुबे, पप्पू दुबे, सुमित राय, शांति दुबे और सोनी दुबे पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है. हालांकि आलोक दुबे की ओर से भी काउंटर केस बाद में दर्ज कराया गया था. पीड़ित प्रिंस राय ने सीएम हेमंत सोरेन को ट्वीट कर इंसाफ मांगा था. तब पीड़ित का एफएआईआर आरआईटी थाने में दर्ज हुआ था. घटना के बाद आरोपी खुलेआम घूमते रहे थे. यहां तक कि प्रिंस का पूरा परिवार लहूलुहान अवस्था में रातभर ईलाज के लिए थाने में तड़पता रहा था, लेकिन थाना की ओर से मेडिकल के लिए नहीं ले जाया गया था.

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