spot_imgspot_img

Global Statistics

All countries
262,429,694
Confirmed
Updated on November 30, 2021 11:38 AM
All countries
235,226,776
Recovered
Updated on November 30, 2021 11:38 AM
All countries
5,224,820
Deaths
Updated on November 30, 2021 11:38 AM
spot_img

Saraikela : बुझ गया इकलौता चिराग तीन दिनों बाद निकाली गई टेलर के नीचे दबी खलासी की लाश परिवार में छाया मातम

Advertisement

Saraikela : जान अमीर की हो या गरीब की फर्क दिख ही जाता है. मानवता की दुहाई देने वाले समाज का वर्ग ऐसे समय में संवेदनहीन हो जाते है, जब बात किसी गरीब के जान की आती है. सरायकेला जिले में मानवता को शर्मसार करने वाला ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है. जहां एक ऐसी ही घटना सरायकेला थाना क्षेत्र में घटित हुआ है. जहां तीन दिनों पहले हुई एक सड़क दुर्घटना में टेलर के नीचे दबे 18 वर्षीय खलासी की लाश तब निकाली गई, जब आसपास से गुजरते हुए ग्रामीणों ने बदबू आने की शिकायत की. शिकायत के बाद तुरंत एक्शन में आई सरायकेला पुलिस ने शुक्रवार की देर रात टेलर को उठवाकर लाश को अपने कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. जहां शनिवार को मृतक पवन कुमार के परिजनों में मामा मुकेश कुमार, चाचा सूरज कुमार और गांव के रिश्ते से दादा एवं दुर्घटनाग्रस्त हुए टेलर के चालक जगदीश रजवार के पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम कराया जा सका. टेलर के दुर्घटनाग्रस्त होने और खलासी पवन कुमार के टेलर के नीचे दबकर मर जाने से लेकर तीन दिनों बाद उसके शव को बाहर निकाल कर पोस्टमार्टम किए जाने तक के मामले में कयास ये भी लगाए जा रहे हैं कि आखिर मौत के बाद अतिशुद्ध माने जाने वाले शरीर के साथ इतनी दुर्गति का दोषी किसे ठहराया जा सकता है?

Advertisement
Advertisement

दुर्घटनाग्रस्त बल्कर टेलर बीते बुधवार की शाम कांड्रा टॉल नाका के समीप से डस्ट लोड कर श्री सीमेंट कंपनी की ओर जा रही थी। इसी क्रम में सरायकेला खरसावां मुख्य मार्ग पर गोविंदपुर के समीप शाम के तकरीबन 6:15 बजे अनियंत्रित होकर पलट गयी जिसके बाद आनन-फानन में टेलर का ड्राइवर जगदीश रजवार भाग निकला. इस दौरान मृत खलासी पवन कुमार की किसी ने भी सुध नहीं ली. ना तो टेलर के मालिक गजानंद इंटरप्राइजेज ने हाल जानने का प्रयास किया, और ना ही गांव के रिश्ते से दादा लगने वाले चालक जगदीश ने ही पवन की सुध लेने की कोशिश की. इसके अलावा सरायकेला पुलिस भी पूरे मामले में सड़क दुर्घटना को लेकर भी मौन बनी रही. सरायकेला पहुंचे मृतक पवन के चाचा और मामा ने बताया कि हजारीबाग के विष्णुगढ़ का रहने वाला 18 वर्षीय पवन कुमार अपने घर का इकलौता बेटा और कमाने वाला हाथ था. उसके पिता राजू सिंह का खेती-बाड़ी नहीं है, और वे मजदूरी करते हैं. मां उर्मिला देवी का लाडला बेटा पवन की शादी नहीं हुई थी. घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि अक्सर मालवाहक बड़े वाहन अधिक मुनाफा कमाने को लेकर तेज गति से सरायकेला की सड़कों पर दौड़ती हुई देखी जा रही हैं. जिसके कारण आए दिनों या तो ऐसे वाहन अनियंत्रित होकर खुद पलट कर सड़क दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं, या तेज रफ्तार के कारण दूसरों की जान ले रहे हैं.

Advertisement
[metaslider id=15963 cssclass=””]

Advertisement
Advertisement
WhatsApp Image 2020-06-13 at 7.45.22 PM
IMG-20200108-WA0007-808x566
WhatsApp Image 2020-06-13 at 7.45.22 PM (1)
WhatsApp_Image_2020-03-18_at_12.03.14_PM_1024x512
previous arrow
next arrow

Leave a Reply

spot_img

Must Read

Related Articles

Don`t copy text!