spot_imgspot_img

Global Statistics

All countries
229,584,052
Confirmed
Updated on September 21, 2021 1:46 AM
All countries
204,550,193
Recovered
Updated on September 21, 2021 1:46 AM
All countries
4,709,578
Deaths
Updated on September 21, 2021 1:46 AM
spot_img

Special-case-पति के मौत के लिए कुछ ही समय शेष, पत्नी मरने वाले पति के स्पर्म (वीर्य) से होगी गर्भवती, हाईकोर्ट की इजाजत के बाद संरक्षित रहेगा मृतक का स्पर्म, क्या है पूरा मामला पढ़ें

Advertisement
Advertisement


अहमदाबादः गुजरात हाईकोर्ट में एक पत्नी ने याचिका दायर कर पति का स्पर्म सुरक्षित करने की मांग की. महिला के विशेष मांग पर कोर्ट ने 15 मिनट के बाद ही सुनवाई करते हुए इस बाबत अनुमति दे दी है. अदालत ने मरीज के स्पर्म कलेक्ट करने की अनुमति दी और अस्पताल को इसे संरक्षित करने का आदेश दिया. हालांकि अदालत ने अगले आदेश तक आर्टिफिशियल इन्सेमनैशन की अनुमति नहीं दी है. दरअसल, महिला का पति इस साल मई में कोरोना संक्रमित हुआ था. वह तब से वेंटिलेटर पर हैं. बीते दिनों डॉक्टरों ने यह जानकारी दी थी कि शख्स के पास सिर्फ 3 दिन है, जिसके बाद परिवार सकते में आ गया और हाईकोर्ट में पत्नी ने यह याचिका दाखिल की. मिली जानकारी के अनुसार पत्नी ने कोर्ट से कहा- ‘मैं अपने पति के स्पर्म से मां बनने का सुख पाना चाहती हूं. लेकिन मेडिकल लॉ इसकी परमिशन नहीं देता. हम दोनों के प्यार की अंतिम निशानी के तौर पर पति का स्पर्म दिलाया जाए. मेरे पति के पास बहुत कम वक्त है. वह दो माह से वेंटिलेटर पर हैं.’ अदालत ने पत्नी की याचिका पर स्पर्म लेने की अनुमति दे दी है.पत्नी ने कहा- हम दोनों की शादी बीते साल अक्टूबर में हुई और हम कनाडा में चार साल पहले एक दूसरे से संपर्क में आए और वहीं शादी भी की. चार महीने बाद यानी फरवरी 2021 में ससुर को हार्ट अटैक आया, जिसके बाद हम भारत आ गए. यहां मई में पति को कोरोना हो गया. उनके फेफड़े पूरी तरह संक्रमित होने के बाद एकदम निष्क्रिय हो गए हैं. वह दो महीने से वेंटिलेटर पर हैं और तीन दिन पहले डॉक्टर्स ने परिजनों को बताया कि पति की तबीयत में सुधार होने की कोई संभावना नहीं है. उसका कहना है के उनके स्पर्म से मां बनना चाहती हूं ताकि जब जिंदा रहूं उस बच्चे के सहारे जी सकू. या फिर उनकी निशानी समझ कर शेष जीवन यापन करना का प्रयास होगा. महिला ने बताया कि उनकी शादी 2020 अक्टूबर में हुई थी. महिला का कहना है कि चार साल पहले उनकी मुलाकात कनाडा में हुई, फिर दोनों एक दूसरे के करीब आए. बाद में 2020 अक्टूबर में दोनों ने शादी कर ली. महिला ने बताया कि शादी के चार महीने के बाद दंपत्ति को खबर मिली के उनके पिता हार्ट अटैक आया, उसके बाद दंपत्ति फरवरी में भारत लौटा, आने के बाद पिता के सेवा में लग गए. पिता की सेवा के दौरान उसके पति को कोरोना से संक्रमित हो गए. काफी इलाज कराया लेकिन तबीयत बिगड़ती गयी. बाद में बडौदा के निजी अस्पताल में पति को भर्ती कराया. जिसके बाद उनकी स्थिति और भी खराब होती चली गयी. संक्रमण इतना बढ़ गया था फेफड़ा बेकार हो गया. वे दो महीने से वेंटीलेटर पर है. इस दौरान महिला को डाक्टर ने बताया कि पति के लिए तीन-चार दिन शेष है. सारे चिकित्सक थकहार चुके है तबीयत में सुधार होने की किसी तरह गुंजाइश नहीं है. इसके बाद महिला ने डाक्टरों से कहा कि वो अपने पति के अंश का एक बच्चा चाहती है, इसके लिए पति के स्पर्म की जरुरत होती है. महिला ने काफी अनुरोध किया कि लेकिन डाक्टरों ने अपनी असमर्थता जताई, इसके बाद महिला ने गुजरात हाई कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर गुहार लगाई. महिला ने कहा कि मेरे पास सिर्फ 24 घंटे बचे है, माई लार्ड- मुझे पति का स्पर्म दिलाने की कृपा करे. गुजरात के बड़ौदा जिले में एक अजीब मामला है, जो काफी विचारणीय है. इस मामले में महिला ने गुजरात हाई कोर्ट में मातृत्व सुख पाने के लिए याचिका दाखिल की है. जिसमें कहा है कि मेरे पति वेंटीलेटर पर है, शायद वे कभी नहीं आए, मातृत्व सुख के लिए मेडिकल कानून इसकी इजाजत नहीं देता, हमने प्यार की अंतिम निशानी के रुप में मुझे पति के अंश के रुप में उनका स्पर्म दिलाए जाए.

Advertisement
Advertisement
[metaslider id=15963 cssclass=””]

Advertisement
Advertisement
WhatsApp Image 2020-06-13 at 7.45.22 PM
IMG-20200108-WA0007-808x566
WhatsApp Image 2020-06-13 at 7.45.22 PM (1)
WhatsApp_Image_2020-03-18_at_12.03.14_PM_1024x512
previous arrow
next arrow
Advertisement

Leave a Reply

spot_img

Must Read

Related Articles

Don`t copy text!