Supreme-court-hearing-jpsc-Examination- सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार से पूछा, राज्य बने हुए 21 साल हो गए और जेपीएससी की परीक्षा सिर्फ छह, आखिर ऐसा क्यों, जबकि हर साल परीक्षा होना चाहिए

राशिफल


रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) परीक्षा-2021 में उम्र सीमा निर्धारित करने वाले मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में हुई. सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी कर पूछा है, पिछले 5 वर्षों से जेपीएससी कोई परीक्षा आयोजित क्यों नहीं हुई. ऐसी परिस्थिति में क्या प्रतिवादी एक बार के लिए उम्र सीमा में छूट देने को तैयार है. मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस एएस बोपन्ना की खंडपीठ ने की. अब इसकी अगली सुनवाई 21 सितम्बर को होगी. (नीचे भी पढ़े)

इधर,सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता रोहित राठी और झारखण्ड हाईकोर्ट के वरीय अधिवक्ता अजीत कुमार, अपराजिता भारद्वाज और अधिवक्ता कुमारी सुगन्धा ने प्राथियों की ओर से पक्ष रखा. अधिवक्ता अजीत कुमार ने बताया कि झारखंड सरकार ने पिछले 21सालों में अब तक सिर्फ 6 परीक्षाएं ही ली है.विदित हो कि झारखंड हाईकोर्ट की ओर से पारित आदेश के खिलाफ प्रार्थियों ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल किया था. (नीचे भी पढ़े)

प्रार्थी अमित कुमार एवं रीना कुमारी ने याचिका दायर की थी. इससे पहले 25 अगस्त को झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन व जस्टिस एसएन प्रसाद की खंडपीठ ने प्रार्थियों की अपील यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि उम्र की सीमा का निर्धारण करना सरकार का अधिकार है. इसलिए एकल पीठ के आदेश में हस्तक्षेप करने की आवश्यकता नहीं है. नियमानुसार प्रत्येक साल राज्य की सिविल सेवा की परीक्षा ली जानी चाहिए, लेकिन जेपीएससी ने चार साल के रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए एक साथ ही विज्ञापन जारी किया है. ऐसा करने से कई वैसे अभ्यर्थी वंचित हो गए, जिन्हें पहले विज्ञापन से आवेदन करने की उम्मीद थी.

Must Read

Related Articles