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tata-leadge-meeting-टाटा लीज के 59 सबलीज जमीन पर 7 मार्च को सरकार ने बुलायी अहम बैठक, बड़े महलों और होटलों को रेगुलराइज कर सकती है सरकार, सरयू राय ने मुख्य सचिव को लिखा पत्र, सबलीज के रेगुलराइज के साथ सरकार 86 बस्तियों पर भी फैसला करें, टाटा लीज के सबलीज पर भी बसे मकानों के डेविएशन को भी क्या रेगुलराइज करेगी सरकार ?

राशिफल

जमशेदपुर : जमशेदपुर में टाटा लीज के 59 सबलीज के मामले में राज्य सरकार 7 मार्च को अहम बैठक बुलायी है. इस बैठक में 59 सबलीज को रेगुलेट किया जा सकता है और इस पर बड़ा फैसला सरकार ले सकती है. 59 सबलीज को जायज करार देने को लेकर सरकार फैसला ले सकती है. इस बैठक को लेकर जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिखा है. इस पत्र में सरयू राय ने कहा है कि उनको सूचना मिली है कि जमशेदपुर में टाटा सब लीज के मामले पर विचार करने के लिये आगामी 7 मार्च को सरकार एक बैठक बुला रही है. संभवतः सब लीज मामले में हुई अनियमितता को नियमित करना बैठक का मुख्य विषय होगा. अब तक जितनी पड़ताल इस मामले में हुई है सबमें यही पाया गया है कि 59 सब लीज में राजस्व नियमों का उल्लंघन हुआ है. सबसे पहले 2008 में मैंने यह विषय ध्यानाकर्षण सूचना के माध्यम से झारखंड विधानसभा में उठाया था. तबसे अब तक के बीच इस बारे में उच्चस्तरीय समिति की रिपोर्ट आई, उच्च न्यायालय का निर्णय आया, पू० सिंहभूम के उपायुक्त ने और कोल्हान के कमिश्नर ने सरकार को जाँच प्रतिवेदन दिया. सबने पाया कि इसमें अनियमितता हुई है. सब लीज के अधिकांश भूखंडों पर बड़ी इमारतें खड़ा हो गई हैं, बड़े होटल और मॉल बन गये हैं. सरकार भी इस बारे में ठोस निर्णय लेने से बचती रही है. प्रसन्नता का विषय है कि सरकार इस समस्या का निपटारा करने के लिये बैठक बुला रही है. इस अवसर पर श्री राय ने सरकार का ध्यान इसी से मिलती जुलती जमशेदपुर की एक गम्भीर समस्या की ओर आकृष्ट की है. यह समस्या सब लीज की समस्या से भी पुरानी है. यह भी सबलीज के समरूप अनियमितता का मामला है. 2005 में टाटा लीज़ समझौता का नवीकरण करते समय जमशेदपुर में टाटा लीज़ की क़रीब 1750 एकड़ ज़मीन पर बसी बस्तियों को सरकार ने लीज़ से अलग कर दिया. इन बस्तियों के वाशिन्दे इसके पहले से मालिकाना हक़ की मांग कर रहे थे. इसी तरह झारखंड सरकार की भूमि पर भी जमशेदपुर में कतिपय बस्तियां बस गई हैं. इन्हें भी नियमित करने और मालिकाना हक़ देने की मांग सब लीज मामले के पहले से चल रही है. श्री राय ने अनुरोध किया है कि 59 सब लीज पर बुलाई गई बैठक में सरकार जमशेदपुर की इन बस्तियों को नियमित करने और उन्हें मालिकाना अधिकार देने पर विचार होना चाहिये. इसके पहले सरयू राय ने अपनी पहल से इस बारे में इस स्तर पर दो बार बैठक हो चुकी हैं. राजस्व सचिव स्तर पर भी उनके साथ एक बैठक हो चुकी है. पर समाधान अभी भी लंबित है. श्री राय ने कहा है कि 59 सबलीज मामले के साथ बस्तियों के मालिकाना पर भी बात होना न्याय संगत होगा.
टाटा लीज के सबलीज पर बसी है कई बस्तियां, जिनकी बिल्डिंग को भी रेगुलराइज करने पर क्या सरकार करेगी विचारॉ
टाटा लीज की जमीन पर सबलीज पर कई बस्तियां बस चुकी है. यह सबलीज की बस्तियां है, जो बकायदा लीज के लिए पैसे चुकाते है और करीब 80 सालों से भी अधिक समय से लोग यहां रह रहे है. ऐसी बस्तियों और घरों के मकानों का डेविएशन किया गया है यानी मकान जितना जमीन में आवंटित किया गया है, उसको बढ़ा दिया गया है. अब सवाल इस पर यह हो रहा है कि जब अनियमित ऐसी बिल्डिंग को जब सरकार नियमित कर सकती है तो फिर सबलीज पर बसे मकानों को भी नियमित करने पर सरकार क्यों नहीं विचार कर रही है. इसको लेकर अंदर ही अंदर सुगबुगाहट शुरू हो चुकी है.

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